शादी के नाम पर सौदा: जबलपुर से गुना तक फैले मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश
News in short
- जबलपुर से लापता 16 वर्षीय लड़की को बेचने का मामला सामने आया।
- मंडला, सीहोर और गुना तक फैला अंतरराज्यीय नेटवर्क।
- पूर्व सरपंच निकला गिरोह का मास्टरमाइंड।
- एक लाख में खरीदकर दो लाख में किया गया दोबारा सौदा।
- पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर किया बड़ा खुलासा।
News in detail
जबलपुर में नाबालिग लड़कियों की शादी के नाम पर खरीद-फरोख्त करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पूर्व सरपंच समेत 9 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। 16 वर्षीय लड़की को एक लाख में बेचकर दो लाख में दोबारा सौदा किया गया और जबरन शादी कराई गई।
लापता लड़की से खुला मानव तस्करी का जाल
जबलपुर के घमापुर थाना क्षेत्र से लापता हुई 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के मामले ने एक बड़े मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश कर दिया। यह मामला सिर्फ एक लड़की के गायब होने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जांच के दौरान सामने आया कि शादी के नाम पर मासूम लड़कियों की खरीद-फरोख्त का संगठित गिरोह सक्रिय है, जो राज्यों के बीच नेटवर्क बनाकर इस अपराध को अंजाम दे रहा था।
रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ खौफनाक सफर
6 दिसंबर 2025 को घर से निकली लड़की रास्ते में विवाद के बाद अकेली जबलपुर रेलवे स्टेशन पहुंच गई। वहीं उसकी मुलाकात आरोपी मनीष सपेरा से हुई, जिसने उसकी मजबूरी का फायदा उठाया। भरोसा जीतकर वह उसे अपने साथ ले गया। यहीं से शुरू हुआ उसका भयावह सफर, जिसमें इंसानियत को शर्मसार करने वाली साजिश छिपी थी।
एक लाख में सौदा, दो लाख में दोबारा बिक्री
मनीष और उसके साथी अर्जुन ने लड़की को मंडला में दो दिन तक बंधक बनाकर रखा और फिर उसे सीहोर जिले के चांदबड़ गांव के पूर्व सरपंच राकेश कोरबे को एक लाख रुपए में बेच दिया।
हैरानी की बात यह है कि राकेश कोरबे ने उसी लड़की को दो लाख रुपए में गुना जिले के एक युवक को बेच दिया, जहां परिवार की मौजूदगी में उसकी जबरन शादी करवा दी गई।
पूर्व सरपंच निकला गिरोह का सरगना
जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड पूर्व सरपंच राकेश कोरबे ही था। उसने हेमराज कुमारिया, हेमराज विश्वकर्मा, जतन बाई और राय सिंह गुर्जर जैसे दलालों को 10-10 हजार रुपए देकर सौदे को अंजाम दिलवाया, जबकि बड़ी रकम खुद रख ली। यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था।
साइबर ट्रेसिंग से मिली सफलता
लड़की के गायब होने के बाद पुलिस की साइबर टीम लगातार मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर रही थी। 19 दिसंबर को पीड़िता ने किसी तरह एक कॉल किया, जिससे पुलिस को अहम सुराग मिला। इसके बाद टीम ने शाजापुर और गुना में दबिश देकर 22 दिसंबर को लड़की को सकुशल बरामद कर लिया।
9 आरोपी गिरफ्तार, बड़े खुलासे की आशंका
इस मामले में अप्रैल 2026 तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें पूर्व सरपंच, दलाल, पंडित और खरीददार शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 142, 143 और 144 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है।
जांच के बाद और भी नाम आ सकते हैं सामने
महिला थाना और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई से इस रैकेट का खुलासा हुआ। अब जांच इस दिशा में बढ़ रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी और लड़कियों को शिकार बनाया है। पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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