ग्वालियर कलेक्ट्रेट में महिला का ड्रामा, 60 फीट ऊंची टंकी पर चढ़ी और दी ये धमकी

Jitendra Shrivastava | Apr 21, 2026, 17:43 IST
Photograph: (thesootr)
GWALIOR. ग्वालियर में महिला भूरी खान 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई। हाथ में पेट्रोल लेकर आत्मदाह की धमकी दी। अब पुलिस-प्रशासन मौके पर जाकर उसे मनाने की कोशिश कर रहा है।

News In Short

  • महिला 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ी।
  • हाथ में पेट्रोल लेकर आत्मदाह की धमकी दी।
  • पति और दो बच्चों की मौत से टूटी महिला।
  • पुलिस-प्रशासन मौके पर, मनाने की कोशिश जारी।

News In Detail

ग्वालियर कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार दोपहर एक महिला ने हाई वोल्टेज ड्रामा (High-Voltage Drama) किया। महिला भूरी खान 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई।



उसके हाथ में पेट्रोल की बोतल थी और वह आत्मदाह की धमकी (Self-Immolation Threat) दे रही थी। जनसुनवाई में मदद न मिलने पर उसने यह कदम उठाया।



ग्वालियर में टंकी पर चढ़ी महिला

ग्वालियर के कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार दोपहर अफरा-तफरी मच गई। करीब 3:30 बजे महिला भूरी खान पांच मंजिला टंकी पर चढ़ गई। यह टंकी लगभग 60 फीट ऊंची है। उसके हाथ में पेट्रोल की बोतल थी। उसने आत्मदाह की धमकी (Self-Immolation Threat) दी।



महिला पहले कलेक्टर की जनसुनवाई में आई थी। वहां उसे तुरंत कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद उसने यह खतरनाक कदम उठाया। देखते ही देखते परिसर में भीड़ जमा हो गई। पूरे इलाके में तनाव फैल गया।



पति और बच्चों की मौत से टूटी महिला

महिला भूरी खान की कहानी बेहद दर्दनाक है। उसके पति और दो बच्चों की मौत हो चुकी है। इस दोहरे दुख ने उसे अंदर से तोड़ दिया है। परिवार के सहारे के बिना वह आर्थिक रूप से पूरी तरह बिखर चुकी है।



भूरी खान ने जिला प्रशासन से 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता (Financial Help) मांगी है। उसका कहना है कि इस मदद के बिना जीना मुश्किल है। उसने चेतावनी दी कि मांग न मानी गई तो जान दे देगी। यह एक असहाय महिला की पुकार है। उसकी बात सुनना प्रशासन की जिम्मेदारी है।



जनसुनवाई में नहीं मिला न्याय

महिला ग्वालियर जनसुनवाई (Gwalior Jan Sunwai) में न्याय की उम्मीद लेकर आई थी। कलेक्टर कार्यालय में उसने अपनी फरियाद रखी। लेकिन उसे तत्काल कोई राहत नहीं दी गई।



निराश और टूटी हुई महिला ने आखिरकार यह कदम उठाया। उसने पेट्रोल की बोतल उठाई और पानी की टंकी पर चढ़ गई। यह घटना सवाल उठाती है कि जनसुनवाई में आए पीड़ितों को क्या वाकई न्याय मिलता है। हर दिन सैकड़ों लोग प्रशासन के पास मदद मांगने आते हैं। उनकी सुनवाई समय पर होनी चाहिए।



भीषण गर्मी में बढ़ी चिंता

घटना के वक्त ग्वालियर में भीषण गर्मी (Extreme Heat) थी। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर था। 60 फीट की ऊंचाई पर खड़ी महिला की हालत को लेकर चिंता और बढ़ गई। तेज धूप और गर्म हवा के बीच टंकी पर रहना खतरनाक था। प्रशासन की टीम के लिए यह स्थिति और भी संवेदनशील बन गई। हर पल की देरी महंगी पड़ सकती थी।



पुलिस-प्रशासन मौके पर तैनात

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। ग्वालियर प्रशासन (Gwalior Administration) ने महिला को समझाने की कोशिश शुरू की। अधिकारी उसे शांत करने और नीचे उतारने का प्रयास कर रहे थे।



परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई थी। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। अधिकारी सतर्क थे और किसी भी अनहोनी को रोकने में जुटे थे। यह मामला प्रशासनिक संवेदनशीलता की बड़ी परीक्षा था।



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