आज हनुमान जयंती पर जरूर करें एमपी के इन प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन, दूर होंगे सारे कष्ट
आज 2 अप्रैल 2026 को पूरे देश में हनुमान जन्मोत्सव की धूम है। इस बार ये पर्व बेहद खास है, क्योंकि गुरुवार के दिन हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है।
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, ऐसा शुभ अवसर साधकों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है और हनुमान जी की कृपा बनी रहती है। इस खास मौके पर मध्यप्रदेश के हर कोने में भी भक्ति की लहर है।
मध्यप्रदेश के प्रमुख मंदिरों में कहीं बजरंगबली डॉक्टर बनकर बीमारियां हर रहे हैं, तो कहीं सैनिक रूप में रक्षा कर रहे हैं। राजधानी भोपाल से लेकर इंदौर और उज्जैन तक, आज हनुमान जी का जन्मोत्सवभक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
भक्तों के कष्ट हरने के लिए संकटमोचन का आज विशेष शृंगार और पूजन किया जा रहा है। आइए, हनुमान जयंती पर प्रदेश के उन प्रमुख मंदिरों के दर्शन करें जहां बजरंगबली के अलग-अलग और अद्भुत रूप विराजमान हैं।
खेड़ापति हनुमान मंदिर, भोपाल
राजधानी के इस 45 साल पुराने मंदिर में एक विशेष मनोकामना शिला मौजूद है। भक्त यहां पत्थर पर अपनी इच्छाएं लिखते हैं। माना जाता है कि बाबा उन्हें जरूर पूरा करते हैं। आज यहां अखंड रामायण पाठ और भव्य भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।
पितरेश्वर हनुमान, इंदौर
इंदौर के पितृ पर्वत पर अष्टधातु से बनी हनुमान जी की 108 टन वजनी विशाल प्रतिमा स्थापित है। यह देश की सबसे ऊंची बैठी हुई हनुमान प्रतिमा मानी जाती है, जहां पितृ दोष शांति के लिए भक्त दूर-दूर से आते हैं। आज रात यहां शानदार लाइट एंड साउंड शो का आयोजन भी होगा।
रणजीत हनुमान, इंदौर
दुनिया का यह इकलौता मंदिर है जहां हनुमान जी हाथ में ढाल-तलवार लिए युद्ध की मुद्रा में विराजमान हैं। भक्त अपनी जीत, मुकदमे या परीक्षाओं में सफलता की दुआ लेकर यहां बाबा के चरणों में शीश नवाते हैं। आज बाबा का विशेष केसरिया शृंगार किया गया है और दिनभर भजनों की धूम रहेगी।
अर्जी वाले हनुमान, जबलपुर
जबलपुर के ग्वारीघाट स्थित इस 100 साल पुराने मंदिर में भक्त अपनी मन्नतें नारियल में बांधकर लटकाते हैं। यहां साल में केवल एक बार मिलने वाले बाल रूप के दर्शन के लिए भक्तों की मीलों लंबी कतार लगती है। अर्जी लगाने वाले भक्तों का विश्वास है कि यहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता।
मंशापूर्ण हनुमान, ग्वालियर
ग्वालियर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे स्थित यह 300 साल पुराना मंदिर आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां पिछले 26 वर्षों से बिना रुके अखंड रामायण का पाठ चल रहा है, जो आज भी जारी है। आज जन्मोत्सव पर भगवान को 56 भोग लगाया जा रहा है और विशेष मेला लगा है।
गेबी हनुमान, उज्जैन
उज्जैन के ढाबा रोड पर स्थित गेबी हनुमान जी का शृंगार सिंदूर की जगह हिंगलू और चमेली के तेल से किया जाता है। यहां बुरी नजर और बीमारी से मुक्ति के लिए काला धागा हनुमान जी को स्पर्श कराकर बच्चों को पहनाया जाता है। यहां गुड़-चने का प्रसाद चढ़ाने की विशेष धार्मिक परंपरा है।
डॉक्टर हनुमान, भिंड
भिंड के दंदरौआ धाम में हनुमान जी डॉक्टर के रूप में पूजे जाते हैं, जो असाध्य रोगों को दूर करते हैं। मान्यता है कि यहां की भभूत और दर्शन मात्र से गंभीर बीमारियां भी ठीक हो जाती हैं। आज यहां करीब 1.5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जहां भारी भंडारा चल रहा है।
परेड वाले हनुमान, सागर
सागर के छावनी क्षेत्र में स्थित इस मंदिर में हनुमान जी मूंछों वाले सैनिक रूप में दर्शन देते हैं। लोककथा है कि एक भक्त सैनिक की जगह खुद हनुमान जी ने परेड में हाजिरी दी थी। यहां के दर्शन मात्र से भक्तों में साहस और वीरता का संचार होता है।
बलवारी हनुमान, धार
मनावर के बलवारी में हनुमान जी की 900 साल पुरानी और 12 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा मौजूद है। आज जन्मोत्सव पर भगवान को बेहद कीमती डायमंड मुकुट पहनाकर भव्य शृंगार किया गया है। यहां की प्राचीन मूर्ति को बेहद चमत्कारी और संकट हरने वाली माना जाता है।
ट्रैफिक अलर्ट
अगर आप भोपाल में हैं, तो ध्यान दें कि पुराने शहर में शोभायात्राओं के कारण नादरा बस स्टैंड और छोला रोड के रूट बदले गए हैं। जाम से बचने के लिए लालघाटी या वीआईपी रोड का इस्तेमाल करना बेहतर होगा।
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