MP से निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, कांग्रेस की आपत्तियां खारिज

Amresh Kushwaha | Nov 05, 2026, 17:23 IST
मध्यप्रदेश से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुने गए।
Union Minister Hardeep Singh Puri was elected unopposed to the Rajya Sabha from Madhya Pradesh.
मध्यप्रदेश की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुन लिए गए हैं। हालांकि, उनके निर्वाचन को लेकर कांग्रेस ने कई सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का दावा था कि पुरी के नामांकन और शपथपत्र में 100 से ज्यादा कमियां हैं, लेकिन निर्वाचन अधिकारी ने सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया है।

अब कांग्रेस इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।



राज्यसभा में बदला भाजपा-कांग्रेस का समीकरण

हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध चुने जाने के बाद मध्यप्रदेश की राज्यसभा सीटों का गणित बदल गया है। प्रदेश की कुल 11 राज्यसभा सीटों में अब भाजपा के 10 और कांग्रेस का एक सदस्य है। इससे पहले भाजपा के पास 9 और कांग्रेस के पास 2 सीटें थीं।



हाईकोर्ट जाएगी कांग्रेस

उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने निर्वाचन अधिकारी के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही Election Petition यानी चुनाव याचिका दायर की जा सकती है। पुरी को निर्वाचित घोषित किए जाने के बाद अब कांग्रेस की लीगल टीम हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगी।



पुरी के नामांकन में कांग्रेस ने बताईं 100 से ज्यादा कमियां

कांग्रेस ने हरदीप सिंह पुरी के नामांकन और शपथपत्र में 100 से ज्यादा कमियां होने का दावा किया था। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और निर्दलीय उम्मीदवारों ने दस्तावेजों की जांच के दौरान कई आपत्तियां दर्ज कराईं।



इनमें शपथपत्र में पत्नी के नाम का जिक्र नहीं होने, विदेशी संपत्तियों की जानकारी अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक में देने, जेनेवा स्थित संपत्ति और विदेशी बैंक खातों के विवरण से जुड़े सवाल शामिल थे। इसके अलावा नोटरी सत्यापन और शपथपत्र को प्रमाणित करने की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई गई थी।



रिटर्निंग ऑफिसर उमेश कुमार शर्मा ने पुरी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया। इसके बाद दस्तावेजों की जांच की गई और सभी आपत्तियां खारिज कर दी गईं। निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, नामांकन में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों का कोई उल्लंघन नहीं पाया गया।



दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन खारिज

इस उपचुनाव में कांग्रेस ने निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी को समर्थन दिया था। उन्होंने कांग्रेस विधायकों के समर्थन से नामांकन भरा था, लेकिन जरूरी Form-26 शपथपत्र नहीं लगाने के कारण उनका पर्चा खारिज कर दिया गया।



लोहानी ने दस्तावेजों की कमी पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय भी मांगा था, लेकिन निर्वाचन अधिकारी ने इसकी अनुमति नहीं दी। वहीं, दूसरे निर्दलीय उम्मीदवार कांते सायन्ना का नामांकन भी अधूरी जानकारी के कारण निरस्त हो गया। इसके बाद हरदीप सिंह पुरी अकेले वैध उम्मीदवार बचे और निर्विरोध निर्वाचित हो गए।



एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी सीट

राज्यसभा की यह सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उन्होंने 14 अक्टूबर को राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू की।



भाजपा ने 28 अक्टूबर को हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। इसके बाद उन्होंने 31 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और अन्य नेताओं की मौजूदगी में विधानसभा पहुंचकर Nomination दाखिल किया था।



कौन हैं हरदीप सिंह पुरी?

हरदीप सिंह पुरी का जन्म 15 फरवरी 1952 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स और एमए की पढ़ाई की। साल 1974 में वे भारतीय विदेश सेवा में शामिल हुए। इसके बाद 2009 से 2013 तक संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि रहे।



पुरी ने 2014 में भाजपा की सदस्यता ली। वे 2019 से 2021 के बीच नागरिक उड्डयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और वाणिज्य मंत्री रहे। मई 2021 में उन्हें पेट्रोलियम मंत्री बनाया गया। वे 2018 से राज्यसभा सदस्य हैं और उनका मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होना है।

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