MP के वेटरनरी डॉक्टरों को HC से बड़ी राहत, मेडिकल डॉक्टरों जैसा मिलेगा समय-आधारित वेतनमान

Neel Tiwari | Jan 14, 2026, 20:35 IST
Photograph: (the sootr)
MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! अब प्रदेश के वेटरनरी डॉक्टरों को मेडिकल-डेंटल डॉक्टरों के बराबर मिलेगा समय-आधारित वेतनमान। भेदभाव खत्म, एरियर भी मिलेगा।

NEWS IN SHORT

  • हाईकोर्ट ने वेटरनरी डॉक्टरों को मेडिकल-डेंटल डॉक्टरों के समान टाइम-स्केल वेतनमान देने का आदेश दिया।
  • अब 5, 10, 15 और 30 वर्ष की सेवा पर पशु चिकित्सकों को भी समान वेतन लाभ मिलेगा।
  • वेतन भेदभाव को अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन माना।
  • सरकार को पिछली अवधि के बकाया एरियर्स का भुगतान करने के निर्देश दिए गए।
  • फैसले से प्रदेश के सभी सरकारी वेटरनरी डॉक्टरों को सीधा आर्थिक लाभ होगा।

NEWS IN DETAIL

JABALPUR. पशु चिकित्सकों को आज एक ऐतिहासिक कानूनी सफलता मिली है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने वेटरनरी डॉक्टरों के पक्ष में समय-आधारित वेतनमान को मेडिकल और डेंटल डॉक्टर्स के समान देने का आदेश सुनाया है। इस फैसले से सरकार और प्रशासन के लंबे समय से चली आ रही भेदभाव की नीति को चुनौती मिली है। पशु चिकित्सा पेशे को भी समान वेतन-कैरियर वृद्धि का अधिकार मिला है।



क्या है पूरा मामला-

यह आदेश जबलपुर निवासी डॉ. विष्णु कुमार गुप्ता और 22 अन्य वेटरनरी डॉक्टरों द्वारा दायर याचिका पर आया। जिनका तर्क था कि वेतन और करियर के मामले में उन्हें मेडिकल-डेंटल पेशे से अलग रखना मनमाना और भेदभाव पूर्ण है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी बताया कि सेवा नियमों के अनुरूप समान काम के बावजूद वेतनमान में असमानता उन्हें पीछे धकेल रही है।



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क्या है समय-आधारित प्रमोशन

समय-आधारित वेतनमान यानी सरकारी सेवाओं में करियर के निश्चित वर्षों पर स्वचालित वेतनवृद्धि। यह वेतनवृद्धि कर्मचारियों को सेवा के 5, 10, 15 और 30 वर्ष पूरे होने पर मिलती है। यह वेतनमान वेतन आयोगों और सरकारी नियमों के अनुसार निर्धारित होता है। कर्मचारियों के प्रमोशन तथा भरण-पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।



इस फैसले के साथ वेटरनरी डॉक्टरों को अब भविष्य में भी समान वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा। सरकारी पशु चिकित्सा सेवाओं में नैतिक संतुलन और कर्मचारी संतुष्टि बढ़ेगी।



वेटरनरी डॉक्टरों की यह रही हैं मांगें

यह निर्णय देशभर में वेटरनरी डॉक्टरों की वर्षों से चली आ रही मांगों का हिस्सा है। यहां प्रमुख मांग ही मेडिकल डॉक्टर्स के समान वेतन-मान की थी। इसके साथ ही Assured Career Progression (ACP) का लाभ मिले। स्थानीय प्रशासन और विभागों में समान सेवा नियम लागू हों।



पंजाब में वेटरनरी डॉक्टरों ने और अन्य राज्यों में भी वेतन-समानता को लेकर विरोध प्रदर्शन हड़तालें की जा रही है। पशु चिकित्सकों का कहना है कि पशु-स्वास्थ्य, सार्वजनिक स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा में उनकी भूमिका उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी मेडिकल डॉक्टरों की है।



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निष्कर्ष

यह हाईकोर्ट निर्णय केवल एक वेतन-न्याय का मामला नहीं है, बल्कि यह सरकारी सेवाओं में समानता का मामला है। अब भारत के पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों को न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य में भी समान भागीदारी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।



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