इंदौर चोइथराम मंडी में मिठाई के डिब्बे में रिश्वत का वीडियो बनाने वाले व्यापारी को जान से मारने की धमकी
इंदौर की चोइथराम मंडी के कैंटीन संचालक ने राजेंद्रनगर थाने में शिकायत की है। उसने शिकायत में आरोप लगाए हैं कि मुझे प्रताड़ित किया गया है और झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दी गई है। इसके पूर्व कैंटीन संचालक का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें वह मिठाई के डिब्बे में नोट की गड्डी जमाते हुए दिख रहा था।
यह है पूरा मामला
इंदौर की चोइथराम मंडी की कैंटीन के व्यापारी नंदकिशोर गुप्ता ने मिठाई के डिब्बे में पैसे रखे और उसका वीडियो बनाकर वायरल किया। उस वीडियो में व्यापारी एक मिठाई के डिब्बे में नोटो की गड्डी रखते हुए भी दिख रहा है। साथ ही यह भी कहा कि यह पैसे मंडी सचिव को जाते हैं। इस पर सचिव का कहना है कि मैंने उसका अतिक्रमण तोड़ा तो यह वीडियो मुझे फंसाने और बदनाम करने के लिए बनाया गया है।
शिकायत में लगाए गंभीर आरोप
चोइथराम मंडी के कैंटीन संचालक ने राजेंद्रनगर थाने में जो आवेदन दिया है उसमें कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन में आरोप लगाया कि मंडी सचिव और उनके साथियों द्वारा उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।
व्यापारी ने दी लिखित शिकायत
व्यापारी नंदकिशोर गुप्ता निवासी अन्नपूर्णा नगर इंदौर ने थाना राजेंद्र नगर में शिकायत दी है। आवेदन में लिखा है कि सचिव और उनके साथियों द्वारा उस पर झूठे प्रकरण दर्ज कराने और नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जा रही है। इतना ही नहीं, फोन पर गाली-गलौज और धमकी भरे कॉल भी किए गए हैं।
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“आज तुझे जिंदा वापस नहीं जाने दूंगा”
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पुलिस से सुरक्षा की मांग
कैंटीन संचालक ने 16 सितंबर को पुलिस को दिए आवेदन में अनुरोध किया है कि उसे और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही मंडी सचिव और उनके सहयोगियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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मंडी सचिव बोले, अतिक्रमण तोड़ा इसलिए वीडियो बनाया
मंडी सचिव नरेश परमार ने बताया कि अकेले में खुद ने वीडियो बनाया और उसको रिश्वत देने के नाम से वायरल कर रहा है। इसमें कितनी सत्यता है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। जिसने वीडियो बनाया वह ना तो मंडी का कर्मचारी है और ना ही व्यापारी है। वह केवल अतिक्रमणकर्ता है। उसने अतिक्रमण कर लिया था तो मंडी प्रशासन ने उसे तोड़ दिया। बाद में उसने फिर अतिक्रमण कर लिया। इस पर हमने नोटिस दिया, लेकिन उसने नहीं लिया। अब हम उसे डाक से भिजवा रहे हैं। अब वह दोबारा अतिक्रमण करने की कोशिश करेगा तो हम उसे भी तोड़ देंगे।
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