ग्वालियर में इलेक्ट्रॉनिक गोदाम में लगी आग, 10 करोड़ का सामान जलकर खाक

Aman Vaishnav | Jul 26, 2026, 10:30 IST
ग्वालियर में इलेक्ट्रॉनिक गोदाम में लगी आग
ग्वालियर के मुरार में बंशीपुरा स्थित इलेक्ट्रानिक्स गोदाम में भीषण आग लग गई। 100 से अधिक फायर ब्रिगेड और एयरफोर्स की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। हादसे में 10 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है

समझें क्या है पूरा मामला...

  • ग्वालियर के मुरार स्थित बंशीपुरा में एक गोदाम में शनिवार शाम आग लग गई।
  • यह गोदाम इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और फर्नीचर से भरा था।
  • यहीं से सेना की कैंटीन को भी सामान भेजा जाता है।
  • फायर ब्रिगेड के साथ सेना के जवान भी बचाव में जुटे।
  • साढ़े चार घंटे बाद भी सिर्फ 70 प्रतिशत आग ही बुझ सकी।

बता दें कि शनिवार की शाम करीब चार बजे अचानक गोदाम से आग की लपटें उठने लगी थी। देखते ही देखते आग ने पास के शेडों को भी अपनी चपेट में ले लिया।



धुआं इतना गाढ़ा और काला था कि आसपास के लोग तुरंत सतर्क हो गए। सेना के जवानों ने फायर ब्रिगेड को तुरंत सूचना दी।



आग इतनी तेज थी कि शहर के हर हिस्से से उसकी लपटें दिखाई दे रही थीं। लोगों के बीच यही चर्चा रही कि आखिर शहर में क्या हो गया। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।



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टीन शेड बना बाधा

फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और पानी की बौछार शुरू हुई, लेकिन टीन शेड होने की वजह से पानी अंदर तक नहीं पहुंच पा रहा था।



इसके बाद बैकहो लोडर मशीन बुलाकर शेड तोड़े गए। शेड टूटते ही आग की भयानक लपटें बाहर निकलीं। इसके बाद ही सही तरीके से बचाव कार्य शुरू हो सका।



पहले ग्वालियर नगर निगम की 11 फायर ब्रिगेड गाड़ियां और 10 टैंकर मौके पर पहुंचे। इसके बाद सेना के फायर टैंकर भी बुलाए गए, लेकिन ढाई घंटे की मेहनत के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका।



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एयरफोर्स को भी बुलाना पड़ा

आग की भयावहता को देखते हुए बानमोर, मुरैना और भिंड की फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया। इतना ही नहीं, एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड गाड़ियां भी मौके पर पहुंचीं।



कुल मिलाकर 100 से ज्यादा गाड़ियों ने पानी की बौछार की। साथ ही करीब 600 लीटर फोम का इस्तेमाल भी किया गया।



इसके बावजूद साढ़े चार घंटे बाद तक सिर्फ 70 प्रतिशत आग ही बुझ पाई थी। देर रात तक बचाव कार्य जारी रहा। दरअसल गोदाम में प्लास्टिक, धातु और कंप्रेसर गैस जैसा सामान भरा था। इसी वजह से आग बार-बार भड़क रही थी।



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अधिकारी और नेता पहुंचे मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान खुद मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बचाव कार्य का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। इसके अलावा पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित व्यापारी से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।



प्रशासन के मुताबिक आग लगने का प्राथमिक कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।



किसका था गोदाम

बता दें कि यह गोदाम इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी प्रदीप गुप्ता और उनके पार्टनरों का था। परमानंद श्रीवास और अमित अग्रवाल भी इस कारोबार में साझेदार हैं। इनका व्यापार समृद्धि इलेक्ट्रॉनिक्स के नाम से चलता है।



एक बीघा जमीन पर बने इस परिसर में पांच टीन शेड थे। इनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्नीचर रखा जाता था। यह जमीन मुरार निवासी नरेश खंडेलवाल से किराए पर ली गई थी।



प्रदीप गुप्ता के पास सेना की कैंटीन में सामान सप्लाई करने का ठेका भी है। इसी गोदाम से कैंटीनों को सामान भेजा जाता था। कुछ दूरी पर बाबा इलेक्ट्रॉनिक्स नाम से एक और दुकान भी है, जहां सिविल एरिया में बिक्री होती है।



इस आग से करीब 10 करोड़ रुपए से ज्यादा का सामान जलकर राख हो गया।



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