स्वतंत्रता दिवस 2026: भोपाल में सीएम मोहन यादव, तो जानिए आपके जिले में कौन करेगा ध्वजारोहण
समझें क्या है पूरा मामला...
- देश इस साल 15 अगस्त को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा।
- दिल्ली के लाल किले पर वंदे मातरम् की धुन गूंजेगी।
- मध्य प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर ध्वजारोहण की तैयारी शुरू हो गई है।
- सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने आदेश जारी किया है।
- हर जिले के लिए मंत्री, राज्यमंत्री या कलेक्टर की ड्यूटी तय हुई है।
देश इस साल 15 अगस्त को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। दिल्ली के लाल किले पर वंदे मातरम् की धुन गूंजेगी। आजादी का यह जश्न पूरे देश में मनाया जाएगा। सरकारी दफ्तरों और स्कूलों में ध्वजारोहण की तैयारी चल रही है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश सरकार ने भी तैयारी पूरी कर ली है।
राज्य के हर जिला मुख्यालय के लिए मुख्य अतिथि तय कर दिए गए हैं। यहां झंडा फहराने की जिम्मेदारी अब साफ हो चुकी है। इस बार यह जिम्मेदारी मंत्रियों और राज्यमंत्रियों को सौंपी गई है। कुछ जिलों में जहां कोई मंत्री उपलब्ध नहीं है, वहां जिला कलेक्टर झंडा फहराएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इसके लिए विस्तृत आदेश जारी किया है।
आदेश के मुताबिक तय मंत्री या राज्यमंत्री अपने जिले में सुबह पहुंचेंगे। वहां वे ध्वजारोहण करेंगे और परेड की सलामी लेंगे। इसके बाद वे मुख्यमंत्री का संदेश भी पढ़कर सुनाएंगे। यह संदेश प्रदेश की जनता के लिए खास तौर पर तैयार किया जाता है।
किसका कहां ध्वजारोहण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस बार भोपाल में तिरंगा फहराएंगे। यह राजधानी होने के नाते सबसे बड़ा और अहम आयोजन माना जाता है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर में झंडा फहराएंगे। ग्वालियर उनका शुरुआती जीवन और निवास रहा है, इसलिए यह जिम्मेदारी खास मानी जा रही है।
डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा मंदसौर में समारोह की अगुवाई करेंगे। वहीं दूसरे डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल रीवा में झंडा फहराएंगे। रीवा उनका अपना क्षेत्र है, इसलिए वहां उत्साह ज्यादा रहने की उम्मीद है। इन चारों बड़े नेताओं की मौजूदगी से इन जिलों में समारोह भव्य होगा।
जिलेवार मंत्रियों की लिस्ट
बाकी जिलों में भी कैबिनेट मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है। कुंवर विजय शाह खंडवा में और कैलाश विजयवर्गीय देवास में झंडा फहराएंगे। प्रहलाद सिंह पटेल नरसिंहपुर पहुंचेंगे, जबकि राकेश सिंह जबलपुर में समारोह संभालेंगे। करण सिंह वर्मा सीहोर और राव उदय प्रताप सिंह छिंदवाड़ा जाएंगे।
संपतिया उइके मंडला में और तुलसीराम सिलावट इंदौर में ध्वजारोहण करेंगे। ऐदल सिंह कंषाना मुरैना पहुंचेंगे तो निर्मला भूरिया झाबुआ की जिम्मेदारी संभालेंगी। गोविंद सिंह राजपूत सागर में और विश्वास कैलाश सारंग खरगोन में झंडा फहराएंगे। नारायण सिंह कुशवाह दतिया और नागर सिंह चौहान अलीराजपुर जाएंगे।
इसके अलावा प्रद्युम्न सिंह तोमर शिवपुरी और राकेश शुक्ला श्योपुर पहुंचेंगे। इन्दर सिंह परमार शाजापुर जिले में तिरंगा फहराएंगे। स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्रियों को भी जिले सौंपे गए हैं। कृष्णा गौर टीकमगढ़ और धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी दमोह जाएंगे।
दिलीप जायसवाल को अनूपपुर और गौतम टेटवाल को उज्जैन की जिम्मेदारी मिली है। लखन पटेल विदिशा में और नारायण सिंह पंवार राजगढ़ में झंडा फहराएंगे। अन्य राज्यमंत्रियों में नरेन्द्र शिवाजी पटेल रायसेन जाएंगे। प्रतिमा बागरी सतना, दिलीप अहिरवार छतरपुर और राधा सिंह सिंगरौली में समारोह संभालेंगी।
कलेक्टर कहां फहराएंगे झंडा
प्रदेश के कुछ जिलों में इस बार कोई मंत्री नहीं भेजा गया है। इन जिलों में जिला कलेक्टर ही मुख्य अतिथि की भूमिका निभाएंगे। इस सूची में रतलाम, शहडोल, नर्मदापुरम और धार जिले शामिल हैं। बालाघाट, पांढुर्णा, सिवनी और निवाड़ी में भी कलेक्टर झंडा फहराएंगे।
सीधी, बड़वानी, मऊगंज और गुना में भी यही व्यवस्था लागू रहेगी। उमरिया, आगर मालवा, हरदा और नीमच जिलों में कलेक्टर समारोह संभालेंगे। अशोक नगर, कटनी, भिंड और पन्ना में भी कलेक्टर ध्वजारोहण करेंगे। बैतूल, डिंडोरी, मैहर और बुरहानपुर की सूची में भी कलेक्टर का नाम है।
कुल मिलाकर 23 जिलों में इस बार जिला कलेक्टर मुख्य अतिथि होंगे। बाकी सभी जिलों में मंत्री या राज्यमंत्री की ड्यूटी लगाई गई है। इससे साफ है कि सरकार ने हर जिला कवर करने की कोशिश की है। किसी भी जिला मुख्यालय पर आयोजन बिना मुख्य अतिथि के नहीं होगा।
प्रशासन के आदेश में क्या
सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में साफ लिखा है। तय मंत्री समय पर अपने जिले पहुंचें, यह निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन को समारोह की पूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा, बैठक व्यवस्था और परेड की तैयारी पहले से करने को कहा गया है। स्थानीय अधिकारियों से कहा गया है कि किसी तरह की चूक न हो।
इस बार भी राष्ट्रगान और मुख्यमंत्री के संदेश के साथ कार्यक्रम पूरा होगा। स्कूली बच्चे इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश करेंगे। कई जिलों में परेड और मार्च पास्ट का आयोजन भी होता है। जिला प्रशासन इसकी तैयारी में जुट गया है।
हर साल की तरह इस बार भी सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन ने आयोजन स्थलों का दौरा शुरू कर दिया है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भीड़ ज्यादा होने की संभावना रहती है। इसलिए ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जा रहा है। लोगों से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई है।
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