इंदौर में जनगणना ड्यूटी में लापरवाही कर रहे अधिकारी-कर्मचारी, 289 को नोटिस, FIR की चेतावनी
News In Short
- इंदौर में जनगणना ड्यूटी में बड़ी लापरवाही सामने आई है।
- इसके लिए 289 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस जारी हुआ है।
- जवाब नहीं देने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
- जनगणना अधिनियम एवं अन्य प्रावधानों के तहत केस दर्ज कराने के भी प्रावधान हैं।
- 4 मई तक उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।।
News In Detail
जनगणना का काम तो शुरू हो गया है, लेकिन इस काम को लेकर अधिकारी-कर्मचारी गंभीर नहीं हैं। इंदौर में नोडल अधिकारी ने ड्यूटी पर नहीं आने वाले ऐसे 289 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिया है। अधिकारी ने एफआईआर तक की चेतावनी दी है। सभी को 4 मई को शाम साढ़े पांच बजे तक उपस्थित होने के आदेश दिए गए हैं।
निगमायुक्त ने दिए यह आदेश
यह नोटिस निगमायुक्त इंदौर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी क्षितिज सिंघल (आईएएस क्षितिज सिंघल) द्वारा जनगणना ड्यूटी में नहीं आने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को जारी किया है।
यह सभी वे हैं जिन्हें 01 मई और इसके बाद भी लगातार जानकारी दी गई फिर भी हाजिर नहीं हुए। मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचार नियम के नियम के तहत प्रशासन द्वारा कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत विभागीय जांच भी प्रस्तावित की जा सकती है।
एफआईआर के लिए इस तरह प्रावधान
जनगणना अधिनियम एवं अन्य प्रावधानों के तहत केस दर्ज कराने के भी प्रावधान हैं। यदि यह नोटिस का जवाब नहीं देते हैं और ड्यूटी पर नहीं आते, तो केस दर्ज कराया जा सकता है।
जनगणना-2027 के लिए नए दिशा-निर्देश जारी
मध्य प्रदेश सरकार ने जनगणना-2027 के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों में आम लोगों और जनगणना में ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों के लिए जरूरी जानकारी दी गई है।
सुरक्षा की पूरी गारंटी
जनगणना के दौरान आपकी निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। यह डेटा किसी भी सिविल या क्रिमिनल कोर्ट में नहीं जाएगा। इसे साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करना कानूनन प्रतिबंधित कर दिया है। लोग बिना किसी डर के अपनी सही जानकारी दे सकते हैं।
कर्मचारियों के लिए जरूरी नियम
ड्यूटी पर तैनात प्रगणकों के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। उन्हें हमेशा अपना आधिकारिक पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही नियुक्ति पत्र दिखाना भी बेहद जरूरी है। यह नियम फर्जीवाड़े को रोकने के लिए लागू किया गया है।
एक हजार की पेनाल्टी
जनगणना के दौरान इन बातों का ध्यान रखें, नहीं तो आपके ऊपर एक हजार रुपए तक की पेनाल्टी लग सकती है।
- जनगणना के दौरान गलत जानकारी बिल्कुल न दें।
- पूछे गए सवालों का सही से जवाब दें।
- घर या कॉलोनी में जनगणना टीम को घुसने से न रोकें।
- घर पर लिखे गए नंबर या निशान को न मिटाएं।
- जनगणना कार्यालय में बिना अनुमति के न घुसें।
रुकावट करने पर होगी सजा
अगर जनगणना ड्यूटी में लगा कोई कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाने से इनकार करता है। या फिर कोई जनगणना के काम में रुकावट डालता है या कानूनी कर्तव्यों को पूरा करने में अड़चन डालता है, तो उन्हें तीन साल की सजा हो सकती है।
साथ ही जनगणना से जुड़े किसी व्यक्ति ने नियमों का पालन करने में लापरवाही बरती या उन्हें नजरअंदाज किया, तो भी तीन साल की सजा हो सकती है।
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