इंदौर में अवंतिका गैस का संकट: इंडस्ट्री और कमर्शियल पर लगाया 80 फीसदी खपत का फार्मूला
INDORE. रसोई गैस के संकट के बाद अब इंदौर और मध्यप्रदेश की इंडस्ट्री संकट में आ गई है। अवंतिका गैस कंपनी ने सभी औद्योगिक व वाणिज्यिक उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को पत्र जारी कर दिया है। इसमें खपत का 80 फीसदी का फार्मूला लगाते हुए इससे अधिक खपत पर जुर्माना लगाने की चेतावनी दे दी है।
खपत का केवल 80 फीसदी ही देंगे
अवंतिका गैस के जरिए भेजे गए ई-मेल में साफ कहा गया कि औद्योगिक व वाणिज्यिक (Commercial) सेक्टर को पीएनजी की आपूर्ति को लेकर 12 मार्च की सुबह छह बजे से प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इसके तहत बीते 6 माह में हुई औसत गैस खपत का 80 फीसदी ही दिया जाएगा।
कीमत में भी की बढ़ोतरी
ई-मेल में इसके साथ सूचना दी गई है कि कीमत के आधार मूल्य में एक रुपए प्रति यूनिट की बढ़ोतरी भी की जाती है। यह दर भी 12 मार्च (आज) से ही प्रभावी होगी। अप्रत्याशित स्थिति होने पर सभी तरह की छूट खत्म की जाएगी।
ज्यादा उपयोग किया तो लगेगा जुर्माना
गैस कंपनी ने यह भी सभी को चेतावनी दी है कि यदि तय खपत (80 फीसदी) से अधिक गैस का उपयोग किया तो जुर्माना लगेगा। इसके तहत गैस उपभोक्ता से मूल गैस कंपनी के जरिए बाजार भाव से कीमत वसूली जाएगी, जो बहुत अधिक दर होती है।
सांकेतिक कीमत 22-23 डॉलर/एमएमबीटीयू यानी टैक्स सहित यह कीमत 96 रुपए प्रति एससीएम हो सकती है। इसलिए सभी इस बात का ध्यान रखें कि वे योजना के अनुसार ही खपत करें। इस ग्लोबल राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान आपसी सहयोग करें।
ओटीपी नियम भी रोकें, चार दिन का बैकलाग है
उधर घरेलू रसोई गैस एजेंसी/डीलर्स ने गुरुवार, 12 मार्च को इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात कर अपना मांग पत्र दिया है। इसमें कहा गया है कि अभी कंपनियों ने ओटीपी सिस्टम लागू किया हुआ है, लेकिन सात दिन से सर्वर समस्या है।
इसके चलते लोग परेशान होकर एजेंसी के दफ्तर आ रहे हैं। अभी ओटीपी सिस्टम को सात दिन के लिए रोका जाए, जिससे हम बैकलाग ऑर्डर को पूरा कर सकें। इसके लिए चार दिन का समय लगेगा। लगातार पैनिक बुकिंग से भी संकट आ रहा है।
अभी रसोई गैस के ऑर्डर लग रहे हैं और सप्लाई हो रही है, लेकिन बहुत अधिक बुकिंग के चलते बैकलाग बढ़ रहा है। एजेंसियों ने कहा कि ऑयल कंपनियों को सर्वर ठीक करने के लिए भी बोला जाए।
कालाबाजारी हो गई शुरू
वहीं भले ही सभी ओर से दावे किए जाएं कि रसोई गैस को लेकर कोई संकट नहीं है, लेकिन मैदानी हालात ठीक नहीं हैं। पैनिक बुकिंग के कारण हालत खराब है। दस गुना अधिक बुकिंग की जा रही है। एजेंसियों पर बैकलाग बढ़ गया है।
कई कालाबाजारी करने वालों ने दो से ढाई हजार रुपए में घरेलू टंकी देना और इसकी रिफिलिंग का काम शुरू कर दिया है। प्रशासन ने इसे रोकने के लिए टीम बनाई है जो बुधवार से मैदान पर छापे मार रही है। बुधवार के बाद गुरुवार को भी अवैध गैस गोदामों पर छापे मारकर एलपीजी सिलेंडरजब्त किए गए हैं।
अभी इंडस्ट्री को 54 रुपए में मिल रही है पीएनजी
इंडस्ट्री को अभी पीएनजी (PNG) गैस की सप्लाई 54.96 रुपए प्रति एससीएम (SCM) के भाव पर होती है। इसमें मध्य प्रदेश शासन का 14 फीसदी वैट (VAT) लगता है, जिसका रिफंड नहीं मिलता है। इस तरह यह प्रभावी रूप से 62.65 रुपए के भाव में पड़ती है। लेकिन 80 फीसदी से अधिक उपयोग करने पर इंडस्ट्री को यही गैस 96 रुपए के भाव पर पड़ेगी।
घरेलू गैस सप्लाई बनाए रखने के लिए उठाया कदम
जानकारी के अनुसार, यह कदम केंद्र सरकार ने घरों में घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाया है। इंडस्ट्रियल और कमर्शियल उपयोग की प्राथमिकता इसके बाद तय की जाएगी। यदि भविष्य में गैस का संकट और गहराता है, तो आपूर्ति में और भी कटौती की जा सकती है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध सप्लाई मिलती रहे।
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