BJP विधायक महेंद्र हार्डिया को संगठन से फटकार, महापौर निवास पहुंचे, बोले मुझे गलत जानकारी थी
मेरी विधानसभा पांच के साथ भेदभाव हो रहा है, टंकियां नहीं मिल रही हैं, स्थिति विस्फोटक हो रही है। यही हाल रहा तो मैं रोज सुबह महापौर के घर जाऊंगा। यह विरोधी तेवर दिखाने वाले पांच बार के विधायक महेंद्र हार्डिया अब बैकफुट पर हैं। संगठन के संभागीय प्रभारी रणवीर सिंह रावत ने हार्डिया के इस बयान के बाद नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा को फोन किया और डैमेज कंट्रोल के लिए कहा। साथ ही सख्त शब्दों में कहा कि अपने ही लोग अपनी सरकार के खिलाफ कैसे बोल सकते हैं।
हार्डिया से यह बोले महापौर
मिश्रा फिर बुधवार, 20 मई की सुबह हार्डिया को साथ लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निवास पर पहुंचे। यहां पर हार्डिया से महापौर ने कहा कि बाबा, आप हमारे वरिष्ठ हैं। आपने कभी मुझे फोन कर समस्या नहीं बताई और न ही कोई पत्र भेजा। इंदौर नगर निगम द्वारा सभी को बराबरी से पानी दिया जा रहा है। आपने विधायक निधि से टंकी स्वीकृत की थी, इसलिए नए प्रोजेक्ट में टंकी हटाई गई। आप खुद ऑनलाइन देख सकते हैं कि कहां पर कितनी टंकियां भरी जा रही हैं। आपके क्षेत्र में सभी पार्षदों को भी टैंकर दिए हैं।
फिर हार्डिया ने कहा- मुझे गलत जानकारी मिली
इसके बाद बीजेपी नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा ने भी कहा कि बाबा, सरकार हमारी है और हमें मिलकर काम करना है। कोई भी समस्या हो तो संगठन के पास या महापौर से सीधे बात कर लीजिए। इस घटना से संगठन नाराज है। फिर हार्डिया ने कहा कि मुझे गलत जानकारी मिली थी, मुझे आपसे (महापौर) से कोई शिकायत नहीं है। पूरी निगम टीम इस जलसंकट में भी अच्छा काम कर रही है और महापौर खुद और निगम के अधिकारी लगे हुए हैं।
पांच बार के विधायक हार्डिया घिर गए
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद बाबा बुरी तरह से घिर गए हैं। साल 2003 से वह लगातार 2008, 2013, 2018 व 2023 में पांच बार चुनाव जीते थे। एक बार मंत्री भी बने थे। इसके बाद भी यदि उनकी विधानसभा में जलसंकट है तो लोग सवाल कर रहे हैं कि यह किसकी गलती है?
क्योंकि तभी से बीजेपी की प्रदेश में सरकार है, निगम बीजेपी का है, महापौर, सांसद बीजेपी के हैं और खुद वह विधायक हैं। इसके बाद भी जलसंकट को दूर करने के लिए उन्होंने क्या प्रयास किए? संगठन से भी फटकार हो गई, इसके बाद विधायक को बैकफुट पर आना पड़ा।
इधर कांग्रेस बोली- आखिर सैटलमेंट हो गया
उधर कांग्रेस ने इस समझौते पर तंज कसा है। कांग्रेस नेताअमीनुलखान सूरी ने कहा कि विधानसभा पांच से अचानक जलसंकट खत्म हो गया। आखिर ऐसा कौन सा चमत्कार हो गया?महेंद्रहार्डियाबाबा ने जिस मुद्दे को जनता की लड़ाई बताकर सड़कों पर उठाया,आखिरवहलड़ाई अचानक खत्म कैसे हो गई?अचानक सब कुछ मैनेज कैसे हो गया?क्याये लड़ाई जनता की नहीं थी,ये लड़ाई अहंकार,वर्चस्व, राजनीतिक हित और निजी समीकरणों की थी। आखिर सेटलमेंट हो गया।
ये खबरें भी पढ़िए...
इंदौर कार हादसा: कार की पिछली सीट पर सो रही पोती को भूल गए दादा, 80° तापमान ने ली जान
MP News: मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, भोपाल-इंदौर में ₹110 के पार, जानें आपके शहर के रेट