आयकर विभाग ने दिया 10 ज्वेलर्स को झटका, 20 करोड़ की ज्वेलरी रहेगी सीज, कोर्ट का आदेश

Sanjay Gupta | Feb 24, 2026, 18:52 IST
Photograph: (the sootr)
आयकर विभाग ने इंदौर और रतलाम के 10 ज्वेलर्स से 20 करोड़ की ज्वेलरी सीज कर ली है। जिला कोर्ट के आदेश पर यह ज्वेलरी आयकर विभाग के पास रहेगी। इस कार्रवाई से जुड़े पूरे मामले की जानकारी प्राप्त करें।

News in Short

  • आयकर विभाग ने इंदौर और रतलाम के 10 ज्वेलर्स से 20 करोड़ की ज्वेलरी सीज की।
  • रतलाम पुलिस ने 13 किलो ज्वेलरी 2023 में जब्त की थी, बिना वैध दस्तावेज के।
  • ज्वेलर्स ने ज्वेलरी वापस करने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने आयकर विभाग के पक्ष में फैसला दिया।
  • कोर्ट ने कहा, आयकर विभाग को जांच के दौरान ज्वेलरी सीज करने का अधिकार है।
  • यह ज्वेलरी आयकर विभाग के कब्जे में रहेगी, जांच पूरी होने तक।

News in Detail

indore. रतलाम और इंदौर के दस ज्वेलर्स को झटका लगा है। इन ज्वेलर्स की करीब तीन साल पहले पुलिस द्वारा जब्त की गई 13 किलो ज्वेलरी अब आयकर विभाग के अधीन सीज रहेगी। जिला कोर्ट ने इस संबंध में आयकर विभाग के पक्ष में आदेश कर दिए हैं। यह ज्वेलरी करीब 20 करोड़ से अधिक कीमत की है।



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यह है मामला

रतलाम पुलिस थाना रोड स्टेशन द्वारा सितंबर 2023 में सुभाष वर्मा नाम के व्यक्ति के पास 13 किलो ज्वेलरी जब्त की थी। जांच के दौरान पाया गया कि इनके पास किसी तरह के वैध दस्तावेज नहीं थे। पुलिस ने आयकर एक्ट 132 ए व 451 व 457 आईपीसी के तहत केस किया। इसमें आयकर विभाग को सूचना दी गई और इंदौर इन्वेस्टिगेशन विंग ने केस हाथ में लेकर जांच शुरू की।



ज्वेलर्स ने की ज्वेलरी छोड़ने की मांग

इसमें आयकर विभाग ने इस ज्वेलरी को सीज कर उनके पजेशन में देने का लैटर आफ आथराइजेशन पेश किया। आयकर विभाग की ओर से कोर्ट में अधिवक्ता अजय काकानी ने तर्क रखे। वहीं सिद्धम/मेहता ट्रेडिंग के साथ महावीर गोल्ड, एमटीसी गोल्ड, महावीर ज्वेलर्स, मेसर्स रत्न संपत ज्वेलर्स, मेहुल जैन, कंचन ज्वेलर्स, आरएस ज्वेलर्स, गणगौर ज्वेलर्स, मेसर्स नाकोडा ज्वेलर्स, वंशिका गोल्ड बहियरिंग, नक्षत्र आरनामेंट्स, आरबी गोल्ड ने यह ज्वेलरी वापस मांगी। इन्होंने तर्क दिए कि इस ज्वेलरी को लेकर विविध कामों से आर्डर वैध रूप से दिए गए थे। इसके लिए भुगतान भी किया गया। यह ज्वेलरी मुक्त करके हमे दी जाए। जांच के लिए लंबा समय हो चुका है।



कोर्ट ने यह दिए आदेश

इसमें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सपना भारती कतरौलिया ने आदेश जारी किए। इसमें कहा गया कि जब आयकर विभाग जांच शुरू कर देता है तो फिर 451 व 457 धारा पर आयकर एक्ट प्रभावी होता है। ऐसे में यह ज्वेलरी आयकर विभाग के पजेशन में दी जाती है। इसमें जांच के अधिकार आयकर विभाग के पास सुरक्षित है।



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