बीजेपी नेता और संघ पदाधिकारी विवाद में एकलव्य गौड़ क्रॉस FIR के लिए लगा रहे जोर
INDORE. इंदौर विधानसभा चार में शनिवार रात से लेकर रविवार शाम तक बीजेपी, हिंदरक्षक नेताओं और राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के पदाधिकारी के बीच विवाद की स्थिति रही। इसमें जमकर हुए बवाल, पथराव के बाद रविवार शाम को विधायक मालिनी गौड़ के प्रतिनिधि वीरेंद्र शेंडगे, पीए प्रणय चित्तौड़ा सहित सात लोगों पर गंभीर धाराओं में केस हुआ। लेकिन अब बीजेपी और संघ इस मामले को ठंडा करने में जुट गए है। हालांकि हिदंरक्षक की ओर से इस मामले में अपने करीबी शेंडगे, शानू दिघे के घर पर हुए हमले को लेकर क्रास एफआईआर का आवेदन दिया हुआ है।
एकलव्य पहुंचे थाने, टीआई गए बाहर
सूत्रों के अनुसार शेंडगे व दिघे के आवेदन पर एफआईआर के लिए हिंदरक्षक के राष्ट्रीय संयोजक एकलव्य गौड़ काफी कोशिश कर रहे हैं। क्रॉस एफआईआर से समझौते से लेकर आगे बचाव तक का रास्ता खुल जाएगा। इस मामले को लेकर गौड़ थाने भी गए थे, लेकिन जानकारी के अनुसार दबाव देख टीआई बिना मिले मौके से चले गए।
गिरफ्तारी भी होल्ड, एफआईआर भी
इस मामले में पुलिस की ओर से अभी यथास्थिति जैसा मामला है। शेंडगे, दिघे, चित्तौड़ा व अन्य की गिरफ्तारी अभी नहीं की जा रही है। पुलिस कह रही है मामले की जांच चल रही है। उधर क्रास एफआईआर भी नहीं हो रही है। इस मामले में थाना स्तर पर पुलिस अधिकारी भी उच्च स्तर से आगे दिशा निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं और इसी के अनुसार मामले में फूंक-फूंक कर आगे बढ़ा जा रहा है।
विभाग प्रमुख देख रहे हैं पूरा मामला
इस पूरे मामले में विभाग प्रमुख वासुदेव पाटीदार नजर रखे हुए हैं। उन्होंने मामला प्रांत प्रचारक राजमोहन जी की पूरी जानकारी दी हुई है। प्रांत प्रचारक रतलाम गए हैं। जब रविवार को मामला तूल पकड़ा था तब भी पाटीदार ने ही मामले को प्रांत प्रचारक को बताया और फिर उनके द्वारा प्रदेशाधय्क्ष बीजेपी हेमंत खंडेलवाल को फोन किया गया। इसके बाद ही रविवार शाम पांच बजे विधायक गौड़ के करीबियों पर केस हुआ और शेंडगे को विधानसभा प्रभारी पद से हटाते हुए नोटिस थमा दिया गया। अब शेडगे को पार्टी से बाहर करने के लिए भी मांग उठ रही है।
एफआईआर इनके द्वारा लिखवाई गई
गौड़ के समर्थकों पर एफआईआर जयानी आगार पति सुयश आगार निवासी उषा नगर द्वारा लिखवाई गई है। इसमें आरोपी वीरेंद्र शेंडगे, गिरीश शेंडगे, शानू दिघे, मनीष ईमोलिया, प्रशांत सोनी, प्रणय चित्तौड़ा, अमित कोकाटे है। इन पर बीएनएस धारा 109(1), 330(2), 296(ए), 62 व 3(5) के तहत केस हुआ है। इसमें 109 (1) का मतलब है हत्या का प्रयास, 330 (2) में है कि घर में जबरदस्ती घुसना, धारा 296 अश्लील कृत्य के लिए लगती है। वहीं 3(5) के तहत सामूहिक अपराध करना है।
एफआईआर में चाकू चलाने, पिस्टल निकालने की बात
एफआईआर के मुताबिक जयानी महालक्ष्मी मंदिर की ओर जा रही थी, तब देखा कि देवर सूजल के दोस्त चेतन पाटिल से 6 जून की रात 11.30 बजे उषा नगर पर मारपीट हो रही है। गणेशन पाठक भी साथ थे, वह मोबाइल से वीडियो बना रहे थे, तभी शेंडगे ने उनका मोबाइल लेकर वीडियो डिलीट कर फेंक दिया। चेतन के साथ वीरेंद्र शेंडगे, गिरीश, शानू उर्फ सौरभ, मनीष ईमोलिया, प्रशांत, अमित व अन्य साथी थे। यह मेरे देवर और पाटिल को मार रहे थे। वीरेंद्र ने चाकू निकाला और पाटिल से चेन और पैसे मांगे। कहा नहीं दिया तो जान से खत्म कर देंगे। चेतन पर वार भी किया लेकिन वह हट गया। चेतन ने चेन और पैसे दे दिए।
प्रणय ने पिस्टल निकलवाई, मनीष ने चलाई
एफआईआर में आगे है कि मैं घर आई। इसके बाद रात 12 से 12.30 बजे मैं परिजन, पति, सहेली पूनम उनके पति परमवीर सभी बैठे थे। तभी वीरेंद्र, शानू, प्रशांत, गिरीश व अन्य घर पर आए और धक्का देकर जबरदस्ती घुसे। शानू व साथियों ने कहा कि तेरा चेहरा बिगाड़ दूंगा। घर में तोड़फोड़ की और पति को भी मारा। वीरेंद्र ने मेरे सीने पर चाकू रखकर मारने की कोशिश की, मैं हट गई। इनके पास हथियार भी थे। प्रणय के पास टामी थी, प्रणय बोला कि पिस्टल निकालो इनको मार डालो।
मनीष ने पति सुयश पर पिस्टल चलाने की कोशिश की लेकिन वह चली नहीं, इसके चलते मेरे पति की जान बच गई। फिर कहा कि देवर सुजल व चेतन को समझा लेना नहीं तो जीवन खराब कर देंगे। अभी तो बच गए हो नहीं तो आगे तुम्हें और तुम्हारे परिवार की हत्या ही करना होगी।
बिना नाम लिए विधायक गौड़ को भी घेरा
वहीं एफआईआर की आखरी लाइन में बिना नाम लिए विधायक मालिनी गौड़ को भी घेरा गया है। एफआईआर के अंत में लिखा है कि- यह सभी लोग बड़े नेता के समर्थक है, इसलिए डर के कारण रात्रि में रिपोर्ट लिखवाने नहीं आ सकी।
इस तरह से हुआ पूरा विवाद
वहीं जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत शनिवार को तब हुई तब रात 11 बजे करीब उषा नगर में रहने वाला नीतेश दो पहिया वाहन से कुत्तों को खाना डालने गया, इस पर शेंडगे ने टोका- यहां मत डालो। नीतेश ने फोन कर पिता को बुला लिया, वहीं वीरेंद्र ने प्रशांत सोनी और अन्य को बुलाया। वहीं नीतेश ने संघ के बस्ती पदाधिकारी चेतन पाटिल, परमवीर व अन्य को बुला लिया। दोनों पक्षों में विवाद हुआ। रात को मामला थाने पहुंचा। यहां पर हिंदरक्षक के संयोजक व विधायक पुत्र एकलव्य गौड़ पहुंचे। संघ की ओर से वीरेंद्र गोयल भी गए।
फिर संघ के वासुदेव पाटीदार से चर्चा हुई और समझा कर मामले को ठंडा किया गया। लेकिन रविवार सुबह फिर पाटिल के समर्थक भड़क गए और एफआईआर की मांग के साथ हंगामा हो गया। शेंडगे की मल्टी पर पथराव हुआ। फिर दोपहर में शानू दिघे के घर और एक बार फिर शेंडगे की मल्टी में अज्ञात लोग पहुंचे और पथराव हुआ। इसके बाद मामला नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा ने शेंडगे को विधानसभा प्रभारी पद से हटाने का पत्र जारी किया। साथ ही पार्टी से निष्कासन का नोटिस थमा दिया।
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