इंदौर का भागीरथपुरा दूषित पानी कांड: दूषित पानी से 24वीं मौत

Sanjay Dhiman | Jan 15, 2026, 23:52 IST
Photograph: (thesootr)
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है, गुरुवार को 24वीं मौत हो गई। मृतक की मां की दूषित पानी पीने के बाद तबियत खराब हुई थी।

NEWS IN SHORT

  • इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 24 मौतें हो चुकी हैं, जिसमें एक और मौत की पुष्टि हुई।
  • सुभद्राबाई (78) ने 26 दिसंबर को दूषित पानी पिया, इसके बाद उनकी तबियत बिगड़ी और 8 जनवरी को मौत हो गई।
  • मनीष ने बताया कि इलाज में डेढ़ लाख रुपये खर्च हुए, जबकि पत्नी के इलाज में 38 हजार रुपये खर्च हुए।
  • हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई, जिसमें सरकार को रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया गया।
  • 23 मौतों में से 15 मौतें दूषित पानी से हुई, बाकी की मौतों के अन्य कारण बताए गए।

NEWS IN DETAIL

INDORE. इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से मरने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अब तक 24 लोगों की जान जा चुकी है। गुरुवार को एक और मौत की खबर आई, जो इस घटना को और भी गंभीर बनाती है।



मृतक महिला सुभद्राबाई (78) के बेटे मनीष ने बताया कि उनकी मां ने 26 दिसंबर को दूषित पानी पिया था, जिसके बाद उनकी तबियत बिगड़ गई। सुभद्राबाई को उल्टी और दस्त की समस्या हो गई थी, जिससे उन्हें 28 दिसंबर को चरक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।



यह खबरें भी पढ़ें...



सीएम मोहन यादव ने पीएम मोदी को दिया एमपी आने का न्योता



एमपी में अमृत योजना 2.0 की रफ्तार धीमी, हर घर नल-जल का सपना अधूरा



सुभद्राबाई का इलाज और उनका निधन

31 दिसंबर को सुभद्राबाई को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। 5 दिन बाद उनकी हालत और बिगड़ गई, और 8 जनवरी को उन्हें शैल्बी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से उन्हें मेट्रो हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां गुरुवार को उनका निधन हो गया। मनीष का कहना है कि उनकी मां को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी, फिर भी दूषित पानी से उनकी तबियत बिगड़ी।



मनीष के परिवार की भी हालत खराब

मनीष ने बताया कि 25 दिसंबर को उसकी पत्नी प्रिया भी उल्टी-दस्त के कारण अस्पताल में भर्ती हुई थी। उन्हें भी इलाज के बाद डिस्चार्ज किया गया। इस दौरान, मनीष के परिवार ने इलाज में भारी खर्च किया। सुभद्राबाई के इलाज में डेढ़ लाख रुपये खर्च हुए, वहीं पत्नी के इलाज में 38 हजार रुपये खर्च हुए। मनीष ने आरोप लगाया कि दूषित पानी के कारण उनका परिवार परेशान हो गया और इलाज के खर्च ने स्थिति और खराब कर दी।



यह खबरें भी पढ़ें...



मध्यप्रदेश विधानसभा का 19 दिवसीय बजट सत्र 16 फरवरी से, 18 को पेश होगा बजट



एमपी का सबसे बड़ा कास्ट सर्टिफिकेट फ्रॉड : 26 साल पुरानी हेराफेरी ने रोक दी IPS बनने की राह



हाईकोर्ट में सरकार से रिपोर्ट की मांग

इंदौर में दूषित पानी से हो रही मौतों पर गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वर्चुअल रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर बताया कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और सभी अस्पतालों में भर्ती मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा रहा है।



कोर्ट ने राज्य सरकार से आदेश दिया कि वह इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करे। 23 मौतों में से 15 मौतों की पुष्टि दूषित पानी से हुई है, जबकि अन्य की मौतों के कारण अलग थे। अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी, जिसमें सरकार को पूरी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।





भागीरथपुरा कांड



Tags:
  • इंदौर
  • हाईकोर्ट
  • राज्य सरकार
  • दूषित पानी
  • मुख्य सचिव अनुराग जैन
  • भागीरथपुरा
  • भागीरथपुरा कांड