इंदौर कलेक्टर और अपर कलेक्टर ने एसडीएम-तहसीलदारों को लगाई फटकार, कामकाज की खोली पोल
बैठक छोड़कर चले गए कलेक्टर
इंदौर कलेक्टोरेट में शनिवार को राजस्व अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा हुई। बैठक में कई अधिकारी अधूरे कामों को लेकर बहाने बनाते नजर आए। कुछ मामलों में अनियमितताएं भी सामने आईं। अधिकारियों की तैयारी अधूरी देखकर कलेक्टर शिवम वर्मा (Collector Shivam Verma) नाराज हो गए। उन्होंने अधिकारियों से पहले पूरी तैयारी करने को कहा। इसके बाद वे बैठक बीच में छोड़कर चले गए। कलेक्टर ने कहा कि तैयारी पूरी होने के बाद ही बैठक शुरू करेंगे। उन्होंने अपने चेंबर में दोनों अपर कलेक्टरों को बुलाया। इनमें आईएएस पंवार नवजीवन विजय और रिंकेश वैश्य शामिल थे। कलेक्टर ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद बैठक दोबारा शुरू हुई।
एसडीएम हुड्डा के काम से नाराजगी
बैठक में सबसे पहले देपालपुर एसडीएम चरणजीत सिंह हुड्डा के कामकाज की समीक्षा हुई। देपालपुर में पटवारियों की पदस्थापना के बावजूद स्वामित्व योजना का काम धीमा था। संबंधित नायब तहसीलदार के काम में भी कोई प्रगति नहीं दिखी। इस पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि कामकाज में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। लापरवाही करने वालों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
महू तहसीलदार की अनियमितता सामने आई
महू तहसीलदार विवेक सोनी के कामकाज पर भी सवाल उठे। वे लंबे समय से महू में पदस्थ हैं। एक रजिस्ट्री से जुड़े नामांतरण प्रकरण को उन्होंने दो बार खारिज किया था। दोनों बार प्रकरण खारिज करने के लिए अनावश्यक कारण बताए गए थे। कलेक्टर ने सोनी से कहा कि उनके खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इस पर अपर कलेक्टर पंवार नवजीवन विजय ने विभागीय जांच की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोनी के खिलाफ विभागीय जांच का प्रस्ताव भेजा गया है।
हातोद तहसीलदार को नोटिस के निर्देश
हातोद तहसीलदार संगीता गोलिया के दो प्रकरणों में भी लापरवाही सामने आई। दोनों प्रकरणों में न्यायालयीन प्रक्रिया दर्ज नहीं की गई थी। इसके कारण प्रकरण लंबे समय से अटके हुए थे। इस पर गोलिया को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। नायब तहसीलदार चोखेलाल टाक के कामकाज पर भी नाराजगी जताई गई। उनके वेतन में कटौती करने के आदेश दिए गए।
अपर कलेक्टर ने भी अधिकारियों को फटकारा
मुख्यमंत्री के ट्रांजिट विजिट के कारण कलेक्टर को बैठक से जाना पड़ा। उन्होंने बैठक की जिम्मेदारी अपर कलेक्टर पंवार नवजीवन विजय को सौंपी। इसके बाद पंवार ने राजस्व अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने तहसीलदार नारायण नांदेड़ा को अधूरे कामों पर फटकार लगाई। पंवार ने कहा कि आप हर बार काम पूरा करने का आश्वासन देते हैं। इसके बावजूद काम पूरे नहीं हो रहे हैं। मल्हारगंज तहसीलदार शेखर चौधरी के कामकाज पर भी नाराजगी जताई गई। पंवार ने कहा कि आपकी तहसील कामकाज में सबसे फिसड्डी चल रही है।
सभी अधिकारियों के कामकाज का हिसाब
अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य ने अधिकारियों को जवाबदेही तय होने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों के कामकाज का पूरा हिसाब उपलब्ध है। अब ई-गवर्नेंस का दौर है और सभी जानकारी ऑनलाइन दर्ज होती है। काम पूरे नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
अपर कलेक्टर पंवार (IAS Panwar Navjeevan Vijay) ने भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह इंदौर है और यहां हर काम पर नजर रहती है। यह स्कूली बच्चों जैसा काम नहीं है कि गलती करके सुधार ली जाएगी। उन्होंने बैठक के बाद मोबाइल में व्यस्त रहने की आदत पर भी सवाल उठाए। अधिकारियों से कहा कि इस तरह की कार्यप्रणाली अब नहीं चलेगी। बैठक में लोकायुक्त से जुड़े मामलों की बढ़ती संख्या पर भी चिंता जताई गई। अधिकारियों को बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन के कामकाज में भी सुधार नहीं हो रहा है। संबंधित अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने के निर्देश दिए गए।
आठ तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को शोकॉज नोटिस
कलेक्टर शिवम वर्मा ने आठ तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को शोकॉज नोटिस जारी किए। स्वामित्व रजिस्ट्री और अविवादित नामांतरण प्रकरणों में देरी पर यह कार्रवाई हुई। निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा नहीं करने और अनुशासनहीनता के मामले भी सामने आए। सीएम हेल्पलाइन में खराब प्रदर्शन पर दो तहसीलदारों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई। दोनों की दो-दो दिन की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए।