रायपुर की IAS श्रद्धा शुक्ला का बदला कैडर, अब मध्यप्रदेश में होंगी तैनात
समझें क्या है पूरा मामला
- IAS श्रद्धा शुक्ला का कैडर तेलंगाना से बदलकर मध्यप्रदेश किया गया।
- केंद्र सरकार ने कॉमन कैडर नीति के तहत बदलाव को मंजूरी दी।
- विवाह के बाद पति IAS ऐश्वर्या वर्मा संग एक राज्य में रहने का निर्णय लिया।
- श्रद्धा शुक्ला 2022 बैच की IAS अधिकारी और रायपुर की रहने वाली हैं।
- यह बदलाव अखिल भारतीय सेवा नियमों के तहत प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
रायपुर की बेटी और 2022 बैच की IAS अधिकारी श्रद्धा शुक्ला को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। केंद्र सरकार ने उनका कैडर बदलकर अब मध्यप्रदेश कर दिया है। पहले वे तेलंगाना कैडर में पदस्थ थीं। यह निर्णय अखिल भारतीय सेवा की कॉमन कैडर नीति के तहत लिया गया है।
इस नीति का उद्देश्य पति-पत्नी दोनों IAS अधिकारियों को एक ही राज्य में सेवा का अवसर देना है।
विवाह के बाद बदला कैडर
श्रद्धा शुक्ला का हाल ही में विवाह मध्यप्रदेश कैडर के IAS अधिकारी ऐश्वर्या वर्मा से हुआ था। विवाह के बाद दोनों अधिकारियों ने एक ही राज्य में कार्य करने की इच्छा जताई। इसके बाद नियमों के अनुसार आवेदन किया गया और केंद्र सरकार ने कैडर परिवर्तन को मंजूरी दे दी। अब श्रद्धा शुक्ला मध्यप्रदेश में प्रशासनिक सेवाएं देंगी।
कौन हैं IAS श्रद्धा शुक्ला
श्रद्धा शुक्ला रायपुर की रहने वाली हैं और प्रशासनिक सेवा में तेजी से उभरता नाम हैं। वे कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला की पुत्री भी हैं। उनकी शिक्षा और प्रशासनिक चयन को लेकर पहले भी चर्चा रही है।
2022 बैच में चयन के बाद उन्हें तेलंगाना कैडर मिला था। अब नए आदेश के बाद उनका कार्यक्षेत्र बदल कर मध्यप्रदेश हो गया है।
कॉमन कैडर नीति का महत्व
अखिल भारतीय सेवा में कॉमन कैडर नीति एक मानवीय व्यवस्था मानी जाती है। इसका उद्देश्य पति-पत्नी IAS अधिकारियों को एक ही राज्य में तैनात करना है। इससे पारिवारिक संतुलन और प्रशासनिक कार्यक्षमता दोनों बेहतर होती है। हालांकि यह निर्णय केंद्र सरकार की मंजूरी से ही लागू होता है।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा
श्रद्धा शुक्ला के कैडर परिवर्तन को लेकर रायपुर और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है। कई लोग इसे व्यक्तिगत सुविधा और नीति के संतुलन का उदाहरण मान रहे हैं। वहीं यह भी माना जा रहा है कि ऐसे मामलों में केंद्र सरकार संतुलन बनाकर निर्णय लेती है।
यह खबरें भी पढ़ें...
लगातार 3 बार फेल हुए निवृत्ति सोमनाथ, फिर 5वें प्रयास में IAS बनकर रचा इतिहास
GAD ने मांगा IAS अफसरों का सर्विस रिकॉर्ड, वेतन और पदस्थापना का होगा हिसाब
1479 सवालों के लापता जवाब; एमपी विधानसभा में कांग्रेस मांगेगी पाई-पाई का हिसाब!
एमपी में नए सत्र से घर बैठे होगी पढ़ाई, ऑनलाइन कोर्स से मिलेंगे रेगुलर क्रेडिट