इंदौर सेंट्रल जेल में फैला डेंगू, 32 मरीज मिले, पानी की बाल्टी में मिले लार्वा, दो की संदिग्ध मौत
जेल अधिकारियों ने की पुष्टि
जेल उप अधीक्षक आईएस नागर ने कहा कि बीते 15 दिनों में 32 कैदियों में डेंगू पाया गया है। इनमें से 15 से ज्यादा ठीक हो चुके हैं और बाकी का उपचार चल रहा है। उन्होंने एमवायएच में दो कैदियों की मौत पर कहा कि इनमें डेंगू की पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन रक्त संबंधी अन्य समस्याएं थीं। स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने क्या कहा?
वहीं, सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने कहा कि सेंट्रल जेल (Indore Central Jail) से कैदियों को बुखार होने की सूचना मिली थी। मलेरिया विभाग की टीम ने सर्वे भी किया था। एक-दो मरीज लगातार बुखार से प्रभावित बताए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि करीब 32 मरीजों की जांच की गई। लेकिन एमवाय में डेंगू की पुष्टि के लिए जो टेस्ट होता है, उसमें तीन मरीजों में डेंगू मिला है और उनका उपचार चल रहा है। बाकी मरीजों में टाइफाइड की संभावना थी। इसे लेकर भी कैदी भर्ती हैं। मलेरिया टीम उन स्थानों की जांच कर रही है, जहां पानी रखा हुआ है।
पानी के बर्तनों में मिले डेंगू के लार्वा
वहीं, टीम द्वारा की गई जांच में जेल में कैदियों की पानी की बाल्टियों और अन्य बर्तनों में रखे पानी में डेंगू के लार्वा मिले हैं। इन्हें मौके पर ही नष्ट किया गया है। वहीं, स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे लार्वा की पहचान कर उन्हें नष्ट कर सकें।
दो कैदियों की मौत पर डॉक्टर का बयान
डॉ. हसानी ने एमवाय की रिपोर्ट के आधार पर बताया कि एक कैदी की मौत सिकल सेल एनीमिया और अन्य समस्याओं के कारण हुई है। उसकी मौत डेंगू से नहीं हुई है। एक अन्य कैदी की मौत चोट के कारण हुई है।
कैदियों की पानी की बाल्टियों से डेंगू फैलने की आशंका
वहीं, बताया जा रहा है कि यह डेंगू बाल्टियों में रखे पानी से फैला है। इस पानी में लार्वा थे, जिसका उपयोग करने से कैदी संक्रमित हुए। इसके बाद उन्हीं बाल्टियों का उपयोग अन्य कैदी भी करते रहे, जिससे वे भी प्रभावित होते गए।
डेंगू कैसे फैलता है?
डेंगू एक वायरल बीमारी है। यह एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) प्रजाति के संक्रमित मादा मच्छर के काटने से फैलती है। ये मच्छर आमतौर पर साफ और ठहरे हुए पानी में पनपते हैं। इसलिए घर के आसपास कूलर, गमलों, पुराने टायरों और बर्तनों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। खासकर बारिश के मौसम में इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
डेंगू के प्रमुख लक्षण क्या हैं?
- तेज बुखार: अचानक तेज बुखार आना। कई बार तापमान 102°F से 105°F तक पहुंच सकता है।
- सिर और शरीर में दर्द: तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द और मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना।
- लाल चकत्ते: शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई देना।
- अन्य लक्षण: ज्यादा थकान, कमजोरी, मिचली और उल्टी होना।
डेंगू में प्लेटलेट्स कम होने का खतरा
डेंगू होने पर कुछ मरीजों के खून में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है। हालांकि हर मरीज में ऐसा होना जरूरी नहीं है। गंभीर मामलों में रक्तस्राव और शरीर के अंगों पर असर पड़ने का खतरा रहता है। समय पर इलाज नहीं मिलने से बीमारी जानलेवा भी हो सकती है।
डेंगू के गंभीर लक्षण क्या हैं?
- पेट में तेज या लगातार दर्द होना।
- बार-बार उल्टी आना।
- नाक या मसूड़ों से खून निकलना।
- उल्टी या मल में खून दिखाई देना।
- सांस तेज चलना या सांस लेने में परेशानी होना।
- बहुत ज्यादा कमजोरी, बेचैनी या सुस्ती महसूस होना।
इस बात का रखें ध्यान
डेंगू के गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। कई बार बुखार उतरने के बाद भी मरीज की हालत बिगड़ सकती है। इसलिए केवल बुखार कम होने को पूरी तरह ठीक होने का संकेत नहीं मानना चाहिए।