इंदौर के नशामुक्ति केंद्र से 50 से ज्यादा लोग भागे, युवक की आत्महत्या के बाद मचा हड़कंप
ये सभी केंद्र में नशे की लत छुड़ाने के लिए इलाज करा रहे थे। बताया जा रहा है कि लोग दीवार और गेट फांदकर एक-एक करके बाहर निकल गए। इससे चौराहे पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है।
युवक की आत्महत्या के बाद केंद्र में फैली घबराहट
इंदौर के रावजी बाजार थाना प्रभारी मनीष मिश्रा ने बताया कि सुबह केंद्र में एक युवक ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान एस. लोधी के रूप में हुई है। युवक ने सुबह केंद्र में आयोजित क्लास भी अटेंड की थी। इसके बाद उसने तबीयत ठीक नहीं लगने की बात कही और कमरे में चला गया। बाद में उसने कमरे में आत्महत्या कर ली। टीआई मिश्रा के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलने के बाद इलाज कराने आए लोगों में संभवतः घबराहट फैल गई। इसके बाद लोग केंद्र से बाहर निकलने लगे। पुलिस के अनुसार, केंद्र से करीब 50 से 70 लोग भागे हैं।
केंद्र ने पुलिस को अभी तक नहीं दी सूची
पुलिस ने बताया कि केंद्र प्रबंधन से सभी भागने वाले लोगों की सूची मांगी गई है। केंद्र संचालक फिलहाल अपने स्तर पर सभी के परिजनों से फोन पर संपर्क कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित लोग अपने घर पहुंचे हैं या नहीं। जो लोग घर नहीं पहुंचे होंगे, उनकी जानकारी सूची से मिलान करके पुलिस को दी जाएगी। इसके बाद पुलिस मामले की जांच करेगी। केंद्र से भागने वाले लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। उनसे यह जानने का प्रयास होगा कि आखिर वे केंद्र से क्यों भागे।
टीआई बोले- नशामुक्ति केंद्र कोई बंदीगृह नहीं
केंद्र की लापरवाही के सवाल पर टीआई मनीष मिश्रा ने भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति केंद्र कोई बंदीगृह नहीं होता है। इसलिए यहां बंदीगृह जैसी सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती। टीआई के मुताबिक, आत्महत्या की घटना से उपचाररत लोगों में घबराहट फैली होगी। संभवतः इसी कारण बड़ी संख्या में लोग एक साथ केंद्र से निकल गए।
चाचा बोले- सुबह ही जमा कराए थे छह हजार रुपए
आत्महत्या करने वाले युवक के चाचा केशव लोधी ने केंद्र प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह ही केंद्र से मासिक शुल्क जमा करने के लिए फोन आया था। केशव लोधी के मुताबिक, उन्होंने केंद्र में छह हजार रुपए जमा कराए थे। इसके साथ ही उन्होंने अपने भतीजे का वीडियो भी मांगा था। लेकिन वीडियो मिलने से पहले ही भतीजे की आत्महत्या की खबर आ गई। केशव लोधी ने इसे केंद्र की लापरवाही बताते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने बताया कि उनका भतीजा एक महीने और तीन दिन से केंद्र में रह रहा था।