इंदौर विकास प्राधिकरण के बाहर अब अहिल्या पथ का विरोध, दो साल से ठप है काम
Indore. अहिल्या पथ योजना के विरोध में भारतीय किसान एवं मजदूर सेना एवं अहिल्या पथ योजना संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया है। किसान आईडीए के रेसकोर्स रोड स्थित आफिस के बाहर पंडाल लगाकर बैठ गए हैं।
स्कीम से मुक्ति की मांग
भारतीय किसान एवं मजदूर सेना प्रदेश अध्यक्ष बबलू जाधव ने कहा कि धरना जारी रहेगा और रात को वहीं रूकेंगे। दाल-बाटी बनाकर यहीं खाएंगे और यहीं रहेंगे। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में प्रभावित किसान मौजूद हैं। किसानों ने स्पष्ट निर्णय लिया है कि अब अधिकारियों को कोई नया ज्ञापन नहीं दिया जाएगा। किसान अपनी समस्याओं और मांगों को शासन-प्रशासन के सामने पहले ही कई बार रख चुके हैं। अब किसान केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय चाहते हैं।
यह है किसानों की मांग
किसानों की प्रमुख मांग है कि अहिल्या पथ योजना को निरस्त किया जाए और प्रभावित किसानों की जमीन को योजना से जुड़े सभी प्रतिबंधों से तत्काल मुक्त किया जाए। इससे किसान अपनी भूमि का स्वतंत्र रूप से उपयोग, विकास एवं वैध क्रय-विक्रय कर सकें। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक और स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
जून 2024 से ठप है काम
अहिल्या पथ योजना को आईडीए बोर्ड ने जून 2024 में मंजूर किया था। इसके पहले से ही दर्जन भर गांवों में कॉलोनी मंजूरी, खरीदी-बिक्री सभी ठप पड़े हैं। आईडीए की मंजूरी नहीं है। भोपाल इस योजना को भेजा गया था जिस पर अप्रैल 2025 में योजना अधूरी बताकर लौटा दिया गया।
कारण था कि योजना रोड के केवल एक ओर ही लागू हुई थी और इसमें दूसरी ओर की जमीन नहीं ली गई थी। कारण है कि दूसरी ओर कृषि जमीन है। इसके लिए आईडीए को योजना संशोधित करने से पहले मास्टर प्लान में जमीन के लैंडयूज तय होने का इंतजार करना होगा। ऐसे में योजना केवल लागू होकर दो साल से ठप पड़ी है। इसके चलते किसान अधर में हो गए हैं।
15 किमी लंबी है योजना
इंदौर विकास प्राधिकरण ने धारा 50 (1) के तहत योजना को तैयार किया है। यह योजना 15 किमी लंबी, 75 मीटर चौड़ी प्रस्तावित रोड के केवल एक तरफ ही लगाई थी। दूसरी तरफ ग्रीन बेल्ट की खेती योग्य जमीन है, इसलिए यहां पर योजना नहीं लगाई थी।
योजना कुल 11 सौ हेक्टेयर की है। योजना के चलते प्रशासन ने 8 गांवों में जमीनों की खरीदी, बिक्री, निजी विकास पर रोक लगाई है और जो नक्शे योजना लागू होने के पहले मंजूर हुए थे उन सभी को भी निरस्त कर दिया था।
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