हैलोवीन पार्टी के 'भूत' अक्षय बम का परिवार 17 साल पुराने केस में फंसा

Sanjay Gupta | Oct 18, 2024, 11:44 IST
कांति बम
कांग्रेस को छोड़कर लोकसभा चुनाव में बीजेपी में आए अक्षय कांति बम हाल-फिलहाल एमजीएम की किंग एडवर्ड बिल्डिंग में हुई हैलोवीन पार्टी को लेकर अभी खासे चर्चा में हैं।

कांग्रेस को छोड़कर लोकसभा चुनाव में बीजेपी में आए अक्षय कांति बम हाल-फिलहाल एमजीएम की किंग एडवर्ड बिल्डिंग में हुई हैलोवीन पार्टी को लेकर अभी खासे चर्चा में हैं। द सूत्र ने ही उनके पार्टी में होने का सबूत के साथ खुलासा किया था। अब एक नया खुलासा द सूत्र करने जा रहा है। अक्षय बम और उनके परिवार के सदस्य 17 साल पुराने मामले में मुश्किलों में फंस गया है।



इसलिए मुश्किल में फंस रहा बम परिवार

अक्षय और उनके पिता कांतिलाल बम पर पहले ही जिला कोर्ट ने 17 साल पुराने केस में हत्या के प्रयास की धारा 307 बढ़ाने के आदेश दे दिए थे। इस मामले में कोर्ट ने पुलिस को आगे और जांच करने के आदेश दिए थे। यह जांच हो चुकी और कोर्ट में चालान पेश हो गया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मुकेश धवल ने बताया कि इसमें अब आरोपियों में केवल अक्षय और कांति लाल बम नहीं बल्कि अक्षय की बहन रश्मि बाफना और एक अन्य रिशतेदार पूनम बाफना भी आरोपी बनेगी। इसकी रिपोर्ट आ गई है और न्यायालय ने डीजे सर को कमिटल (कोर्ट चालान) कर दिया है। अब 11 नवंबर को सुनवाई में चार्ज फ्रेम होंगे।



धोखाधड़ी की धाराएं भी बढ़ेंगी, गिरफ्तारी होगी

अधिवक्ता धवल ने बताया कि इसके साथ ही इसमें 307 की धारा के अतिरिक्त अब धोखाधड़ी की आईपीसी धाराएं 420, 406, 409 औऱ् 120 बी की भी धाराएं बढ़ाई जाएंगी। हमने आगे जांच कर इन धाराओं को बढ़ाने की मांग की थी। कोर्ट ने पुलिस को जांच के आदेश दिए। पुलिस ने इसमें सभी दस्तावेज देखने, मुख्य गवाह रिंकू वर्मा के बयान के बाद अपनी रिपोर्ट में इन धाराओं को बढ़ाने और आरोपी बढ़ाने की बात कही है। इन धाराओं के बढ़ने का मतलब है कि अक्षय बम, उनके पिता के साथ ही अन्य सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होना।



यह है पूरा केस

साल 2007 का केस है। इसमें फरियादी यूनूस पटेल का कहना है कि उनसे अक्षय व पिता कांति बम ने जमीन का सौदा किया और 50 लाख रुपए बयाना देना था। लेकिन यह राशि नहीं दी और जमीन पर कब्जे का प्रयास किया। इसके लिए वह सिक्यूरिटी एजेंसी मालिक सतबीर के साथ कुछ लोगों को लेकर खेत पर आ गए, खेत में आग लगा दी और कांति बम के कहने पर सतबीर ने उन पर गोली चला दी, लेकिन वह बच गए।



इस मामले में खजराना थाने में केस दर्ज हुआ लेकिन यह धारा 307 नहीं लगाई गई। लोकसभा चुनाव के पहले इसमें फरियादी की ओर से कोर्ट में याचिका लगी जिसमें पाया गया कि मुख्य गवाह रिकूं वर्मा के बयान ही नहीं हुए और केवल मामूली धारा147, 148, 149, 323 व 294 में केस दर्ज कर दिया गया। इसके बाद कोर्ट ने इसमें अक्षय व पिता कांति बम पर 307 हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाने के आदेश दिया। वहीं याचिकाकर्ता के अधिवक्ता धवल ने इसमें 173(8) के तहत आगे जांच करने और धाराएं बढ़ाने के आवेदन दिया। इस पर आदेश हुए और पुलिस ने जांच की, मुख्य गवाह के बयान लिए। इसके बाद इसमें आरोपियों में रश्मि बम व पूनम बाफना का नाम भी जोड़ा जा रहा है और धाराएं भी बढ़ाई जा रही है। इसके लिए रिपोर्ट पेश हो गई है।



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