सेवा से हटाए पटवारी बोले संघ के कारण किया था आंदोलन, माफी चाहते हैं, इंदौर कलेक्टर ने किया बहाल
हालांकि, पटवारियों का आंदोलन खत्म होने के बाद काम में तेजी आई है। अब हर दिन रजिस्ट्री की जा रही है। इससे पहले स्वामित्व योजना (Swamitva Scheme) में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई थी। इस पर कलेक्टर ने सांवेर तहसील के सात प्रोबेशनर पटवारियों की सेवा समाप्त कर दी थी। पटवारी संघ ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी। अब काम में तेजी आने के बाद पटवारियों को फिर बहाल कर दिया गया है।
पटवारियों ने इस तरह मांगी माफी
सेवा से हटाए गए पटवारियों ने कलेक्टर को अपना प्रतिवेदन सौंपा था। इसमें कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से काम में देरी नहीं की थी। न ही काम में किसी तरह की ढिलाई बरती थी। वे पटवारी प्रांतीय संघ के आह्वान पर प्रदेशव्यापी आंदोलन (Statewide agitation) में शामिल हुए थे। इसी कारण स्वामित्व योजना का काम नहीं कर पाए थे। इसके लिए उन्होंने माफी मांगी।
लिखित में दिया आश्वासन, ईमानदारी से करेंगे काम
पटवारियों ने प्रशासन को लिखित में आश्वासन भी दिया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में सभी काम पूरी ईमानदारी से करेंगे। सरकारी कामकाज में किसी तरह की अनुशासनहीनता भी नहीं करेंगे। पटवारियों के आवेदन पर सांवेर एसडीएम ने कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा था। इसमें पटवारियों की बहाली की अनुशंसा की गई थी।
कलेक्टर ने जारी किया बहाली का आदेश
कलेक्टर ने एसडीएम के प्रतिवेदन पर विचार करने के बाद आदेश जारी किया। इसमें पटवारियों के आवेदन स्वीकार करने की बात कही गई। साथ ही नौ अक्टूबर को जारी सेवा समाप्ति का आदेश निरस्त कर दिया गया। सभी पटवारियों को फिर सेवा में बहाल कर दिया गया।
इन पटवारियों को किया गया बहाल
कलेक्टर शिवम वर्मा ने सांवेर में पदस्थ पटवारियों की बहाली के आदेश जारी किए हैं। इनमें शैलेश राठौर, संजय रजक और सकलेंद्र सिंह भदौरिया शामिल हैं। इनके अलावा अदम्य त्रिपाठी, दीपा गुप्ता और रंजीत मंडलोई को भी बहाल किया गया है। उल्लेखनीय है कि जिला पटवारी संघ ने सेवा समाप्ति की कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी। संघ ने इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा था। इस पर कलेक्टर ने स्वामित्व योजना में काम करने की शर्त रखी थी। उन्होंने कहा था कि काम करने के बाद बहाली के आवेदनों पर विचार किया जाएगा।