हनी ट्रैप पार्ट टू : पुलिस ने मुख्य षड्यंत्रकारी रेशू चौधरी और श्वेता जैन को माना, मोबाइल फॉरेंसिंक लैब जाएंगे
मध्य प्रदेश का हनी ट्रैप टू का मामला बाहुबली और गोली चलाने के आरोपी हितेंद्र सिंह चौहान उर्फ चिंटू ठाकुर की फरियाद पर खुला है। लेकिन मामले में नेता, अधिकारियों के साथ ही रसूखदारो के होने की आशंका में पुलिस ने इसमें पूरी गोपनीयता से टीम बनाकर कार्रवाई की।
पहले आरोप लेडी शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसका बेटा जयदीप और लाखन चौधरी था। लेकिन इसके बाद क्राइम ब्रांच की जांच के बाद इसमें हनी ट्रैप पार्ट वन की मुख्य आरोपी श्वेता जैन की अहम भूमिका आई। आगे जांच में जैन के साथ ही उसकी चेली सागर की रेशू चौधरी भी अहम किरदार बनी।
मोबाइल को जांच के लिए फॉरेंसिंक लैब भेज रहे
डीसीपी क्राइम राजेश कुमार त्रिपाठी ने सोमवार को कहा कि सभी सातों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। आगे इस जांच में तकनीकी/डिजिटल डेटा जमा किया जा रहा है। जब्त मोबाइल को आगे जांच के लिए फॉरेंसिंक लैब भेजा जा रहा है।
श्वेता और रेशू ही मुख्य षड्यंत्रकारी
त्रिपाठी ने कहा कि रेशू चौधरी और श्वेता जैन इस मामले में दोनों ही ब्लैकमेलिंग के इस केस में मुख्य षड्यंत्रकारी भूमिका में थे। साथ ही यह सलाहकार की भूमिका में भी थे। इसलिए यह आरोपी बने हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी का भी नाम नहीं लिया है और ना ही इस बात की पुष्टि की है कि अभी तक कितने लोगों को ब्लैकमेल कर करोड़ों की राशि उगाही गई है या नहीं। डीसीपी ने कहा कि मामला अभी जांच में हैं। प्रांरभिक तौर पर मामला बिल्डर/कारोबारी चिंटू ठाकुर द्वारा की गई ब्लैकमेलिंग की शिकायत का है।
सातों आरोपी जेल भेजे गए
इस मामले में प्रारंभिक तौर पर एफआईआर में अलका दीक्षित, जयदीप दीक्षित और लाखन चौधरी का नाम था। बाद में इंटेंलीजेंस के कांस्टेबल विनोद शर्मा, भोपाल की श्वेता जैन, सागर की रेशू चौधरी, देवास के जितेंद्र पुरोहित की भी भूमिका मिली और सभी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। अब सभी को जेल भेजा गया है।
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