नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
इंदौर में दो बड़े अवैध गोदामों पर छापा मारकर प्रशासन ने 19 हजार गर्भपात किट (Abortion kit ) और दवाएं बरामद की है। इनकी कीमत 92 लाख रुपए है। इस अवैध भंडारण के खुलासे के बाद हिंदूवादी नेता भड़क गए हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश औषधि नियंत्रक मनोज पुष्प के निर्देश और कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में औषधि विभाग ने इंदौर में दो बड़े गोदामों पर छापा मारा।
क्या बोली पूर्व मंत्री उषा ठाकुर
महू विधायक और पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि नवरात्रि के पवित्र समय में इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाओं का मिलना गंभीर और चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जो दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं बिक सकतीं, उनका इतना बड़ा अवैध भंडारण किस उद्देश्य से किया जा रहा था। यह जांच का विषय है। वक्त और प्रमाण सच्चाई बताएंगे। दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
इसके पहले यह बोली थी ठाकुर
इसके पहले विधायक ठाकुर ने कहा था कि नवरात्र में जनसांख्यिकी बिगड़ जाती है। विधर्मी 4.50 लाख युवतियों को भगा लेते जाते हैं और यह फिर अगले साल बच्चे पैदा करती है। इस तरह नौ लाख हो जाते हैं।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने क्या कहा?
'मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध दवाओं के भंडारण और परिवहन पर कार्रवाई जारी है।'
-शिवम वर्मा, कलेक्टर, इंदौर
यानी अवैध दवाओं के भंडारण और परिवहन पर निगरानी आगे भी रहेगी। प्रकरण ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट (Drugs and Cosmetics Act) में दर्ज है। इस इंदौर ड्रग रेड के बाद विभाग सप्लाई चेन की कड़ियां खंगाल रहा है।
इंदौर में इस तरह मिली थी किट
इंदौर में पहली कार्रवाई 24 सितंबर को धार कोठी स्थित गोदाम पर हुई, जहां से 10 हजार से अधिक गर्भपात किट और सिल्डेनाफिल साइट्रेट दवा मिली। दूसरी कार्रवाई लसूड़िया मोरी स्थित मोदी ब्रदर्स एसोसिएट्स पर की गई, जहां से 9360 किट बरामद हुईं। दोनों जगह लाइसेंस और बिक्री रिकॉर्ड नहीं मिला।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध दवाओं के भंडारण और परिवहन पर कार्रवाई जारी है। यह कार्रवाई ड्रग इंस्पेक्टर योगेश गुप्ता, लोकेश गुप्ता और सारिका अग्रवाल की टीम ने की है। सप्लाई चेन की जांच की जा रही है और ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
धार कोठी में क्या मिला?
विभाग को इस गोदाम की गुप्त सूचना मिली थी। इसी के आधार पर पहला छापा 24 सितंबर को धार कोठी इलाके में पड़ा। यहां से 10 हजार से ज्यादा गर्भपात किट मिलीं। साथ में सिल्डेनाफिल साइट्रेट (पुरुषों की कमजोरी की दवा) भी मिली।
टीम को स्टॉक और बिक्री के जरूरी कागज नहीं मिले। कुछ रिपोर्ट के मुताबिक करीब 9 हजार किट पहले ही बिक चुकी थीं। यह दावा अभी जांच में है। तो सवाल उठता है कि वे किट किन हाथों तक पहुंचीं?
- इंदौर में कितनी गर्भपात किट जब्त हुईं?
औषधि विभाग ने दो गोदामों से करीब 19 हजार गर्भपात किट जब्त कीं। धार कोठी से 10 हजार से ज्यादा और लसूड़िया मोरी से 9360 किट मिलीं। कुल कीमत 92 लाख रुपए बताई गई है। - इंदौर में गर्भपात किट के छापे कहां और कब पड़े?
पहला छापा 24 सितंबर को धार कोठी के गोदाम में पड़ा। दूसरा छापा लसूड़िया मोरी में मोदी ब्रदर्स एसोसिएट्स पर पड़ा। यह कार्रवाई 26 सितंबर को हुई। - इस मामले में किस कानून के तहत केस दर्ज हुआ है?
ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज हुआ है। सप्लाई चेन की जांच जारी है। दोनों जगह लाइसेंस और बिक्री रिकॉर्ड नहीं मिला।