सीएम हेल्पलाइन रैंकिंग में सी ग्रेड इंदौर जिला, तहसीलदार, एसडीएम और राजस्व कार्य D कैटेगरी में
INDORE. इंदौर में अधिकारियों की जमकर मनमानी चल रही है। मैदान के साथ ही कागजी आंकड़ों में भी इनके कामों की पोल खुल रही है। इंदौर जिले के अधिकांश विभाग सीएम हेल्पलाइन में सी ग्रेड में हैं। जिले की रैंकिंग 17वीं होकर ओवरआल कैटेगरी भी सी ग्रेड की है। वहीं राजस्व कामों का तो हाल सबसे बुरा है।
हालांकि कलेक्टर शिवम वर्मा इसे समझते हुए पूरे जिले में राजस्व शिविर लगा रहे हैं, लेकिन अभी भी जिला डी कैटेगरी में हैं।
सीएम हेल्पलाइन में विभागों के हाल
ए कैटेगरी में- कोई नहीं
बी कैटेगरी में- खाद्य नागरिक आपूर्ति, उर्जा विभाग, गृह, किसान व कल्याण, अनुसूचित जाति विभाग, जनजातीय कार्य विभाग
सी कैटेगरी में- परिवहन, नगरीय प्रशासन, पंचायत व ग्रामीण विकास, योजना व आर्थिक, महिला व बाल विकास, पिछड़ा वर्ग, राजस्व विभाग, पशुपालन विभाग,
डी कैटेगरी में- विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, सामाजिक न्याय, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, श्रम विभाग, पीडब्ल्यूडी, लोक स्वास्थ्य, वित्त, स्कूल शिक्षा विभाग, सहकारिता विभाग, वन विभाग (पांच अगस्त तक की स्थिति में)
तहसीलदार और एसडीएम के यह हैं हाल
वहीं राजस्व काम की बात करें तो इंदौर कलेक्टोरेट के अधिकारियों के हाल खराब है। जिले की रैंक 5 अगस्त तक की स्थिति में 48वीं है और कैटेगरी डी है। कुल 26 राजस्व कोर्ट में से 23 अधिकारी डी कैटेगरी में हैं। वहीं केवल एक अधिकारी की कोर्ट ए कैटेगरी में और दो की सी कैटेगरी में हैं।
ए कैटेगरी में- जूनी इंदौर नायब तहसीलदार
सी कैटेगरी में- खुडैल नायब तहसीलदार और जूनी इंदौर अपर तहसीलदार
डी कैटेगरी में यह सभी अधिकारी- भिचौली हप्सी, खुडैल, सांवेर (शिप्रा), राऊ (धन्नड़), महू नायब तहसीलदार, महू मानपुर नायब तहसीलदार, देपालपुर, हातोद नायब तहसीलदार, भिचौली हप्सी कैलोद करताल, सांवेर, राऊ, जूनी इंदौर, महू सिमरोल नायब तहसीलदार, गौतमपुरा, देपालपुर, महू, सांवेर नायब तहसीलदार, कनाडिया, मल्हारगंज नायब तहसीलदार, मल्हारगंज, हातोद, देपालपुर नायब तहसीलदार, मल्हारगंज अतिरिक्त तहसीलदार।
इसलिए कलेक्टोरेट डी में
जिले की मप्र के 55 जिलों में से 48वी रैंक है और डी कैटेगरी में हैं। जुलाई माह में 1074 शिकायतें मिली है, इसमें अभी भी 837 शिकायतें लंबित है। संतुष्ट के साथ बंद होने वाली शिकायतों के वेटेज प्रतिशत 13 फीसदी से कम है।
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