पिछले चार साल में अप्रैल सबसे ज्यादा गर्म, यूपी का बांदा दुनिया में नंबर एक पर, MP के ये शहर सबसे गर्म
अभी जेठ का महीना शुरू होने में चार दिन बाकी हैं, लेकिन वैशाख ने अपनी तपिश से लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। सोमवार 27 अप्रैल को उत्तरप्रदेशके बांदा में तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा।
अप्रैल में भीषण गर्मी, तोड़ा चार साल का रिकॉर्ड
इस साल अप्रैल में अब तक देश के अलग-अलग हिस्सों में लगभग 45 बार तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ है। ये 2022 के बाद से सबसे ज्यादा है।
मतलब ये कि इस बार अप्रैल का महीना पिछले चार साल में सबसे गर्म रहा है। भोपाल का मौसम भी कुछ ऐसा ही रहा है। सोमवार को यहां का तापमान 43.4 डिग्री था जो इस सीजन में पहली बार 43 डिग्री को पार किया।
केंद्र ने सभी राज्यों को दिए आदेश
केंद्र ने हाल ही में सभी राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को आदेश दिए हैं। सभी राज्य अपने स्वास्थ्य केंद्रों में खास हीट स्ट्रोक प्रबंधन इकाइयां शुरू करें।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने इस बारे में सभी राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के मुख्य सचिवों को एक पत्र भी लिखा है।
सबसे गर्म शहरों में एमपी भी शामिल
मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश के 18 जिलों में लू चल रही है। खजुराहो 46 डिग्री के साथ सबसे गर्म शहर रहा है जो देश में 7वें नंबर पर आया है।
प्रदेश के छह शहर देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे हैं। इनमें खजुराहो, नौगांव, दतिया, श्योपुर, रीवा और सीधी शामिल हैं।
वहीं मंगलवार 28 अप्रैल को 18 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया गया है। ग्वालियर-चंबल संभाग में भीषण गर्मी की संभावना है। भोपाल में भी तापमान 44 डिग्री तक पहुंच सकता है।
मौसम विशेषज्ञ बोले हीट डोम जैसी स्थिति
मौसम विशेषज्ञ के अनुसार मध्यप्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव नहीं है। साथ ही मध्य भारत में एंटी-साइक्लोन बना हुआ है। राजस्थान-गुजरात से शुष्क गर्म हवाएं आ रही हैं। इन कारणों से हीट डोम जैसी स्थिति बन गई है। इससे गर्म हवा नीचे दब रही है और तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
हल्की बारिश की संभावना
मंगलवार 28 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। इससे तापमान में थोड़ी कमी आएगी।
वहीं विक्षोभ का असर खत्म होते ही मई के पहले हफ्ते से तापमान फिर बढ़ेगा। लू का असर फिर से बढ़ेगा। इसके अलावा बांदा का रिकॉर्ड (47.6°) के बाद, मई में राजस्थान और यूपी के कुछ इलाकों में तापमान 48-50 डिग्री तक पहुंच सकता है।
हीट स्ट्रोक यूनिट्स क्या करेंगी?
केंद्र ने जो हीट स्ट्रोक यूनिट्स सक्रिय करने का आदेश दिया है, वे अस्पताल में एक इमरजेंसी रिस्पॉन्स जोन की तरह काम करेंगी।
हीट स्ट्रोक में शरीर का तापमान 104°F (40°C) से ऊपर पहुंच जाता है। ये यूनिट्स मरीज को बर्फ के पानी से नहलाकर, कूलिंग कंबल या ठंडी हवा से शरीर का तापमान जल्दी कम करती हैं।
इसमें मरीज को तरल पदार्थ देने के लिए ओआरएस और ठंडा पानी दिया जाएगा। साथ ही किडनी और लिवर की निरंतर निगरानी की जाएगी।
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