लिपिकों को सर्विस रिकॉर्ड बिगड़ने का डर, छुट्टी के दिन सता रहा हमारे शिक्षक एप
समझें क्या है पूरा मामला...
- स्कूल शिक्षा विभाग ने लिपिकों की हाजिरी एप से दर्ज करने का आदेश दिया है।
- यह नियम 1 जुलाई 2026 से लागू हुआ है।
- वहीं एप में तकनीकी गड़बड़ी सामने आ गई है।
- प्रदेश के लिपिकों का कार्य सप्ताह पांच दिन का है।
- इसके बाद भी एप छह दिन हाजिरी मांग रहा है।
छुट्टी के दिन भी हाजिरी जरूरी
बता दें कि लिपिक संवर्ग का काम सोमवार से शुक्रवार तक तय है। शनिवार को इन्हें अवकाश मिलता है। लेकिन हमारे शिक्षक एप में शनिवार को भी कार्यदिवस दिखाया जा रहा है।
इस वजह से छुट्टी के दिन भी कई लिपिकों की अनुपस्थिति दर्ज हो गई। यह गलती सीधे उनकी सर्विस रिकॉर्ड पर असर डाल सकती है।
परेशान कर्मचारियों ने अपनी शिकायत ऊपर तक पहुंचाई है। उन्होंने संकुल प्राचार्यों से इस बारे में बात की है। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारियों को भी सूचित किया गया है। कर्मचारियों की मांग है कि जल्द से जल्द सुधार हो।
दफ्तर और स्कूल में अलग-अलग स्थिति
जानकारी के अनुसार गड़बड़ी की जड़ एप की सेटिंग में है। विभागीय कार्यालयों में तैनात लिपिकों के लिए शनिवार अवकाश दिख रहा है।
वहीं हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के संकुल केंद्रों में तैनात लिपिकों के लिए स्थिति अलग है। यहां शनिवार कार्यदिवस के तौर पर दर्ज हो रहा है।
इसी अंतर के कारण एक जैसे पद पर काम करने वाले कर्मचारियों की हाजिरी अलग-अलग तरीके से दर्ज हो रही है। कुछ की छुट्टी सही दिख रही है। वहीं कुछ की अनुपस्थिति गलत तरीके से लग रही है। यह भेदभाव कर्मचारियों को नागवार गुजर रहा है।
पुराने आदेश का हवाला
लिपिक संवर्ग ने सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश का हवाला दिया है। यह आदेश 20 दिसंबर 2022 को जारी हुआ था। इसके अनुसार शासकीय कार्यालयों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है। यानी शनिवार और रविवार दोनों दिन अवकाश तय है।
लेकिन शिक्षकों और लिपिकों की सेवा शर्तें एक जैसी नहीं हैं। दोनों के अवकाश नियम भी अलग-अलग बनाए गए हैं। हमारे शिक्षक एप मूल रूप से शिक्षकों के लिए तैयार किया गया मॉड्यूल है। इसी मॉड्यूल से लिपिकों की हाजिरी दर्ज करने पर यह टकराव सामने आया है।
रिकॉर्ड बिगड़ने की आशंका
कर्मचारियों को डर है कि यह गड़बड़ी उनके सेवा रिकॉर्ड को प्रभावित कर सकती है। बार-बार अनुपस्थिति दर्ज होने से वेतन कटौती का खतरा भी बना रहता है।
इसीलिए लिपिक संवर्ग ने एप में अलग व्यवस्था बनाने की मांग रखी है। उनका कहना है कि शिक्षकों और लिपिकों के लिए अलग मॉड्यूल जरूरी है।
विभाग ने क्या कहा
वहीं विभागीय अधिकारियों ने इसे तकनीकी खामी बताया है। उनका कहना है कि यह गलती जल्द ठीक कर दी जाएगी। हालांकि अभी तक इसकी कोई तय समयसीमा सामने नहीं आई है। कर्मचारी लगातार इस सुधार का इंतजार कर रहे हैं।
ये खबरें भी पढ़िए...
सांदीपनि विद्यालय में एडमिशन की मारामारी, विधायक-कलेक्टर से हो रही सिफारिशें
एमपी टीईटी विवाद: 70 हजार शिक्षकों को पात्रता परीक्षा से बचाने सरकार जाएगी SC
MP शिक्षक भर्ती में बड़ा अपडेट: 5017 चयनित शिक्षकों को मिली जॉइनिंग
12 साल बाद जागे शिक्षक को ग्वालियर हाईकोर्ट ने दिया बड़ा झटका, नई याचिका खारिज