10 रुपए की पानी की बोटल छात्रा को ढाई लाख की पड़ी, एक सिंगल क्लिक से हुआ ये खेल

Aman Vaishnav | Jun 16, 2026, 15:20 IST
पानी की बोटल छात्रा को ढाई लाख की पड़ी
इंदौर में ऑनलाइन शॉपिंग के बाद रिफंड के नाम पर एक कॉलेज छात्रा से दो लाख 50 हजार रुपए की ठगी हुई। ठगों ने लड़की का मोबाइल हैक कर उसके निजी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • इंदौर की एक छात्रा ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से पानी की बोतल ऑर्डर की थी।
  • ठग ने कंपनी का कर्मचारी बनकर रिफंड देने के बहाने UPI लिंक भेजा।
  • लिंक पर क्लिक करते ही छात्रा का मोबाइल हैक हो गया।
  • ठगों ने छात्रा क पर्सनल फोटो और वीडियो चुरा लिए।
  • बदनामी के डर से छात्रा ने ब्लैकमेलर्स के खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए।
  • खाते से पैसे गायब होने पर इस पूरी ठगी का खुलासा हुआ।


पानी की बोतल के ऑर्डर से शुरू हुआ खेल

यह पूरी घटना इंदौर के खजराना थाना इलाके की है। पीड़ित लड़की एक कॉलेज स्टूडेंट है। उसने कुछ दिनों पहले एक ऑनलाइन ऐप या वेबसाइट के जरिए पानी की एक बोतल का ऑर्डर दिया था। ऑर्डर करने के कुछ ही देर बाद उसके पास एक अनजान नंबर से फोन आया।



फोन करने वाले शख्स ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया। उसने छात्रा से कहा कि आपके ऑर्डर के पैसे वापस यानी रिफंड किए जाने हैं। छात्रा उसकी मीठी-मीठी बातों में आ गई और जैसा उसने कहा, वैसा करने को तैयार हो गई।



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एक गलत क्लिक और मोबाइल हुआ हैक

ठगों ने रिफंड की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर छात्रा के मोबाइल पर एक यूपीआई लिंक भेजा। जैसे ही छात्रा ने उस लिंक पर क्लिक किया, उसका मोबाइल फोन पूरी तरह से हैक हो गया।



जानकारी के अनुसार आरोपियों ने रिमोट एक्सेस के जरिए यानी दूर बैठे-बैठे ही उसके मोबाइल का सारा पर्सनल डेटा उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो अपने कब्जे में ले लिए।



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बदनामी के डर से दिए पैसे

डेटा चोरी करने के बाद इन शातिर अपराधियों ने अपना असली रंग दिखाया। उन्होंने छात्रा को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। ठगों ने धमकी दी कि अगर उसने मांगे गए पैसे नहीं दिए तो उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे।



एक आम कॉलेज छात्रा के लिए यह स्थिति बेहद डरावनी थी। लोक-लाज और समाज में बदनामी के डर से वह बुरी तरह सहम गई। उसने पुलिस या अपने घरवालों को कुछ भी नहीं बताया। साथ ही डर के मारे आरोपियों के बताए गए बैंक खातों में कई किस्तों में पैसे ट्रांसफर कर दिए।



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कॉलेज की फीस भरते समय खुला राज

इस पूरी ठगी का पता तब चला जब छात्रा अपने कॉलेज की फीस जमा करने के लिए बैंक पहुंची। जब उसने वहां अपना अकाउंट चेक किया तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।



छात्रा के के खाते से लगभग दो लाख 50 हजार रुपए गायब हो चुके थे। तब जाकर छात्रा को समझ आया कि वह एक बहुत बड़ी धोखाधड़ी का शिकार हो चुकी है। इसके बाद उसने तुरंत अपने परिवार वालों को पूरी बात बताई और खजराना थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।



जांच में जुटी साइबर सेल

एडिसन डीसीपी (जोन-2) अमरेंद्र सिंह के अनुसार पुलिस ने पीड़ित छात्रा की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।



साइबर सेल की टीम उन मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन (UPI ID) की बारीकी से जांच कर रही है, जहां पैसे ट्रांसफर किए गए थे।



FAQ

  1. UPI लिंक से मोबाइल कैसे हैक होता है?
    ठग एक खास तरह का मैलवेयर लिंक (Malware Link) भेजते हैं जो क्लिक करते ही फोन में रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर देता है। इससे आरोपी दूर बैठे आपके फोन की पूरी स्क्रीन देख सकते हैं और डेटा चुरा सकते हैं। असली UPI पेमेंट के लिए कभी भी किसी लिंक पर क्लिक करने की जरूरत नहीं होती।
  2. साइबर ठगी होने पर तुरंत क्या करें?
    तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और बैंक को भी सूचित करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, ट्रांजेक्शन रोकने की संभावना उतनी ज्यादा होगी। नजदीकी पुलिस थाने में भी लिखित शिकायत जरूर दर्ज कराएं।

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