विश्व स्वास्थ्य दिवस: खराब लाइफस्टाइल से युवा हो रहे बीमार, बढ़ रही बीपी-शुगर और किडनी की बीमारी

Aman Vaishnav | Apr 07, 2026, 09:01 IST
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आजकल कामकाजी युवा तेजी से गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। खराब जीवनशैली के कारण बीपी, शुगर और हृदय रोग बढ़ रहे हैं। किडनी से जुड़ी समस्याओं का प्रतिशत भी एक साल में करीब 5% से बढ़कर 8% तक पहुंच गया है।

आज, 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के दिन यह जानना बेहद जरूरी है कि भागदौड़ भरी जिंदगी में हमारे कामकाजी युवाओं की सेहत का ग्राफ तेजी से गिर रहा है।



गलत खान-पान, पानी की कमी और तनावपूर्ण जीवनशैली के कारण नई उम्र के युवा अब उन गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, जो पहले केवल बुढ़ापे में देखी जाती थीं।



खासकर किडनी से जुड़ी समस्याएं अब युवाओं में चिंताजनक रूप से बढ़ रही हैं, जो सीधे तौर पर हमारी बदलती आदतों का परिणाम है। आइए विस्तार से समझते हैं कि कैसे हमारी छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़े स्वास्थ्य संकट को दावत दे रही हैं।



हजारों लोग रोज बीमार

कामकाजी उम्र के लोग अब तेजी से बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। बीपी, डायबिटीज, हृदय रोग और एंग्जायटी जैसी समस्याएं अब कम उम्र के लोगों में भी बढ़ती जा रही हैं।



विशेषज्ञों का कहना है कि अगर काम का बोझ, स्क्रीन टाइम, खानपान और नींद में संतुलन नहीं सुधरेगा, तो अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम नहीं होगी।



MYH ( महाराजा यशवंतराव अस्पतालइंदौर)के ओपीडी के आंकड़े इस बदलाव को साफ दिखाते हैं। पिछले दो सालों में लगभग 1 करोड़ 78 लाख नए मरीज बढ़े हैं। देखा जाए तो रोजाना औसतन तीन हजार लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।



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हृदय और किडनी से जुड़ी बीमारियां

अगर अभी भी हम अपनी आदतों को नहीं बदलते, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। कम उम्र में ही क्रॉनिक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।



इससे हृदय और किडनी से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ सकती हैं। इससे कामकाजी उम्र में हमारी सेहत लगातार गिरती जाएगी और हमें इलाज पर अधिक खर्च करना पड़ेगा। यह न केवल हमारी सेहत, बल्कि हमारी आर्थिक स्थिति पर भी बुरा असर डाल सकता है।



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किडनी से जुड़े मामले हर साल बढ़ रहे

पहले बीपी, डायबिटीज और हृदय रोग 50 साल के बाद के लोगों में ही आम माने जाते थे। अब ये समस्याएं 30 से 45 साल के लोगों में तेजी से बढ़ रही हैं। इसका मतलब है कि ये बीमारियां अब जल्दी शुरू हो रही हैं और शरीर को लंबे समय तक परेशान कर रही हैं।



किडनी से जुड़े मामलों में गड़बड़ी का प्रतिशत भी एक साल में करीब 5% से बढ़कर 8% तक पहुंच गया है। यानी हर साल ये बीमारियां और मरीज 3% की दर से बढ़ रहे हैं।



एक युवा मरीज का हाथ अस्पताल में, नस में दवा की शीशी के साथ | Premium फोटो


युवा मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही

डॉक्टर्स के अनुसार बदलती लाइफस्टाइल का सबसे ज्यादा असर अब किडनी से जुड़ी बीमारियों पर दिख रहा है। फास्ट फूड का ज्यादा सेवन, दिनभर कम पानी पीना, धूम्रपान और शराब की आदतें हमारे शरीर पर बुरा असर डाल रही हैं।



इन आदतों के कारण किडनी स्टोन और दूसरी गंभीर बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं, और अब युवा मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।



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FAQ

  1. क्या युवाओं में हृदय रोग का खतरा बढ़ गया है?
    हां, आजकल युवाओं में हृदय रोग तेजी से बढ़ रहा है। 30 साल की उम्र में भी हार्ट अटैक आ रहे हैं। तनाव और खराब भोजन इसकी सबसे बड़ी वजह हैं।

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