इंदौर-बुधनी प्रोजेक्ट से जुड़ेंगे मुंबई, और बेंगलुरु, जबलपुर के बीच दूरी होगी कम
समझें क्या है पूरा मामला...
- इंदौर-बुधनी रेल लाइन मध्य प्रदेश के रेलवे नेटवर्क को नई ताकत देगी।
- यह प्रोजेक्ट 205 किलोमीटर लंबा है।
- इससे इंदौर और जबलपुर के बीच की दूरी 70 से 75 किलोमीटर तक कम होगी।
- यह लाइन जबलपुर और इंदौर को मुंबई, नागपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई से जोड़ेगी।
- प्रोजेक्ट को 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बता दें कि इंदौर-बुधनी रेल लाइन मध्य प्रदेश के रेलवे नेटवर्क के लिए एक बड़ी परियोजना है। यह लाइन 205 किलोमीटर लंबी होगी। इससे इंदौर और जबलपुर के बीच की दूरी 70 से 75 किलोमीटर तक घट जाएगी।
इस नई लाइन से जबलपुर और इंदौर की कनेक्टिविटी मुंबई, नागपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों से मजबूत होगी। यह एक छोटा और सीधा बाईपास रूट होगा। जबलपुर से आने वाली ट्रेनों को अब इटारसी नहीं जाना पड़ेगा।
यह प्रोजेक्ट दिल्ली और मुंबई के बीच चलने वाली ट्रेनों के लिए भी उपयोगी रहेगा। इसी वजह से इस परियोजना को मध्य प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
मुंबई, नागपुर जैसे शहर जुड़ेंगे
वर्तमान में पश्चिम मध्य रेलवे के नेटवर्क पर ज्यादा दबाव रहता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश को मध्य और पूर्वी हिस्से से जोड़ने के लिए भोपाल और इटारसी रूट से गुजरना पड़ता है।
इंदौर-बुधनी रेल लाइन भारतीय रेलवे को एक नया और मजबूत बाईपास रूट देगी। जबलपुर से दक्षिण भारत जाने वाली ट्रेनें अब बुधनी से होते हुए सीधे नागपुर, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जा सकेंगी।
इसी तरह दक्षिण भारत से उत्तर भारत आने वाली ट्रेनें भी बिना इटारसी गए जबलपुर रूट से प्रयागराज, बनारस और बिहार तक पहुंच सकेंगी। इससे मध्य प्रदेश के जरिए बड़े शहरों की कनेक्टिविटी में भारी सुधार होगा।
इससे क्या फायदा होगा
इस नई रेल लाइन से कई तरह के फायदे होंगे। इंदौर और उज्जैन से हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जाने वाली मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों को अब इटारसी का लंबा रास्ता नहीं लेना पड़ेगा।
मध्य और पूर्वी भारत से आने वाली ट्रेनें अब भोपाल में अटके बिना सीधे इंदौर, पीथमपुर और गुजरात की तरफ बढ़ सकेंगी। जबलपुर के रास्ते ओडिशा, पश्चिम बंगाल, रायपुर, बिलासपुर और कोलकाता की कनेक्टिविटी भी आसान और तेज हो जाएगी।
अमृतसर, जम्मू और दिल्ली से नागपुर, हैदराबाद और बेंगलुरु जाने वाली ट्रेनें भी इस नए बाईपास रूट का इस्तेमाल कर सकेंगी। यह लाइन भोपाल और इटारसी के ट्रैफिक को बायपास करते हुए इंदौर को सीधे दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश से जोड़ेगी।
इंदौर-जबलपुर की दूरी होगी कम
इंदौर-बुधनी रेल लाइन से मध्य प्रदेश के महाकौशल इलाके की मालवा से कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। अभी इंदौर से जबलपुर जाने वाली ट्रेनों को भोपाल और इटारसी से होकर जाना पड़ता है।
इस वजह से दोनों शहरों के बीच की दूरी 554 किलोमीटर हो जाती है। नई रेल लाइन शुरू होने के बाद यह दूरी करीब 68 से 74 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इससे यात्रियों का सफर लगभग 1 से 2 घंटे तक कम हो जाएगा।
इस रूट के शुरू होने से इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर का औद्योगिक नेटवर्क एक ही रेल लाइन चेन से जुड़ जाएगा। यही वजह है कि इस परियोजना को मध्य प्रदेश के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है।
लेवल-क्रॉसिंग मुक्त रहेगा ट्रैक
इंदौर-बुधनी रेल लाइन की एक बड़ी खासियत है। यह पूरा ट्रैक पूरी तरह से लेवल-क्रॉसिंग मुक्त रहेगा। इससे यह ट्रैक बेहद सुरक्षित और हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए उपयुक्त बनेगा।
इस प्रोजेक्ट के तहत धंतलाब घाट क्षेत्र में एक बड़ी सुरंग भी बनाई जा रही है। यह सुरंग 8.64 किलोमीटर लंबी होगी। इसे मध्य भारत की सबसे लंबी रेल सुरंगों में गिना जाएगा।
2029-30 तक पूरा होगा काम
रेल विकास निगम लिमिटेड की तरफ से इस परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
इस प्रोजेक्ट के लिए 7500 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है। इसे साल 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना पूरी होने पर मध्य प्रदेश के रेल नेटवर्क को नई ताकत मिलेगी।
ये खबरें भी पढ़िए...
मध्यप्रदेश न्यूज: तत्काल बुकिंग सिस्टम और आसान, एक मिनट में बुक होंगे 1 लाख से ज्यादा टिकट
50 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें लाएगा रेलवे, डेढ़ गुना बढ़ेगी क्षमता, और आरामदायक होगा सफर
केन-बेतवा प्रोजेक्ट: जल-जंगल-जमीन की लड़ाई तेज, राहुल गांधी से मिले प्रभावित परिवार
कैसे काम करता है भारतीय रेलवे का कंप्लेंट सिस्टम, चलती ट्रेन में ऐसे करें शिकायत