ग्वालियर में SSB जवान ने पत्नी की छाती पर पैर रख गला घोंटा, रात भर शव के पास सोया, गांव जाकर बोला- हार्ट अटैक से हुई मौत
त्योहार की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब मामूली बात पर हुए झगड़े और शक के चलते उसने अपने दो मासूम बच्चों के सामने ही जीवनसंगिनी का गला घोंट दिया।
एसएसबी जवान ने पत्नी का गला घोंटा
जानकारी के अनुसार आरोपी ज्ञान सिंह भिंड जिले के छौंदा गांव का रहने वाला है। रविवार के दिन उसके पिता अपनी बीमारी का इलाज कराने के लिए भिंड से ग्वालियर आए थे। इलाज पूरा होने के बाद पत्नी रिंकी जाटव ने अपने ससुर को वापस गांव छोड़ने की बात कही। इसी बात पर पति-पत्नी के बीच बहस शुरू हो गई।
ज्ञान सिंह अपने पिता को गांव छोड़कर रविवार की रात जब वापस ग्वालियर लौटा, तब उसने देखा कि रिंकी मोबाइल फोन पर किसी से बात कर रही थी। फोन पर बात करते देख ज्ञान सिंह के मन में शक पैदा हो गया। उसने रिंकी के चरित्र पर सवाल खड़े किए और दोनों के बीच फिर से झगड़ा शुरू हो गया।
जमीन पर पटका और दबा दिया गला
घर में हुआ यह विवाद कुछ ही पलों में खूनी खेल में बदल गया। आरोप है कि गुस्से में आकर ज्ञान सिंह ने रिंकी को जमीन पर पटक दिया। इसके बाद उसने रिंकी की छाती पर अपना पैर रखा और उसका गला घोंट दिया।
जिस वक्त यह खौफनाक वारदात हुई, उस वक्त घर में उनका 14 साल का बेटा दीपू और 12 साल की बेटी प्रियांशी मौजूद थे। दोनों बच्चों ने अपनी आंखों से अपनी मां को तड़पते और दम तोड़ते देखा। पत्नी की हत्या करने के बाद आरोपी पति बिल्कुल नहीं घबराया। उसने पत्नी के शव को बेडरूम में रखा और पूरी रात उसी कमरे में शव के पास सोता रहा।
ससुराल वालों से बोला- हार्ट अटैक आया था
सोमवार सुबह करीब 6 बजे आरोपी ने शव को अपनी कार में रखा और सीधे अपने पैतृक गांव छौंदा पहुंच गया। गांव पहुंचकर उसने रिंकी के मायके भीरमपुरा में रहने वाले अपने साले सचिन जाटव को फोन किया। उसने झूठ बोलते हुए कहा कि रिंकी को अचानक दिल का दौरा पड़ा था। इससे उसकी (हार्ट अटैक से मौत) मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही मायके वाले तुरंत गांव पहुंचे। वहां जब परिजनों ने रिंकी के शरीर और घुटनों पर गंभीर चोटों के निशान देखे, तो उन्हें शक हो गया। परिजनों ने जब इस पर सवाल-जवाब किए, तो आरोपी ज्ञान सिंह ने अपनी सर्विस पिस्टल निकालकर सभी को जान से मारने की धमकी दी।
मासूम बेटी की हिम्मत से खुला हत्या का राज
आरोपी ने अपनी 12 साल की बेटी प्रियांशी को भी डराया-धमकाया था कि अगर उसने मुंह खोला तो अंजाम बहुत बुरा होगा। इसके बावजूद बच्ची ने हिम्मत नहीं हारी। उसने चुपके से अपने मामा सचिन के पास जाकर रोते हुए सारी सच्चाई बता दी। बेटी ने बताया कि मां फोन पर बात कर रही थीं, तभी पापा आए और शक के चलते उन्हें मार डाला।
बेटी का बयान सामने आते ही और खुद को फंसता देख आरोपी ज्ञान सिंह गांव से भाग निकला। इसके बाद दिनभर हंगामे की स्थिति बनी रही। स्थानीय पुलिस की सलाह पर परिजन सोमवार देर रात शव को लेकर ग्वालियर के मुरार थाने पहुंचे।
मुरार थाना प्रभारी गोविंद बल्लभ बगोली के अनुसार, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए डेड हाउस में रखवा दिया है। चश्मदीद बच्चों के बयानों के आधार पर हत्या का केस दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।