ग्वालियर पुलिस का बड़ा एक्शन : साइबर ठगी का भंडाफोड़, एमपी-यूपी-बिहार के 10 ठग गिरफ्तार

Sanjay Dhiman | May 25, 2026, 10:45 IST
Photograph: (the sootr)
ग्वालियर पुलिस ने मोतीझील इलाके में छापा मारकर ऑनलाइन सट्टे और साइबर ठगी करने वाले इंटरस्टेट गैंग के 10 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 42 एटीएम कार्ड, 23 मोबाइल और लैपटॉप जब्त हुए हैं, जिनसे ये म्यूल अकाउंट्स के जरिए करोड़ों का फ्रॉड चला रहे थे।

ग्वालियर पुलिस ने बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के मोतीझील इलाके में एक बड़ा ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर फ्रॉड रैकेट पकड़ लिया है। यह गिरोह मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और बिहार में सक्रिय था। आरोपियों ने लोगों को गेम और सट्टे में फंसाकर पैसा अपने म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर किया। पुलिस ने मौके पर कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया।



गिरोह का तरीका

आरोपी लोगों को ऑनलाइन गेम्स और सट्टा के जाल में फंसाते थे। कम निवेश पर अधिक फायदा दिखाते और जैसे ही खिलाड़ी बड़ी रकम जीतता, पैसा नहीं देते। इसके बाद वह राशि म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दी जाती।



दूसरों के नाम पर खुलवाते थे फर्जी बैंक खाते

इस पूरे गिरोह की सबसे बड़ी चालाकी यह थी कि वे ठगी के पैसे अपने खुद के बैंक खातों में कभी नहीं मंगाते थे। इसके लिए उन्होंने ग्रामीण और गरीब लोगों को कुछ रुपयों का लालच देकर उनके नाम पर भारी संख्या में 'म्यूल अकाउंट्स' ले रखे थे।



पकड़े गए बदमाश, जो बिहार, यूपी व एमपी के शहर से ताल्लुक रखते हैं। - Dainik Bhaskar


एटीएम से तुरंत निकालते थे पूरा कैश

जैसे ही किसी पीड़ित से ठगी गई रकम या सट्टे का पैसा इन फर्जी खातों में आता था, ये गैंग एक्टिव हो जाता था। आरोपी बिना समय गंवाए अलग-अलग एटीएम मशीनों से पूरा पैसा कैश निकाल लेते थे। इस तरह वे अवैध पैसे को तुरंत रोटेट कर ठिकाने लगा देते थे।



पुलिस को क्या मिला

पुलिस ने रेड में ये सामान जब्त किया:

  • 23 एंड्रॉइड फोन
  • 3 हाई-टेक लैपटॉप और चार्जर
  • 42 एटीएम कार्ड
  • 13 पासबुक और 8 चेकबुक
  • 1 पेटीएम स्वाइप मशीन और 1 पेटीएम क्यूआर स्कैनर
  • 1 बिना नंबर वाली स्कॉर्पियो
  • अन्य दस्तावेज और सट्टेबाजी से जुड़ी सामग्री
ऑनलाइन गैबलिंग का कॉल सेंटर चलाने वाले बदमाश।


आरोपियों से 23 मोबाइल, 42 एटीएम कार्ड व अन्य सामाग्री मिली।


गिरफ्तार आरोपी

  1. पवन उर्फ गोलू यादव, बुंदेला कॉलोनी, दतिया
  2. देवेन्द्र यादव उर्फ देवा, शिवनगर कॉलोनी, ग्वालियर
  3. मिथुन कुमार, पटना (बिहार)
  4. पुनीत बघेल, आगरा (उत्तर प्रदेश)
  5. चंदन कुमार, बांका (बिहार)
  6. संतोष राजभर, आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश)
  7. रिशु, पटना (बिहार)
  8. गोलू, पटना (बिहार)
  9. सागर कुमार, बिहटा (बिहार)
  10. विकास गुप्ता, पटना (बिहार)

आगे की कार्रवाई

पुलिस अब इन खातों की जांच कर रही है। संबंधित बैंकों को पत्र भेजकर खातों को फ्रीज किया जाएगा। नेशनल साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की मदद से पता लगाया जाएगा कि इन खातों का इस्तेमाल और कहां ठगी में हुआ।



क्राइम ब्रांच के थाना प्रभारी अमित कुमार ने कहा कि यह रैकेट ऑनलाइन सट्टेबाजी में फंसाकर लोगों से पैसा ठग रहा था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।



FAQ

  1. ग्वालियर पुलिस द्वारा पकड़ा गया यह गिरोह किस तरह काम करता था?
    यह गिरोह सोशल मीडिया के जरिए लोगों को ऑनलाइन गेमिंग और क्रिकेट सट्टे में कम पैसे लगाकर ज्यादा कमाई का लालच देता था। पैसे जीतने के बाद यह गिरोह यूजर को ब्लॉक कर उसका पैसा हड़प लेता था।
  2. साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले 'म्यूल अकाउंट्स' क्या होते हैं?
    म्यूल अकाउंट्स का मतलब उन बैंक खातों से होता है जो ठग किसी गरीब या सीधे-साधे व्यक्ति को थोड़े से पैसों का लालच देकर अपने कब्जे में ले लेते हैं, ताकि पुलिस की पकड़ से दूर रहकर अवैध पैसों का लेन-देन कर सकें।
  3. अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो उसे क्या करना चाहिए?
    अगर आपके साथ कोई भी ऑनलाइन या साइबर फ्रॉड होता है, तो बिना देर किए सरकार के आधिकारिक नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं या टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें।

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ऑनलाइन सट्टेबाजी पर पुलिस की कार्रवाई



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