ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसा: मृतकों के परिजनों को मिलेगी नौकरी,आउटसोर्सिंग पर रखेगा नगर निगम
बता दें कि हाल ही में ग्वालियर नगर निगम परिषद की बैठक हुई थी। इसमें में शीतला माता मंदिर हादसे (Sheetla Mata Temple Accident) को लेकर गहन चर्चा हुई थी। इसी बैठक में हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक प्रस्ताव रखा गया था। इस प्रस्ताव पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही दलों के पार्षदों ने एकमत होकर अपनी सहमति दी।
बैठक में फैसला हुआ कि हर मृतक परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिलेगी। यह नौकरी नगर निगम में आउटसोर्सिंग के आधार पर दी जाएगी। हादसे में घायल लोगों को भी आर्थिक मदद और इलाज की सुविधा मिलेगी। नगर निगम सभापति मनोज सिंह तोमर ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसका मकसद पीड़ित परिवारों को सहारा देना है।
महापौर ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
दूसरी ओर नगर निगम की बैठक में महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने हादसे की जगह की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने सवाल पूछा कि जब शीतला माता मंदिर वाले रास्ते पर दोपहिया और चारपहिया वाहन तक ले जाने की अनुमति नहीं थी, तो इतना बड़ा ट्रक वहां तक कैसे पहुंच गया?
उन्होंने कहा कि इस घटना में बड़ी सुरक्षा चूक हुई है। महापौर ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। इससे भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को दोबारा होने से रोका जा सकेगी।
कैसे और कब हुआ यह दर्दनाक हादसा?
दरअसल यह खौफनाक हादसा 18 अक्टूबर की देर रात करीब 1:30 बजे हुआ था। चीनौर रोड पर स्थित ढलान के पास सैकड़ों श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में दर्शन करने के लिए सड़क किनारे लाइन में खड़े थे। इसी दौरान चीनौर की तरफ से आ रहा धान से भरा एक तेज रफ्तार ट्रक खतरनाक ढलान पर बेकाबू हो गया।
जानकारी के अनुसार ट्रक का ड्राइवर गूगल मैप का इस्तेमाल करके गाड़ी चला रहा था। ढलान पर नियंत्रण खोने के बाद ट्रक पुलिस चेकपोस्ट को तोड़ते हुए सड़क किनारे खड़े श्रद्धालुओं को कुचलता चला गया। इसके बाद ट्रक मंदिर के बाहरी गेट और दीवार से जा टकराया। इससे मंदिर की दीवार ढह गई और कई लोग मलबे में दब गए।
हादसे में नुकसान और पुलिस की कार्रवाई
- कुल मौतें: 16 लोगों की जान गई।
- घायलों की संख्या: 42 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 2 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
- अस्पताल में इलाज: सभी घायलों को तुरंत जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- ड्राइवर का बयान: पुलिस गिरफ्त में आए ट्रक ड्राइवर ने बताया कि ढलान पर अचानक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया था।
- गिरफ्तारी: पुलिस ने ट्रक ड्राइवर और ट्रक मालिक दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
- प्रशासनिक एक्शन: राज्य सरकार ने लापरवाही के आरोप में सिटी एसपी को हटा दिया है। इसके साथ ही 4 थाना प्रभारियों (TI) समेत कुल 8 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
FAQ
1. ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसे में नगर निगम ने क्या बड़ा फैसला लिया है?
नगर निगम परिषद ने शोक प्रस्ताव पास करते हुए हादसे में मारे गए सभी 16 लोगों के परिवारों के एक-एक सदस्य को नगर निगम में आउटसोर्सिंग पर नौकरी देने का फैसला किया है। साथ ही घायलों को भी पूरी मदद देने का भरोसा दिया गया है।
2. ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसा कैसे हुआ था?
यह हादसा 18 अक्टूबर की देर रात करीब 1:30 बजे चीनौर रोड पर हुआ। धान से भरा एक बेकाबू ट्रक 90 डिग्री के ढलान पर ब्रेक फेल होने के कारण पुलिस चेकिंग तोड़ते हुए लाइन में लगे श्रद्धालुओं को कुचलता हुआ मंदिर की दीवार से टकरा गया। ट्रक ड्राइवर गूगल मैप का इस्तेमाल कर रहा था।