भागीरथपुरा कांड में जांच कमीशन ने फिर मांगा समय, हाईकोर्ट ने 14 जून तक मांगी रिपोर्ट
News In Short
- इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 35 मौतें हुई थीं।
- जांच आयोग ने रिपोर्ट देने के लिए फिर समय मांगा है।
- हाईकोर्ट ने जांच आयोग को 14 जून तक की मोहलत दी है।
- वहीं 16 जून को इस मामले की अगली सुनवाई होगी।
- फिलहाल कारण, जिम्मेदार और मुआवजे की जांच जारी है।
News In Detail
इंदौर का भागीरथपुरा कांड
इंदौर नगर निगम के भागीरथपुरा वार्ड 11 में दिसंबर माह के अंत में दूषित पानी कांड हुआ था। इसमें अभी तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है। इस मामले में हाईकोर्ट ने विविध याचिकाओं पर आदेश देते हुए 27 जनवरी को एक सदस्यीय न्यायिक जांच कमीशन बैठाया था।
इसकी अध्यक्षता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस सुशील गुप्ता कर रहे हैं। कमीशन को जांच रिपोर्ट 22 अप्रैल को पेश करना थी लेकिन एक बार फिर समय मांगा गया है।
जांच में समय लगेगा, 14 जून तक का समय
कमीशन ने 18 अप्रैल को हाईकोर्ट बेंच को पत्र लिखा और इसमें समय बढ़ाने की मांग की है। कमीशन का तर्क है कि इसमें विस्तृत रिपोर्ट लगेगी और कई पक्षों को जानना है।
कमीशन के इस पत्र की जानकारी सामने आने के बाद हाईकोर्ट के जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जज आलोक अवस्थी की बेंच ने 14 जून तक रिपोर्ट पेश करने के लिए कमीशन को कहा है। इस रिपोर्ट पर सुनवाई 16 जून को होगी।
मुआवजे से लेकर दोषी तक के बिंदु
हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए जांच कमीशन में कई सारे बिंदु हैं। इसमें यह पता लगाना है कि इस घटना के असली कारण क्या थे, किसकी वजह से यह हुआ, मौत का सही आंकड़ा क्या है, और पीड़ितों को कितनी मुआवजा राशि दी जानी चाहिए।
इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागड़िया ने यह मुद्दा भी उठाया था कि इसमें किसी केमिकल के कारण यह घटना होने की आशंका है। इसे लेकर कमेटी के सामने भी शिकायत दी गई है। इसे भी जांच कमीशन देखेगा।
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अजय बागड़िया के साथ ही अधिवक्ता मनीष यादव व अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे। वहीं इस केस में विविध इंटरविनर व अन्य मामलों में सुनवाई जारी रहेगी और अगले सप्ताह केस लिस्ट होगा।
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