इंदौर बीजेपी के नेताओं ने CM के सामने नहीं की अधिकारियों की शिकायत , MOS Tax पर भी चुप्पी
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 मार्च, रविवार को इंदौर दौरे पर थे। इस दौरे पर संभावना जताई जा रही थी कि इंदौर के नेता सीएम के सामने इंदौर के अधिकारियों को लेकर शिकायत करेंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
इससे दो दिन पहले ही इंदौर बीजेपी नगर की कोर समिति की बैठक में सभी नेता अधिकारियों पर जमकर भड़ास निकाल रहे थे। तय किया गया था कि सब मिलकर बात करेंगे। इसके बवजूद, सभी नेता एक-दूसरे की पहल का इंतजार करते रहे और आखिरकार सभी ने चुप्पी साध ली।
बैठक में क्या तय हुआ था?
उस बैठक में विधायक महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, गोलु शुक्ला और नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा मौजूद थे। सभी की राय एक थी कि इंदौर के अधिकारी नेताओं की बात नहीं सुनते। इससे शहर के विकास पर असर पड़ रहा है।
नेताओं ने तय किया कि सीएम से इस बारे में बात करेंगे। MOS Tax को लेकर भी एजेंडा तय हुआ था। नेताओं का मानना था कि यह टैक्स जनता में नाराजगी की वजह बन रहा है। इस पर पुनर्विचार की मांग CM के सामने रखनी थी।
MOS Tax पर भी रही खामोशी
वहीं, CM के दौरे पर दोनों में से कोई मुद्दा नहीं उठा। न अधिकारियों की शिकायत हुई, न MOS Tax पर कोई बात हुई। हर नेता दूसरे की पहल का इंतजार करता रहा। आखिरकार सभी चुप रह गए।
बीजेपी नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा ने बाद में कहा कि CM से किसी अन्य मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इंदौर को कई अहम सौगातें दी हैं और यह ऐतिहासिक दिन था।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि MOS Tax पर जल्द चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर पुनर्विचार के लिए आग्रह किया गया है। लेकिन CM के दौरे में यह मुद्दा सार्वजनिक तौर पर नहीं उठाया गया।
मिश्रा की तारीफ पर CM भी मुस्कराए
दशहरा मैदान पर नर्मदा परियोजना के चौथे चरण का भूमिपूजन कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम में नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा ने CM का स्वागत परिचय दिया। उनके अंदाज ने सबको चौंका दिया।
मिश्रा ने कहा कि वे जन-जन के मन को मोह लेने वाले हैं। हर मुश्किल को आसान बनाने वाले हैं। असाध्य को भी साध लेते हैं। योग में भी सिद्ध हैं और कुश्ती में भी। उन्होंने CM की डिग्रियां भी गिनाईं जैसे MBA (Master of Business Administration), LLB (Bachelor of Laws), BSc और PhD (Doctor of Philosophy)।
मिश्रा ने कहा कि वे वक्ता भी हैं, संगठक भी हैं, ज्ञानी भी हैं और जिज्ञासु भी। CM हैं और कार्यकर्ता भी। इस भाषण पर खुद CM डॉ. मोहन यादव भी मुस्करा दिए। मंच पर बैठे बाकी नेता और दर्शक भी इस अनोखे परिचय से प्रभावित दिखे।
नर्मदा परियोजना को मिली बड़ी सौगात
सीएम के इस दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धि नर्मदा परियोजना का भूमिपूजन रही। यह चौथे चरण का काम है। इससे इंदौर को पानी की आपूर्ति और बेहतर होगी। नगराध्यक्ष ने इसे इंदौर के लिए ऐतिहासिक बताया।
FAQ
- MOS Tax क्या है और इंदौर में इस पर विवाद क्यों है?
MOS (Municipally Operated Service) टैक्स इंदौर नगर निगम द्वारा लगाया गया एक शुल्क है। BJP की कोर कमेटी बैठक में नेताओं ने माना कि यह टैक्स जनता में नाराजगी का कारण बन रहा है। CM के दौरे पर इस मुद्दे को उठाने की योजना थी, लेकिन नेता चुप रहे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इस मुद्दे पर जल्द चर्चा होगी और पुनर्विचार का आग्रह किया गया है। - नर्मदा परियोजना के चौथे चरण का भूमिपूजन क्यों अहम है?
नर्मदा परियोजना का चौथा चरण इंदौर को पानी की बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। CM के इस दौरे में इसका भूमिपूजन हुआ, जिसे नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा ने इंदौर के लिए ऐतिहासिक बताया।
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