जांच अटकाने के मामले में आईएएस अशोक बर्णवाल समेत 7 को नोटिस, ये है पूरा विवाद
समझें क्या है पूरा मामला...
- 1994 बैच के IFS अधिकारी मोहन मीणा को पदोन्नति नहीं मिली।
- उन्होंने CAT जबलपुर में याचिका दाखिल की है।
- आईएएस अशोक बर्णवाल समेत सात को नोटिस भेजा गया है।
- आरोप है कि जानबूझकर जांच लंबित रखकर पदोन्नति रोकी गई है।
- मामले में अगली सुनवाई 18 जून को होनी है।
IFS अधिकारी ने उठाया कानूनी कदम
मध्यप्रदेश कैडर के 1994 बैच के आईएफएस (Indian Forest Service) अधिकारी मोहन लाल मीणा ने अपनी पदोन्नति रोके जाने के मामले में कानूनी लड़ाई शुरू की है। उन्होंने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण यानी कैट जबलपुर बेंच में याचिका दाखिल की है।
आईएफएस मोहन लाल मीणा का आरोप है कि विभाग के कुछ अफसरों ने जानबूझकर उनकी विभागीय जांच को लंबित रखा है। इसका मकसद था कि वे पदोन्नति से वंचित रहें। यह जांच लंबे समय से लटकी हुई है।
किन अधिकारियों पर लगे आरोप
आईएफएस मीणा ने अपनी याचिका में केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव, मध्यप्रदेश के वन विभाग के प्रमुख सचिव और वन बल प्रमुख शुभ रंजन सेन को पक्षकार बनाया है। इसके अलावा वन विभाग के तत्कालीन एसीएस आईएएस अशोक बर्णवाल, तत्कालीन वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव और तत्कालीन पीसीसीएफ जांच व सतर्कता पुरुषोत्तम धीमन भी पक्षकार हैं।
कैट (Central Administrative Tribunal) की जूरी ने इन सभी को नोटिस जारी किए हैं। अब 18 जून को सभी पक्षों के जवाब आने के बाद सुनवाई होगी।
क्या है मामले की जड़
आईएफएस मोहन लाल मीणा 1994 बैच के अनुभवी वन अधिकारी हैं। उनकी पदोन्नति विभागीय जांच लंबित होने के कारण रुकी हुई है। उनका कहना है कि यह जांच जानबूझकर लटकाई गई ताकि उन्हें आगे बढ़ने से रोका जा सके। इसे वे अपने साथ जानबूझकर किया गया अन्याय मानते हैं।
अब गोपाल लौट सकते हैं मध्यप्रदेश
इसी बीच एक और अहम खबर है। केंद्र सरकार में टेक्सटाइल मंत्रालय में स्पेशल सेक्रेटरी और वित्तीय सलाहकार के पद पर तैनात आईएफएस असित गोपाल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति जल्द खत्म हो सकती है। बता दें कि आईएफएस गोपाल मध्यप्रदेश कैडर के 1990 बैच के अधिकारी हैं।
असित गोपाल 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होंगे। वे इसी महीने 60 साल के हो रहे हैं। वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक वे रिटायरमेंट से पहले आखिरी महीने में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से मध्यप्रदेश वापस लौट सकते हैं।
इससे पहले 1990 बैच की आईएफएस रेणु सिंह भी अप्रैल माह में देहरादून से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से मध्यप्रदेश वापस आई थीं।
वन विभाग में नए प्रभार बंटे
वन विभाग में हाल ही में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं। राज्य शासन ने विकास शाखा का अतिरिक्त प्रभार पीसीसीएफ (एचआरडी) बीएस अन्निगेरी को सौंपा है।
बांस मिशन का अतिरिक्त प्रभार एपीसीसीएफ सतर्कता अजय कुमार यादव को दिया गया है। ग्रीन इंडिया मिशन का प्रभार एपीसीसीएफ (प्रोटेक्शन) अमित दुबे को सौंपा गया है। यह आदेश शनिवार को देर रात जारी किया गया था।
गौरतलब है कि इन तीनों शाखाओं का जिम्मा 31 मई को रिटायर हुए पीसीसीएफ पुरुषोत्तम धीमन के पास था। उनके जाने के बाद यह प्रभार नए अधिकारियों को बांटा गया है।
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