IDA की स्कीम 171 के पीड़ित फिर उतरेंगे मैदान में, मीटिंग में बोले, BJP को जीवन भर से दे रहे वोट
Indore. इंदौर विकास प्राधिकरण की योजना क्रमांक 171 से मुक्ति के लिए तुलसी नगर स्थित सरस्वती मंदिर प्रांगण में पीड़ितों ने मीटिंग की। इसमें पुष्प विहार कॉलोनी, देवी अहिल्या संस्था, न्याय नगर, श्री महालक्ष्मी नगर एवं योजना क्रमांक 171 के सभी पीड़ितों और उनके प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बीजेपी के खिलाफ गुस्सा
बैठक में युवा पीढ़ी ने खुलकर अपनी बात रखी। इन्होंने कहा कि हमारे परिवार को बीजेपी को वोट देते हुए जीवन भर हो चुका है। लेकिन यह हमारी फरियाद और पीड़ा नहीं सुन रहे हैं। अब हमें आम लोगों के बीच जाकर बताना होगा कि यह बीजेपी सरकार क्या कर रही है और हमारी पीड़ा नहीं सुनी जा रही है। अब बहुत हो गया है। इन्हें झोली भरकर वोट देते जा रहे हैं, लेकिन हमारी बात नहीं सुनी जा रही है।
7 अक्टूबर को अंतिम चेतावनी
बैठक में कहा गया कि 10 सितंबर को हुए आंदोलन में आईडीए ने लिखित वादा किया था। इसके तहत अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में बोर्ड मीटिंग कर यह प्रस्ताव रखने का लिखित वादा किया था। इसलिए हमने फैसला लिया है कि अधिकारियों को यह वादा याद दिलाने के लिए पहले 7 अक्टूबर को मांगपत्र सौंपा जाएगा। 7 अक्टूबर को सभी सोसायटियों के प्रतिनिधि विधायक के माध्यम से संभागायुक्त, कलेक्टर और आईडीए सीईओ को अंतिम चेतावनी का ज्ञापन सौंपेंगे।
13 अक्टूबर से आईडीए के बाहर धरना
बैठक में यह भी फैसला लिया कि पूर्व तय आंदोलन के अनुसार 13 अक्टूबर से आईडीए के बाहर आंदोलन शुरू होगा। सभी लोग बोर्ड से प्रस्ताव पास होकर स्कीम मुक्त होने तक अनवरत वहीं मौजूद रहेंगे। यह अनिश्चितकालीन रहेगा और अब कोई आश्वासन नहीं चलेगा। सिर्फ स्कीम से मुक्ति का प्रस्ताव ही लाना होगा। बैठक में एनके मिश्रा, राजेश तोमर, संतोष चांडक, पंकज जायसवाल, प्रभात मंत्री, मुकेश गुप्ता, बहादुर सिंह सिसोदिया एवं अन्य कॉलोनियों के पदाधिकारी, सदस्य भी मौजूद थे।
यह दिया था लिखित वादा
लंबी चर्चा और हंगामे के बाद आईडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े ने 10 सितंबर को लिखित में वादा किया था। प्लॉटधारकों को लिखकर दिया गया था कि स्कीम 171 व 77 के प्लॉटधारकों ने स्कीम लैप्स का ज्ञापन सौंपा है। इस संबंध में आईडीए बोर्ड बैठक अक्टूबर 2026 के द्वितीय सप्ताह या इसके पूर्व आयोजित की जाएगी। इसकी पुष्टि की जाती है।
स्कीम 77 अयोध्यापुरी का यह है विवाद
स्कीम 77 का हिस्सा है अयोध्यापुरी। यहां के रहवासी भी साल 2008 से अयोध्यापुरी रहवासी संघ बनाकर लड़ाई लड़ रहे हैं। साल 1996 में उनकी जमीन को स्कीम 77 में लिया गया था। यहां भी सैकड़ों प्लॉटधारक हैं, जो अपनी जमीन पर मकान बनाना चाहते हैं और इसके लिए लड़ रहे हैं।
स्कीम 171 में 13 सोसायटी के 6000 प्लॉटधारक
वहीं, स्कीम 171 के दायरे में 13 सोसायटियों के 6 हजार प्लॉटधारक हैं। पहले यह स्कीम 132 थी। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर खत्म हुई तो फिर आईडीए ने यहां पर स्कीम 171 लागू कर दी। दिसंबर 2024 में स्कीम से मुक्ति के लिए 5.89 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं, लेकिन स्कीम मुक्त नहीं हुई।
अगस्त 2025 में स्कीम मुक्ति का प्रस्ताव आया तो फिर यह प्रस्ताव पास किया कि सहकारी संस्थाओं को मुक्त कर सरकारी और निजी जमीन पर फिर नई स्कीम लाएंगे। इससे और पेंच फंस गया और स्कीम मुक्ति का मामला अटक गया। जबकि नियमानुसार राशि भरने के बाद पूरी स्कीम ही मुक्त होगी। इसमें टुकड़ों में प्रस्ताव पास नहीं हो सकता है। अब आईडीए ने इसमें लिखित आश्वासन दिया है, जिससे उम्मीद बंधी है।
- इंदौर विकास प्राधिकरण की योजना क्रमांक 171 के पीड़ितों ने कुल कितनी सोसायटियों के साथ बैठक की?
इंदौर विकास प्राधिकरण की योजना क्रमांक 171 के पीड़ितों ने 13 सोसायटियों के साथ बैठक की। - क्या आश्वासन दिया गया था कि योजना क्रमांक 171 की मुक्ति के लिए आईडीए बोर्ड मीटिंग होगी?
हां, आईडीए के सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े ने 10 सितंबर को लिखित में वादा किया था कि योजना क्रमांक 171 की मुक्ति के प्रस्ताव पर आईडीए बोर्ड मीटिंग अक्टूबर 2026 के द्वितीय सप्ताह में आयोजित की जाएगी। - योजना से मुक्ति के लिए निवेदित राशि और उसके समयसीमा के बारे में क्या जानकारी है?
योजना से मुक्ति के लिए दिसंबर 2024 तक 5.89 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं, लेकिन अभी तक योजना मुक्त नहीं हुई है। निवेदित राशि के अनुसार पूरी योजना ही मुक्त होगी, इसमें टुकड़ों में प्रस्ताव पास नहीं हो सकते।