IAS आकाश सिंह और इंदौर निगम नेता प्रतिपक्ष में जमकर बहस, बात बंदी बनाने, धमकी देने तक
Indore. इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट और आईएएस आकाश सिंह के बीच में गुरुवार को जमकर बहस हो गई। यह बहस निगम परिसर में हुई। बात गुमटी हटाने की कार्रवाई को लेकर थी। आकाश सिंह को घेरकर मिमरोट ने सवाल उठाए कि केवल चुनिंदा जगह ही कार्रवाई हो रही है और निगम पक्षपात कर रहा है। बात काफी बिगड़ गई।
इस तरह से हुई दोनों के बीच में जमकर बहस
मिमरोट- गुमटी को लेकर मुझे बात करना है, आप न्याय नहीं कर रहे हैं
आकाश सिंह- मुझे अभी जाना है, मैं बाद में बात करूंगा। यह तरीका नहीं है बात करने का
मिमरोट- यही तरीका है, आप लोगों से बात करने का यही सही तरीका है
आकाश सिंह- आप बदतमीजी मत कीजिए
मिमरोट- मैं केवल कह रही हूं कि न्याय कीजिए। सभी की गुमटियां हटाईए, इसके बिना मैं आपको जाने नहीं दूंगी
आकाश सिंह- आप बद्तमीजी मत कीजिए
मिमरोट- आप तो पूरे इंदौर की गुमटियां हटाईए. मैं आपको जाने नहीं दूंगी
मिमरोट- चलिए आप मेरे साथ पूरे शहर की गुमटियां हटाईए, जो नेता के संरक्षण में हैं उन्हें छोड़ देंगे, बाकी गुमटी हटा देंगे क्या
आकाश सिंह- यह तरीका नहीं है आपका, बदतमीजी कर रही हैं
मिमरोट- मैं रिक्वेस्ट कर रही हूं
आकाश सिंह- आप क्या धमकी दे रही हैं मुझे
मिमरोट- नहीं मैं आपसे न्याय मांग रही हूं
आकाश सिंह- आपने कहा कि मैं जाने नहीं दूंगी, तो क्या आप मुझे बंदी बना रही हैं
मिमरोट- मैं केवल कह रही हूं, कि आप मेरी बात सुनकर जाईए, न्याय कीजिए
आकाश सिंह- मैंने नीचे बता दिया है, आप भी लिस्ट दे दो, मैं कार्रवाई का बोलूंगा
मिमरोट- आप हमारे बच्चों की गुमटी हटा रहे हैं, क्या आप उन्हें गुंडे बनाना चाहते हैं
आकाश सिंह- आप मुझे जाने दीजिए, मुझे बंदी बनाने का काम कर रहे हैं आप
मिमरोट-आपको कौन बंदी बनाएगा सर
(इसके बाद आकाश सिंह चले जाते हैं)
नहीं मानी बात तो घेराव करेंगे
आकाश सिंह के जाने से मिमरोट के साथ आए नेता नाराज हुए। उन्होंने कहा कि अब इनका घेराव करेंगे। यह बात नहीं सुन रहे हैं और पक्षपात पूर्ण कार्रवाई की जा रही है।
पहले विवादों में रहे हैं आकाश सिंह
साल 2019 बैच के आईएएस आकाश सिंह बड़नगर में एसडीएम रहते हुए विवादों में रहे हैं। तब उन पर अवैध उत्खनन को बढ़ावा देने और ठेकेदारों की मिलीभगत संबंधी आरोप लगे थे। एसडीएम के रीडर ने इस संबंध में पत्र भी लिखा था। इसमें दो करोड़ 80 लाख के राजस्व नुकसान की बात उठी और ठेकेदार से लाभ लेने के आरोप लगे थे। जनवरी में इंदौर में भागीरथपुरा कांड के बाद उन्हें इंदौर में अपर आयुक्त के पद पर पदस्थ किया गया।
इधर प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस ने लगाए आरोप
उधर कांग्रेस ने निगम परिषद के चार साल पूरे होने पर प्रेस कांफ्रेंस की। इसमें शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि मैं महापौर से डिबेट के लिए तैयार हू्ं, वह बताएं क्या काम किए। महापौर ने इंदौर शहर की सुपारी ली हुई है। शहर को बदतर स्थिति में पहुंचाया गया। वह माफी मांगे। निगम भ्रष्टाचार का गढ़ बन गया है। भागीरथपुरा कांड सभी को याद है। बावड़ी हादसा है। इतने भ्रष्टाचार में भी किसी भी बड़े अधिकारी, कर्मचारी का नाम नहीं आया, सभी को बचाया गया।
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