मुरैना में अवैध भ्रूण परीक्षण का भंडाफोड़, छप्पर तोड़कर भागे आरोपी, पुलिस कर रही तलाश
News In Short
- झोपड़ी में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़।
- राहगीर विकास शर्मा की सूझबूझ से खुला राज।
- आरोपी संजय पचौरी तीसरी बार आया नजर में।
- छप्पर तोड़कर भागे दोनों मुख्य आरोपी।
- PCPNDT टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
News In Detail
मुरैना जिले के बागचीनी क्षेत्र में एक झोपड़ी से अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण (Illegal Sex Determination) का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक जागरूक राहगीर युवक ने इस काले कारोबार को उजागर किया। आरोपी छप्पर तोड़कर मौके से फरार हो गए। यह मामला समाज में कन्या भ्रूण हत्या (Female Foeticide) के खिलाफ जागरूकता की जरूरत को फिर उजागर करता है।
झोपड़ी में चल रहा अवैध धंधा
मुरैना जिले के बागचीनी क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। हंडवासी गांव के पास एक झोपड़ी में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण (Illegal Sex Determination) का गोरखधंधा चल रहा था।
यह धंधा बेहद गुपचुप तरीके से संचालित हो रहा था। स्थानीय प्रशासन को इसकी कोई भनक नहीं थी। जागरूक नागरिक की सतर्कता से इस काले कारोबार का पर्दाफाश हुआ।
राहगीर युवक ने की हिम्मत
सांटा निवासी युवक विकास शर्मा हंडवासी और नहर के बीच से गुजर रहा था। उसने झोपड़ी से बाहर आती संदिग्ध महिलाओं को देखा। शक होने पर वह झोपड़ी के अंदर पहुंचा। उसने चुपचाप पूरे दृश्य की वीडियो रिकॉर्डिंग (Video Evidence) शुरू कर दी। अंदर का नजारा उसे हिलाकर रख गया।
रंगेहाथ पकड़ने की कोशिश
झोपड़ी के अंदर आरोपी संजय पचौरी महिलाओं का भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहा था। उसका साथी छोटू उर्फ विक्रम चेहरा छिपाने की कोशिश में था। विकास ने झोपड़ी की कुंडी बाहर से बंद कर अपने साथी को फोन किया। इस बीच आरोपियों ने छप्पर तोड़कर मौके से भागने में सफलता पाई। ड्राइवर राकेश प्रजापति महिलाओं को वैन में बैठाकर मुरैना की ओर भाग निकला।
वैन पकड़ी, ड्राइवर गिरफ्तार
विकास और उसके साथी ने भागती वैन का पीछा किया। मुंगावली पेट्रोल पंप के पास वैन को रोकने में सफलता मिली। महिलाओं को वैन से उतारा गया और ड्राइवर को पकड़कर थाने पहुंचाया गया।
मामले की जानकारी मिलते ही पीसीपीएनडीटीकमेटी (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Committee) की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
तीसरी बार आरोपी बेनकाब
मुख्य आरोपी संजय पचौरी पहले भी दो बार भ्रूण लिंग परीक्षण के मामलों में पकड़ा जा चुका है। वह सीएम राइज स्कूल बिलगांव में चपरासी के पद पर कार्यरत था। वर्ष 2024 में उसे निलंबित (Suspended) किया गया था। इसके बावजूद वह इस गैरकानूनी गतिविधि में लगातार सक्रिय रहा। तीसरी बार सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
PCPNDT कानून और महिला सुरक्षा
भारत में PCPNDT एक्ट (Pre-Conception & Pre-Natal Diagnostic Techniques Act) के तहत भ्रूण लिंग परीक्षण पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह कानून कन्या भ्रूण हत्या (Female Foeticide) को रोकने के लिए बनाया गया है।
इस कानून के उल्लंघन पर तीन साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। मुरैना जिले में इस तरह के मामलों का बार-बार सामने आना चिंताजनक है। पुलिस अभी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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