हेमलता संपत्ति प्रकरण : द सूत्र की खबर पर लगी मुहर, आरोपियों पर आपराधिक मामला दर्ज

Neel Tiwari | Feb 19, 2026, 19:41 IST
Photograph: (the sootr)
डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की संपत्ति विवाद में, द सूत्र की खबर पर मुहर लग गई है। आरोपी दंपत्ति पर अब आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

News in Short

  • 'द सूत्र' ने पहले ही दी थी आपराधिक कार्रवाई की जानकारी
  • एसडीएम जांच में मेमोरियल अस्पताल की मंशा की पुष्टि।
  • दानपत्र में “बिक्री” की कथित शर्त से विवाद गहराया।
  • एम्बुलेंस में लाई गईं डॉ. हेमलता, सहमति पर उठे सवाल।
  • थाना मदन महल में बीएनएस की धाराओं में FIR दर्ज।

Intro

JABALPUR. डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की संपत्ति से जुड़े विवाद में अब वैसा ही हुआ, जैसा 'द सूत्र' ने पहले संकेत दिया था। प्रशासनिक जांच के बाद आखिरकार सुमित जैन और प्राची जैन के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। दानपत्र में हेरफेर और एम्बुलेंस में लाकर दानपत्र रजिस्ट्री की प्रक्रिया अब पुलिस जांच के केंद्र में है।



News in detail

डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की करोड़ों की संपत्ति से जुड़े विवाद में द सूत्र ने पहले ही स्पष्ट संकेत दे दिए थे कि प्रशासनिक जांच के बाद आरोपियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हो सकता है।



हुआ भी वही, पुलिस ने सुमित जैन और प्राची जैन के खिलाफ औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर ली है। इस कार्रवाई के साथ यह साफ हो गया है कि मामला केवल पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि संभावित धोखाधड़ी और कूटरचना का गंभीर प्रकरण है।



मेमोरियल की मंशा, दस्तावेज में ‘बिक्री’ की शर्त

एसडीएम की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि डॉ. हेमलता अपनी संपत्ति पर अपने दिवंगत पति और बेटे की स्मृति में एक मेमोरियल अस्पताल स्थापित करना चाहती थीं, लेकिन दानपत्र में कथित रूप से ऐसी शर्त जोड़ दी गई, जिससे संपत्ति को भविष्य में बेचा जा सके। जांच के दौरान डॉ. हेमलता द्वारा इस प्रकार की किसी अनुमति से इनकार किए जाने की बात भी सामने आई। यही बिंदु पूरे मामले का केंद्र बन गया।



एम्बुलेंस में रजिस्ट्री, गवाहों पर सवाल

जिस दिन दानपत्र निष्पादित हुआ, उस दिन डॉ. हेमलता को एम्बुलेंस के माध्यम से रजिस्ट्री कार्यालय लाया गया था। उनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही थी। इसके बावजूद दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की गई। दानपत्र में उनकी ओर से कोई स्वतंत्र गवाह दर्ज नहीं था, जबकि उनके परिजन मौके पर मौजूद थे। अब जांच सब-रजिस्ट्रार की भूमिका और पूरी प्रक्रिया की वैधता पर भी केंद्रित है।



मृत्यु पूर्व कथन और प्रशासनिक रिपोर्ट बनी आधार

प्रशासनिक जांच में राजस्व अधिकारियों और एसडीएम की रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि हुई। साथ ही, डॉ. हेमलता के मृत्यु पूर्व कथन को भी जांच में अहम आधार माना गया है, जिसमें उन्होंने संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी का साफ बयान diya था। इन्हीं तथ्यों के आधार पर मामला पुलिस तक पहुंचा और अब औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई है।



मदन महल थाने में दर्ज हुआ प्रकरण

मदन महल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 61(2) और 3(5) के तहत सुमित जैन और प्राची जैन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जबलपुर नगर निगम द्वारा विवादित संपत्ति को अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई भी पहले ही की जा चुकी है, जिससे प्रशासन की सख्ती साफ झलकती है।



अब कानूनी कसौटी पर पूरा प्रकरण

द सूत्र द्वारा पहले किए गए खुलासे और प्रशासनिक संकेत अब वास्तविक आपराधिक कार्रवाई में बदल चुके हैं। यह प्रकरण अब न्यायिक प्रक्रिया की कसौटी पर है, जहां दस्तावेजों की सत्यता, सहमति की वैधता और कथित हेरफेर की गहराई से जांच होगी। आने वाले दिनों में पुलिस की विवेचना और संभावित गिरफ्तारी इस बहुचर्चित मामले की दिशा तय करेगी।



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