पीएचक्यू में अटकी हॉकफोर्स की तबादला फाइल, पोस्टिंग के इंतजार में अधिकारी
समझें क्या है पूरा मामला
- 20 डीएसपी की पोस्टिंग 6 माह से PHQ में अटकी है।
- हॉकफोर्स में एक साल की तैनाती पूरी हो चुकी है।
- सिपाही और एसआई की बदली पोस्टिंग, डीएसपी को इंतजार।
- जिलों में खाली पड़े पद, बालाघाट में फुरसत में बैठे अधिकारी।
- गृह विभाग कर रहा पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव का इंतजार।
बालाघाट में नक्सल इलाके की ड्यूटी पूरी कर चुके 20 से ज्यादा डीएसपी अफसर नई पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। नियम के तहत इनकी तैनाती एक साल की थी। मगर अब 18 से 20 महीने हो गए हैं। यानी 8 महीने ज्यादा ड्यूटी हो चुकी है। फिर भी पुलिस मुख्यालय ने फाइल आगे नहीं बढ़ाई।
सिपाही और सब इंस्पेक्टर का तबादला हो गया। उन्हें इनाम भी मिला। पर डीएसपी रैंक के अफसर अब भी बालाघाट में खाली बैठे हैं। जिलों में कई पद खाली हैं। हॉकफोर्स में राज्य पुलिस सेवा के अफसर एक साल रहते हैं। इसके बाद उन्हें जिले में भेजा जाता है।
20 अधिकारियों की फाइल अटकी
नक्सल फ्री बालाघाट में हॉकफोर्स में तैनात राज्य पुलिस सेवा के अफसर पीएचक्यू की बेरुखी का शिकार हैं। डीएसपी रैंक के 20 से ज्यादा अधिकारियों की तैनाती को 18 से 20 महीने हो चुके हैं। यानी हॉकफोर्स में इनकी साल भर की तैनाती छह से आठ महीने ज्यादा हो चुकी है।
वहीं सशस्त्र पुलिस अभियान के बाद बालाघाट भी नक्सल फ्री घोषित किया जा चुका है। इस स्थिति में हॉकफोर्स में इन अधिकारियों की तैनाती का कोई उद्देश्य नहीं रह गया है। अधिकारियों के ट्रांसफर की फाइल छह माह पहले ही पुलिस मुख्यालय पहुंच चुकी हैं। हांलाकि फाइल आगे क्यों नहीं बढ़ी यह सामने नहीं आया है।
सिपाही, एसआई को नई पोस्टिंग
हॉकफोर्स यूनिट में सब इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मियों की तैनाती दो साल के लिए होती है जबकि राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी एक वर्ष के लिए पदस्थ किए जाते हैं। बीते बैच में यूनिट में तैनात किए गए सिपाही से लेकर सब इंस्पेक्टर की पोस्टिंग बदली जा चुकी है।
नक्सल मूवमेंट में शामिल पुलिसकर्मियों को आउटऑफ टर्म प्रमोशन और अवार्ड भी मिल चुके हैं। अब केवल राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी ही नई पोस्टिंग के इंतजार में शेष रह गए हैं। हॉकफोर्स से इनकी सेवाएं वापस लेकर जिलों और विभिन्न पुलिस इकाइयों को सौंपी जानी हैं लेकिन पुलिस मुख्यालय अब तक निर्णय नहीं ले पाया है।
गृह विभाग को फाइल का इंतजार
हॉकफोर्स में तैनात डीएसपी रैंक के अफसरों की नई पोस्टिंग के लिए पुलिस मुख्यालय भोपाल में छह महीनों से हलचल है। इसको लेकर प्रशासन शाखा से लेकर डीजीपी ऑफिस के बीच भी फाइल पर चर्चा हो चुकी है।
पुलिस मुख्यालय से राज्य पुलिस सेवा के इन अधिकारियों की नई पदस्थापना के प्रस्ताव गृह विभाग भेजे जाने हैं। गृह विभाग भी इस फाइल का इंतजार कर रहा है। गृहमंत्री कार्यालय भी इन अधिकारियों की जानकारी तलब कर चुका है। इसके बाद भी राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की फाइल पीएचक्यू से बाहर नहीं आ सकी है।
अब एक साथ सूची आने का इंतजार
प्रदेश में तबादला सीजन शुरू हो चुका है। पुलिस विभाग में भी अधिकारियों- कर्मचारियों के ट्रांसफर की कवायद तेज हो गई है। पुलिस मुख्यालय ने जिलों और विभिन्न इकाइयों में कार्यरत राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के तबादलों की तैयारी कर ली है।
प्रदेश भर में 120 से ज्यादा डीएसपी, सीएसपी, एसडीओपी पदों पर कार्यरत अधिकारियों की पदस्थापना सूची पीएचक्यू से जारी होने का इंतजार है। बताया जा रहा है कि हॉकफोर्स में छुट्टी काट रहे अधिकारियों के नाम भी इस सूची में शामिल हो सकते हैं और उन्हें जल्दी नई पदस्थापना मिल जाएगी।
जिलों में असर, पद खाली
इन डीएसपी के न आने से कई जिलों में काम रुक गया है। एसडीओपी के पद खाली हैं। जांच और कानून व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। बालाघाट अब नक्सल मुक्त है। वहां हॉकफोर्स की जरूरत नहीं है। फिर भी अफसरों को रोका गया है। यह बड़ी लापरवाही है। वहीं PHQ का कहना है कि जल्द लिस्ट जारी होगी।
FAQ
- हॉकफोर्स डीएसपी की पोस्टिंग में देरी क्यों हो रही है?
हॉकफोर्स डीएसपी की पोस्टिंग फाइल 6 महीने से PHQ में अटकी है। नियम से इनकी एक साल की ड्यूटी पूरी हो चुकी है। अब 18 से 20 महीने हो गए हैं। PHQ से गृह विभाग को प्रस्ताव नहीं भेजा गया। इसलिए देरी हो रही है। सिपाही और एसआई का तबादला हो चुका है। - हॉकफोर्स डीएसपी पोस्टिंग का नियम क्या है?
नियम के तहत राज्य पुलिस सेवा के अफसर हॉकफोर्स में सिर्फ एक साल रहते हैं। इसके बाद उन्हें जिले या यूनिट में भेजा जाता है। सिपाही और सब इंस्पेक्टर की ड्यूटी दो साल की होती है। अभी 20 डीएसपी 8 महीने ज्यादा ड्यूटी कर चुके हैं। यह नियम के खिलाफ है। - हॉकफोर्स डीएसपी की पोस्टिंग कब तक होगी?
अभी तबादला सीजन चल रहा है। PHQ में 120 से ज्यादा अफसरों की लिस्ट बन रही है। उम्मीद है कि हॉकफोर्स डीएसपी के नाम भी इसमें होंगे। लिस्ट जारी होने के बाद गृह विभाग मंजूरी देगा। इसके बाद नई पोस्टिंग मिल जाएगी। तारीख अभी तय नहीं है।
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