एमपी के IAS रवि कुमार सिहाग का AGMUT कैडर में ट्रांसफर : जानें कैसे और क्यों बदलते हैं IAS/IPS के कैडर
IAS रवि कुमार सिहाग जो मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के लखनादौन में एसडीएम के पद पर कार्यरत थे, अब उनका ट्रांसफर AGMUT कैडर में हो चुका है। AGMUT (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम, और केंद्र शासित प्रदेश) एक ऐसा संयुक्त कैडर है, जिसका प्रबंधन केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा किया जाता है।
क्यों बदला रवि कुमार सिहाग का कैडर ?
दिसंबर 2025 में IAS रवि सिहाग और आईएएस इशिता राठी ने सात फेरे लिए थे। इशिता AGMUT कैडर की अधिकारी हैं और पुडुचेरी में तैनात हैं। शादी के बाद दोनों को अलग-अलग राज्यों में रहना पड़ रहा था। इसलिए रवि ने कैडर बदलने के लिए आवेदन किया था।
केंद्र सरकार के विभाग DOPT ने इस पर विचार किया। 9 मार्च 2026 को इस संबंध में एक सर्कुलर जारी किया गया। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रशासन को निर्देश दिए। 18 मार्च को उनके रिलीविंग आर्डर जारी कर दिए गए। इसके बाद रवि सिहाग का रास्ता पुडुचेरी जाने के लिए साफ हुआ। अब रवि और इशिता एक ही कैडर में काम करेंगे।
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क्या होता है यह AGMUT कैडर और क्यों है खास?
प्रशासनिक शब्दावली में AGMUT कैडर को बहुत रसूखदार माना जाता है। इसका पूरा नाम अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश है। यह सीधा केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन आता है। बाकी राज्यों के कैडर स्थानीय राज्य सरकार के नीचे होते हैं।
AGMUT कैडर में दिल्ली, चंडीगढ़, अंडमान और जम्मू-कश्मीर जैसे बड़े क्षेत्र आते हैं। रवि सिहाग अब इसी पावरफुल कैडर का हिस्सा बन चुके हैं। यहां की चुनौतियां राज्य कैडर से बिल्कुल अलग और रोमांचक होती हैं।
रवि और इशिता की लव स्टोरी
रवि कुमार सिहाग और इशिता राठी की मुलाकात UPSC की ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। दोनों ने UPSC 2021 में अच्छे रैंक हासिल किए थे। रवि ने 18वीं रैंक प्राप्त की थी, जबकि इशिता ने 8वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद इन दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई और उन्होंने शादी कर ली। अब, दोनों साथ-साथ AGMUT कैडर में सेवाऐं देंगे।
खेतों से लेकर सचिवालय तक रवि का सफर
रवि सिहाग की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। वे राजस्थान श्रीगंगानगर के एक छोटे से गांव से आते है। उनके पिता रामकुमार एक किसान हैं। रवि ने हिंदी माध्यम से यूपीएससी की परीक्षा पास की थी। उन्होंने चार बार परीक्षा दी और तीन बार सफलता पाई।
साल 2021 में उन्होंने ऑल इंडिया 18वीं रैंक हासिल की। उनकी सफलता ने करोड़ों युवाओं को एक नई उम्मीद दी है। रवि अपनी तीन बहनों के अकेले भाई हैं। उनकी सादगी और मेहनत ही आज उनकी पहचान है।
इशिता राठी: पुलिस परिवार की बेटी का कमाल
आईएएस इशिता राठी के पिता दिल्ली पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर हैं। उनकी माता जी भी असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। इशिता ने अपने दूसरे ही प्रयास में 8वीं रैंक पाई। उन्होंने साबित किया कि मेहनत से कुछ भी मुमकिन है।
इशिता वर्तमान में पुडुचेरी में अपनी सेवाएं दे रही हैं। रवि और इशिता की मुलाकात मसूरी की ट्रेनिंग में हुई थी। वहीं से यह दोस्ती प्यार में बदली और मुकाम तक पहुंची। अब दोनों अधिकारी एक ही कैडर में रहकर देश सेवा करेंगे।
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कैसे बदलता है किसी IAS या IPS का कैडर?
अक्सर लोग पूछते हैं कि क्या कैडर बदलना आसान है? इसका जवाब है 'नहीं', यह प्रक्रिया काफी जटिल होती है। सामान्य तौर पर कैडर बदलना लगभग नामुमकिन माना जाता है। लेकिन 'मैरिज ग्राउंड' यानी शादी के आधार पर रियायत मिलती है।
अगर दो IAS अधिकारी आपस में शादी करते हैं, तो नियम बदल जाते हैं। वे एक ही कैडर में आने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए दोनों राज्य सरकारों की सहमति बहुत जरूरी होती है। अंत में फैसला केंद्र सरकार का DOPT विभाग ही लेता है।