पोस्टमार्टम से पहले चल पड़ी युवक की धड़कन, डॉक्टर्स भी रह गए हैरान
समझें क्या है पूरा मामला...
- बदनावर के बटवाड़िया गांव का प्रकाश सड़क हादसे में घायल हो गया था।
- परिजन उसे इंदौर के निजी अस्पताल ले गए, लेकिन हालत नहीं सुधरी।
- डॉक्टरों ने बचने की संभावना कम बताई थी।
- लौटते समय रास्ते में प्रकाश की सांसें थमती दिखीं।
- परिजन उसे मृत मानकर पोस्टमार्टम के लिए ले गए, जहां जांच में हल्की धड़कन मिली।
हादसे में हुआ था गंभीर घायल
दरअसल बटवाड़िया गांव का रहने वाला प्रकाश एक ढाबे में काम करता है। शनिवार रात वह काम खत्म कर घर लौट रहा था। इसी वक्त बखतगढ़ के पास उसका एक्सीडेंट हो गया। इस हादसे में वह बुरी तरह घायल हो गया।
स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत बदनावर अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया। हालत गंभीर देखते हुए रविवार सुबह उसे इंदौर रेफर कर दिया गया।
गांव ले जाते में रास्ते में बंद हुई सांसें
जानकारी के अनुसार इंदौर के एक निजी अस्पताल में प्रकाश का इलाज शुरू हुआ। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा था। डॉक्टरों ने भी उसके बचने की उम्मीद बहुत कम बताई थी।
इसके बाद सोमवार को परिजन उसे लेकर गांव वापस लौटने लगे। रास्ते में प्रकाश की सांसें उखड़ने लगीं। डर के मारे परिजन ने मान लिया कि उसकी मौत हो चुकी है। वे सीधे उसे बदनावर सिविल अस्पताल ले गए ताकि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो सके।
कागजी प्रक्रिया से पहले मिली धड़कन
बता दें कि पोस्टमार्टम से पहले अस्पताल में औपचारिक जांच होती है। डॉक्टर ने जैसे ही प्रकाश की जांच शुरू की, उन्हें हल्की सी धड़कन महसूस हुई। सांसें भी धीरे-धीरे चल रही थीं। यह देखकर मौजूद डॉक्टर भी चौंक गए।
बिना देर किए डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए परिजन उसे फिर से निजी अस्पताल ले गए। प्रकाश को सरदार पटेल अस्पताल पिटगारा की आईसीयू में भर्ती कराया गया।
बदनावर सिविल अस्पताल के डॉक्टर कृष्णपाल सिंह चावड़ा ने बताया कि युवक का इलाज फिलहाल निजी अस्पताल में चल रहा है। उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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