लुधियाना में हनुमंत कथा: धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर विवाद, पंजाब के शाही इमाम बोले- माफी मांगें, क्रिश्चियन लीडर अल्बर्ट दुआ ने भी जताई नाराजगी
लुधियाना में धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की टिप्पणियों पर पंजाब के शाही इमाम नाराज हैं। उन्होंने माफी की मांग की है। क्रिश्चियन यूनाइटेड फेडरेशन के प्रेजिडेंट अल्बर्ट दुआ भी नाराज हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
लुधियाना में 26 सितंबर से पांच दिवसीय श्री हनुमंत कथा चल रही है। कथा में शास्त्री ने कथित तौर पर दोनों धर्मों को लेकर टिप्पणियां कीं। शाही इमाम मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने माफी मांगने को कहा है। ऐसा न होने पर उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। अल्बर्ट दुआ ने पूरे क्रिश्चियन समुदाय को लुधियाना में जुटने को कहा है।
शाही इमाम ने क्या कहा?
इमाम ने शास्त्री के नाम संदेश जारी किया। पहले उन्होंने लुधियाना में आने पर स्वागत किया। फिर कथा की कुछ बातों को नफरत भरा बताया।
नफरत भरी बातों पर इमाम का जवाब
इमाम के मुताबिक शास्त्री ने मंच से कहा, भैया को सैंया बना लेते हैं। इमाम ने इसे इस्लाम पर नापाक इशारा बताया। उनका कहना है कि इस्लाम में इसकी कोई गुंजाइश नहीं।
गुरु नानक की धरती का हवाला
इमाम ने गुरु नानक देव जी और बाबा फरीद का नाम लिया। नबी खां और गनी खां को भी याद किया। उन्होंने कहा कि यह धरती भाईचारे का संदेश देती है। ऐसी जगह नफरत का प्रचार करना नाकाम कोशिश है।
शास्त्री ने कथा में लुधियाना के पागलो कहा था। इमाम ने इस पर एतराज जताया। उन्होंने कहा कि लुधियाना से ज्यादा समझदार लोग शायद भारत में कहीं नहीं हैं। चीन का मजाक उड़ाने पर भी इमाम ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा, आप जिस कैमरे के सामने बोलते हैं, वह भी चीन का है।
अल्बर्ट दुआ की चेतावनी
दुआ का कहना है कि शास्त्री ने हलेलुइया पर गलत टिप्पणी की। हलेलुइया ईसाई समुदाय का पवित्र शब्द है। उनके अनुसार समुदाय के लोग फोन कर शिकायत करने लगे थे।
ईसाई नेता ने क्यों मांगा संयम?
दुआ ने कहा कि लुधियाना का हल लुधियाना में ही निकलेगा। आंदोलन की बातें पूरे पंजाब में चल रही हैं। उन्होंने कहा कि फैसला कल लिया जाएगा।
क्रिश्चियन समुदाय पर धर्मांतरण के आरोप भी लगते रहे हैं। दुआ के मुताबिक कभी 25 लाख रुपए का आरोप लगता है। कभी प्रलोभन का आरोप लगता है। उन्होंने कहा कि समुदाय ने कभी किसी से नफरत नहीं की।
शास्त्री ने कथा में क्या कहा?
सवाल यह है कि विवाद की जड़ क्या है। दूसरे दिन शास्त्री ने सनातनियों से कहा कि उन्हें भटकने की जरूरत नहीं। उनके मुताबिक हनुमान जी किसी से कम नहीं हैं। फिर उन्होंने हली-उल्लाह वालों के पास जाने की जरूरत पर सवाल उठाया। दुआ इसे हलेलुइया पर टिप्पणी मानते हैं।
अभिमान नहीं, स्वाभिमान की बात
शास्त्री ने कहा कि लोग उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग करते हैं। उनके मुताबिक उन्होंने कुछ लोगों की दुकानों पर ताले लगवा दिए। इसी वजह से उनका विरोध होता है। उन्होंने दरबार का सामना करने आने वालों को भी कड़ी चेतावनी दी। यह चेतावनी भी अब चर्चा में है।
पहले तीन दिन कथा में क्या रहा?
सोचिए, तीन दिन में कथा कितने मोड़ से गुजरी। 26 सितंबर को शास्त्री ने पंजाब में नशा और धर्मांतरण रोकने की बात कही। 27 सितंबर को उन्होंने वीआईपी एंट्री बंद कर दी। उन्होंने कहा कि भगवान के दरबार में कोई छोटा या बड़ा नहीं है।
28 सितंबर को कथा के दूसरे दिन शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वाले मिशनरियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वे झूठे चमत्कार दिखाने वालों की दुकानें बंद कराने आए हैं।
- लुधियाना में धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर विवाद क्यों हुआ है?
लुधियाना में धीरेंद्र शास्त्री ने धार्मिक टिप्पणियां कीं, जिससे पंजाब के शाही इमाम नाराज हो गए और उन्होंने माफी की मांग की। - शाही इमाम ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
शाही इमाम मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि शास्त्री की टिप्पणियों में नफरत है और माफी नहीं मिलने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। - क्रिश्चियन यूनाइटेड फेडरेशन का क्या कहना है?
क्रिश्चियन यूनाइटेड फेडरेशन के प्रेजिडेंट अल्बर्ट दुआ ने कहा कि शास्त्री की टिप्पणियां धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं और उन्होंने समुदाय से संयम बरतने की अपील की।