तत्काल सस्पेंड करो...ग्वालियर में भूमिपूजन करने गए मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा अफसरों पर भड़के
मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा शुक्रवार 10 अप्रैल को ग्वालियर में सड़क का भूमिपूजन करने पहुंचे थे, लेकिन अफसरों की गैरमौजूदगी पर वे नाराज हो गए। वार्ड-52 में हुए इस कार्यक्रम में नगर निगम का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं आया। मौके पर केवल एक पंप ऑपरेटर ही मौजूद था।
मंत्री लेवल का व्यक्ति
इस घटना का वीडियो (narayan singh kushwaha video) सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री गुस्से में नजर आ रहे हैं। मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने गुस्से में आकर मौके से ही नगर निगम आयुक्त संघप्रिय को फोन किया। कहा कि एक मंत्री लेवल का व्यक्ति यहां बैठा है, लेकिन कोई अधिकारी नहीं आया ये सीधी बेइज्जती है।
मंत्री के फोन करने के बाद नगर निगम आयुक्त ने जोनल अधिकारी सौरभ शाक्य को तुरंत निलंबित (जोनल अधिकारी निलंबित) कर दिया। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय जनकार्य विभाग होगा, जबकि उनका अतिरिक्त काम उपयंत्री बृजेश राजपूत को सौंपा गया है।
जोनल अफसर नालायक है
मंत्री कुशवाहा गुस्से में कहने लगे ये क्या मजाक है। यहां तो सिर्फ पंप ऑपरेटर खड़ा है। जोनल ऑफिसर को तुरंत हटा दो। अगर नहीं हटा सकते तो मुझे बताओ मैं आपसे बात नहीं करूंगा। जोनल अफसर नालायक है, मैंने पहले भी कह चुका हूं।
जोनल अफसर के खिलाफ शिकायतें
जांच में यह सामने आया कि जोनल अफसर के खिलाफ कई शिकायतें आई थीं। आरोप था कि उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय पर समाधान नहीं किया।
वार्ड-55 में बिना अनुमति सड़क की खुदाई पर कोई कार्रवाई नहीं की और क्षेत्र का नियमित निरीक्षण नहीं किया। इसके अलावा भूमिपूजन की जानकारी मिलने के बावजूद वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।
ग्वालियर में जनप्रतिनिधियों की अनदेखी
ऐसा नहीं है कि इस प्रकार का मामला पहली बार आया हो। इससे पहले भी ग्वालियर में जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के मामले सामने आ चुके हैं। नगर निगम परिषद की बैठकों में पार्षद इस पर हंगामा कर चुके हैं।
अफसरों के रवैये को लेकर यह मुद्दा विधानसभा तक पहुंच चुका है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी सदन में कह चुके हैं कि अधिकारी उनकी बात भी नहीं सुनते।
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