इंदौर कलेक्टर ने पटाखा कारोबारी पर सख्ती की, लाइसेंस किया निरस्त, IAS भटनागर की कोर्ट ने लगाई रोक

Sanjay Gupta | Oct 28, 2026, 13:44 IST
इंदौर में संकरे रास्ते पर बनी पटाखा दुकान के निरस्त लाइसेंस पर कोर्ट से रोक के बाद दिवाली पर बिक्री का रास्ता साफ हो गया है।
Court Stays Indore Collector Order On Firecracker Shop License Cancellation Ahead Of Diwali
इंदौर में दशहरा-दिवाली पर्व के दौरान पटाखों की बिक्री में सतर्कता के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने सख्त फैसला भी लिया है। इसमें एक बड़े कारोबारी का लाइसेंस भी निरस्त किया। वहीं अतिरिक्त आयुक्त आईएएस तरूण भटनागर की कोर्ट ने आदेश पर रोक लगा दी है।

इंदौर में पटाखों की दुकानों पर दशहरे से ही लगातार जांच और औचक निरीक्षण हो रहे हैं। इसी दौरान कलेक्टर ने गड़बड़ी मिलने पर दुकानें बंद कराने और ज्यादा अनियमितता पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई की है। वहीं अब कलेक्टर को दूसरे आईएएस ने ही झटका दे दिया है।



इंदौर कलेक्टर ने पटाखा कारोबार पर सख्ती की, लाइसेंस किया निरस्त, IAS भटनागर की कोर्ट से स्टे

कलेक्टर ने यह किया था

दरअसल पटाखों के भंडारण और बिक्री में सुरक्षा नियमों की अनदेखी मिलने पर कलेक्टर ने 19 अक्टूबर को आदेश जारी किया था। इसके तहत थाना किशनगंज क्षेत्र के ग्राम पिगडंबर में सर्वे नंबर 350 पर पटाखों की दुकान चलाने वाले जितेश पिता मोहनलाल बांगेचा का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था।



जांच में सामने आया कि परिसर में पटाखे रखे गए थे। यह जगह मुख्य सड़क से करीब 250 फीट अंदर थी। वहां आने-जाने का रास्ता संकरा था और उसमें भी पटाखे रखे हुए थे। इससे लोगों की आवाजाही में परेशानी हो रही थी। साथ ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के आने-जाने में भी दिक्कत हो सकती थी।



जांच में यह भी पाया गया कि परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। विस्फोटक नियम-2008 का भी पालन नहीं किया जा रहा था। इन गड़बड़ियों को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने नियम-118 के तहत लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया था। साथ ही परिसर में रखे पटाखों को दो दिन के भीतर नियमानुसार हटाने का आदेश भी दिया था।



आईएएस तरूण भटनागर की कोर्ट में लगी अपील

इस आदेश के खिलाफ कारोबारी ने तत्काल अतिरिक्त राजस्व आयुक्त आईएएस तरूण भटनागर की कोर्ट में अपील की। इसमें कारोबारी ने कहा कि उन्हें अक्टूबर 2017 से मार्च 2027 तक का लाइसेंस मिला हुआ है। दुकान भी मुख्य मार्ग से 250 फीट अंदर है। वर्तमान में पटाखा कारोबार का उचित समय है, ऐसे में यदि लाइसेंस निरस्त रहा तो बहुत नुकसान होगा और इसकी भरपाई नहीं हो सकेगी। साथ ही इस अपील का भी मतलब नहीं रहेगा। ऐसे में कलेक्टर के आदेश पर रोक लगाई जाए।



आईएएस ने यह किया आदेश

आईएएस भटनागर की कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पटाखा कारोबारी को राहत दी। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल मामला अपील करने वाले के पक्ष में नजर आ रहा है। इसलिए कलेक्टर इंदौर के 19 अक्टूबर के आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई जाती है।



अब अगली तारीख यह लगी, तब तक हो जाएगा कारोबार

इस मामले में अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी। वहीं, 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दिवाली है। ऐसे में अगर 5 नवंबर को सुनवाई टल जाती है या अगली तारीख मिल जाती है, तो दिवाली तक पटाखों की दुकान चलती रह सकती है। यानी प्रशासन की जांच में जो अनियमितताएं सामने आई थीं, उनके बावजूद दुकान त्योहार के दौरान खुली रह सकती है।



हरदा पटाखा ब्लास्ट में भी ऐसा ही हुआ था

उल्लेखनीय है कि साल 2024 में हरदा की पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में इसी तरह की बात सामने आई थी। इसमें कलेक्टर द्वारा लाइसेंस निरस्त किया गया था। वहीं बाद में तत्कालीन संभागायुक्त मालसिंह भायडिया ने इस आदेश पर अगली सुनवाई तक स्टे कर दिया था। बाद में यहां पर यह दुखद घटना घटी थी। इस मामले का खुलासा होने के बाद फिर इंदौर संभागायुक्त पद पर ट्रांसफर होकर आए भायडिया को इंदौर से हटा दिया गया था।



भटनागर क्रिश्चन कॉलेज मामले में भी दे चुके झटका

बता दें कि आईएएस भटनागर की कोर्ट से इंदौर कलेक्टर को यह दूसरा झटका लगा है। इसके पहले इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने क्रिश्चन कॉलेज की जमीन को शासकीय घोषित करते हुए आदेश जारी किया था। मामला 500 करोड़ की जमीन का था। इस मामले में भटनागर की कोर्ट में अपील लगी और वहां 19 जनवरी को यथास्थिति का आदेश हो गया।



इस आदेश के आधार पर इंदौर हाईकोर्ट ने क्रिश्चन कॉलेज के पक्ष में आदेश दिया। साथ ही कहा कि, प्रथम दृष्टया यह भी देखा गया है कि मामले में अंतिम आदेश पारित करने के लिए कलेक्टर कोर्ट में 23 जनवरी की तारीख तय थी, लेकिन इसे 12 जनवरी को ही पारित कर दिया गया।



इसके अलावा अतिरिक्त आयुक्त द्वारा 19 जनवरी 2026 के आदेश के माध्यम से यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया गया था। इन तथ्यों को देखते हुए कलेक्टर के 12 जनवरी के आदेश को स्टे किया जाता है।



Ias tarun bhtnagar aadesh
Tags:
  • विस्फोटक नियम-2008
  • आईएएस तरूण भटनागर
  • आईएएस तरूण भटनागर की कोर्ट
  • राजस्व आयुक्त आईएएस तरूण भटनागर
  • हरदा पटाखा ब्लास्ट
  • कलेक्टर इंदौर
  • इंदौर हाईकोर्ट
  • इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा