विधायक गोलू शुक्ला के पुजारी से मारपीट में TI को हटाया या नहीं, पलट गई पूरी कहानी

Sanjay Gupta | Oct 10, 2026, 19:10 IST
इंदौर के एरोड्रम थाने में पुजारी जयदीप दुबे से कथित मारपीट के बाद हंगामा हुआ है।
Indore. इंदौर विधानसभा तीन के विधायक गोलू शुक्ला के पुजारी के साथ पुलिसकर्मियों के मारपीट में टीआई हटाए गए या नहीं। रात की घटना की दोपहर होते-होते कहानी ही पलट गई है। एडिशनल डीसीपी ने रात को जो बड़ी कार्रवाई की बात कही वह दोपहर होते-होते छोटी हो गई है।

एरोड्रम थाने में हुआ था हंगामा

इंदौर में एरोड्रम थाने में शुक्रवार रात को हंगामा हुआ। बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने थाना घेर लिया। कारण था कि बीजेपी के विधायक गोलू शुक्ला के फोन करने के बाद भी उनके पुजारी जयदीप दुबे और उनके साथ गए बीजेपी मंडल उपाध्यक्ष पंकज चौबे के साथ पुलिस ने मारपीट और अभद्र व्यवहार किया। थाने को बचाने के लिए और दबाव को देखते हुए एडिशनल डीसीपी सुमित केरकट्टा ने लंबी कार्रवाई की बात कही दी। इसमें टीआई वीरेंद्र सिंह कुशवाह सहित थाने के कुल सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की बात कही। लेकिन दोपहर होतो-होते डीसीपी का अलग बयान जारी हो गया।



यह बोले थे एडिशनल डीसीपी

एडिशनल डीसीपी सुमित केरकट्टा ने रात को औपचारिक बयान दिया और कहा कि आवेदक साथी के साथ थाने आए थे। पुलिस द्वारा अभद्र व्यवहार करने की शिकायत मिली, इसमें मेरे द्वारा जांच की गई। पृथमदृष्टया ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो संदिग्ध और गंभीर है। इसलिए आरक्षक से लेकर सब इंस्पेक्टर रेंक तक के छह अधिकारियों और टीआई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जा रहा है।



अब डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत यह बोले

वहीं डीसीपी रावत ने शनिवार दोपहर में मीडिया से कहा कि थाना एरोड्रम पर जयदीप दुबे फरियादी आए थे उनके साथ दो अज्ञात लोगों ने मारपीट की थी। इसमें रिपोर्ट दर्ज करने के पहले एमएलसी (मेडिकल जांच) के लिए भेजा गया। थाने से भी तत्काल यूनिट जांच के लिए भेजी गई और सीसीटीवी देखे गए और आरोपी चिन्हित किए गए।



एमएलसी के बाद फरियादी थाने पर वापस आए तो हाजिरी अधिकारी से बहस हो गई। इसी के रिएक्शन हुए और दोनों में बहस हो गई। इस पर संज्ञान लेते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। इसमें चार जिसमें एक एएसआई, दो हेड कांस्टेबल और एक आरक्षक है उन्हें थाने से हटाया गया है। घटना की जांच के लिए एसीपी मल्हारगंज को आदेश दिए गए हैं। इसमें जो तथ्य आएंगे उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं टीआई को हटाने पर उन्होंने कहा कि अभी जांच कर रहे हैं। जो तथ्य आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई होगी।



टीआई भी बचे, पुलिसकर्मी भी 7 से चार हुए

यानी थाना घिरा तो एडिशनल डीसीपी (Additional DCP ) ने जो बड़ी एक्शन की बात कही और विधायक शुक्ला के समर्थकों को जो वादा किया उससे पुलिस पलट गई। इसमें टीआई और एक सब इंस्पेक्टर सहित कुल सात पर कार्रवाई की बात एडिशनल डीसीपी ने कही। वहीं दोपहर होते-होते मामले से टीआई और सब इंस्पैक्टर अलग हो गए और पुलिसकर्मी भी कुल सात से घटकर चार हो गए।



यह हुआ था पूरा विवाद

जानकारी के अनुसार पंडित दुबे का पडोसियों के साथ विवाद हुआ। उन्होंने विधायक गोलू शुक्ला को फोन किया। इस पर विधायक ने टीआई वीरेंद्र सिंह कुशवाह को फोन कर मदद के लिए कहा। उन्होंने विधायक से कहा कि वह थाने भेज दें, देख लेते हैं। पंडित शाम को थाने गए, उनके साथ पंकज चौबे भी गए।



वहां हाजिरी अधिकारी से विवाद हो गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने दोनों को जमकर पीटा। वहीं थाने पर दोनो को बैठा लिया गया। इसके सीसीटीवी भी सामने आ गए। वहीं घटना की जानकारी गोलू शुक्ला के समर्थक और बीजेपी कार्यकर्ताओं को लगी। इसके बाद रात 11 बजे थाने के बाहर सैकंड़ों कार्यकर्ता पहुंच गए।



थाना घेरा कार्रवाई की मांग

इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और टीआई व पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए कहा। इसके बाद एडिशनल डीसीपी सुमित केरकट्टा ने टीआई व पुलिसकर्मियों के निलंबन की बात कही। उन्होंने मौके के सीसीटीवी देखे, बात की और कहा कि प्रथमदृष्टया गड़बड़ी पाई गई है। इस पर टीआई कुशवाह सहित छह अन्य पुलिसकर्मियोें को निलंबित किया गया।

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