इंदौर में अवैध होर्डिंग्स पर हाईकोर्ट ने कहा यह दुखद है कि अधिकारी आदेश का पालन नहीं कर रहे
इंदौर में अवैध होर्डिंग्स, पोस्टर, बैनर को लेकर हाईकोर्ट ने अहम आदेश दिए हैं। राजनीतिक एक्टिविस्ट प्रह्लाद पांडे ने इस मामले में याचिका दायर की थी। इसमें बताया गया कि अवैध होर्डिंग्स, पोस्टर को लेकर 29 जुलाई को नगर निगम इंदौर को रिप्रेजेंटेशन दिया था। लेकिन कोई फैसला नहीं लिया गया। इसके पहले भी हाईकोर्ट मध्यप्रदेश द्वारा 2022 में आदेश दिए जा चुके हैं। इनका कोई पालन नहीं किया जा रहा है।
यह अधिकारी आदेश का पालन नहीं कर रहे
इस मामले में हाईकोर्ट जस्टिस संदीप एन भट्ट ने कहा कि यह दुखद है कि कोर्ट ने पहले भी आदेश दिया था। लेकिन रेस्पॉन्डेंट अधिकारी आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। जबकि आदेश का उसकी सही भावना और मंशा के साथ पालन किया जाना चाहिए था। राज्य को निर्देश दिया जाता है कि वह इस मामले को देखे क्योंकि इंदौर में होर्डिंग से जुड़ी दिक्कतों को जल्द से जल्द हल करने की जरूरत है।
मुख्य सचिव को कापी दी जाए
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि इसका प्रदेश के अन्य शहरों में पालन किया जाए। इसलिए शासकीय अधिवक्ता को आगे पालन के लिए कापी दी जाए, जो वह आगे वह मुख्य सचिव को आवश्यक निर्देश और क्रियान्वयन के लिए भेजें।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा
बेंच ने यह भी कहा कि इस मामले पर यह कोर्ट पहले ही फैसला सुना चुका है। यह फैसला जबलपुर में इस कोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा 'आउटडोर एडवरटाइजर्स एसोसिएशन बनाम मध्य प्रदेश राज्य और अन्य' (W.P. No. 27702/2021, तारीख 14.06.2022) के मामले में दिए गए निर्देशों के आधार पर लिया गया था। लेकिन याचिकाकर्ता ने बताया है कि अधिकारियों ने अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
चार सप्ताह में करें फैसला
बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता ने जो रिप्रेजेंटेशन 29 जुलाई को पेश किया है। इस पर इस आदेश की सर्टिफाइड कॉपी मिलने की तारीख से चार हफ़्ते के भीतर फैसला लें।
आठ दिन की थी भूख हड़ताल
उल्लेखनीय है कि अवैध होर्डिंग्स को लेकर मुहिम चलाने पर राजनीतिक एक्टीविस्ट पांडे को कुछ लोगों ने पीटा था। इस पर उन्होंने कहा था कि विधायक गोलू शुक्ला के समर्थकों ने यह मारपीट की है। वहीं बाणगंगा थाने ने भी कार्रवाई नहीं की। इस पर वह आठ दिन तक भूख हड़ताल पर बैठे। बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां पर निगम के अधिकारी ने उन्हें लिखकर दिया कि वह 25 सितंबर से रिमूवल की कार्रवाई करेंगे। इसके बाद हड़ताल तोड़ी गई।