साध्वी हर्षानंद का आरोप- कुछ संत प्रवचन रोकने की कर रहे कोशिश
News in Short
- हर्षानंद ने सात दिवसीय देवी प्रवचन किए।
- प्रवचन रोकने के प्रयास विफल।
- युवतियों को तलवारबाजी और घुड़सवारी सलाह।
- सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से साध्वी बनी।
News in Detail
मॉडल से साध्वी बनी हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि ने उज्जैन लक्ष्मीपुरा में सात दिवसीय देवी प्रवचन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि कुछ संत उनके प्रवचन रोकने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन मां भगवती के आशीर्वाद से वे डटी रहीं। भीषण गर्मी में भी भारी श्रद्धालु पहुंचे।
प्रवचन रोकने की कोशिशें विफल
हर्षानंद गिरि ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों से उनके प्रवचन रोकने के प्रयास किए गए। उन्होंने कहा कि मां भगवती का आशीर्वाद उन्हें रोक नहीं सकता। शुरुआती तीन दिन सामान्य थे, लेकिन श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण चौथे दिन से समय कम किया गया।
श्रद्धालुओं की लगी भीड़
108 कुंडीय यज्ञ के दौरान हर्षानंद ने सात दिनों तक प्रवचन दिए। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल में उमड़े। हर्षानंद ने विरोध के बावजूद पंडाल दो बार बढ़वाया। उन्होंने इसे मां भगवती की इच्छा और नारी शक्ति का समर्थन बताया।
युवतियों के लिए विशेष प्रशिक्षण
समापन कार्यक्रम में करणी सेना की ओर से युवतियों को तलवारें बांटी गई। उपलब्धता कम होने के बावजूद 11 युवतियों को तलवार सौंपी गई। हर्षानंद ने युवतियों को लव जिहाद से सतर्क रहने, परिवार और सनातन परंपरा के प्रति समर्पित रहने की शपथ दिलाई। साथ ही तलवारबाजी, घुड़सवारी और शस्त्र प्रशिक्षण की सलाह दी।
संन्यास और आध्यात्मिक गतिविधियां
करीब एक माह पहले हर्षा रिछारिया ने पंचायती निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर से संन्यास लिया। अब उन्होंने स्वामी हर्षानंद गिरि नाम अपनाया और आध्यात्मिक प्रवचन कर रही हैं। वे निरंजनी अखाड़े के वरिष्ठ शिष्यों में से हैं और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में सक्रिय हैं।
कौन हैं हर्षा रिछारिया ?
हर्षा रिछारिया का परिवार झांसी, उत्तर प्रदेश का मूल निवासी है। उनके पिता बस कंडक्टर हैं और मां बुटीक चलाती हैं। उनके भाई कपिल प्राइवेट जॉब करते हैं। हर्षा ने पहले स्टेज एंकर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में काम किया। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उनके 10 लाख फॉलोअर्स हैं।
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