ब्रिक्स देशों की कृषि बैठक में इंदौर डिक्लेरेशन पास, शिवराज बोले- अलनीनो का प्रभाव संभव

Sanjay Gupta | Jun 13, 2026, 19:40 IST
Photograph: (the sootr)
ब्रिक्स देशों की कृषि मंत्री स्तर और अधिकारियों की बैठकों का शनिवार 13 जून को समापन हुआ। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सभी ने मिलकर सहमति से बड़े फैसले लिए। इसे इंदौर डिक्लेरेशन के नाम से जाना जाएगा।

INDORE. ब्रिक्स देशों के कृषि बैठक के बाद कई फैसले सर्वसहमति से लिए गए। इन फैसलों की जानकारी शनिवार को केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर में दी। उन्होंने इसे इंदौर डिक्लेरेशन का नाम दिया।



इसमें खाद्य सुरक्षा, किसान कल्याण, जलवायु-सहनीय खेती, कृषि व्यापार और डिजिटल एग्रीकल्चर को नई दिशा देने वाले कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। चौहान ने अपने सहयोगी मंत्रियों रामनाथ ठाकुर और भागीरथ चौधरी तथा वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में मीडिया से चर्चा में इनकी जानकारी दी।



किसानों को खाद पर सब्सिडी मिलती रहेगी

वैश्विक संकट, युद्ध और कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण उर्वरकों की लागत बढ़ने और किसानों पर पड़ने वाले असर के सवाल पर चौहान ने स्पष्ट कहा कि भारत सरकार ने यह निर्णय लिया है कि किसानों को सस्ती दर पर ही खाद मिलती रहेगी।



शिवराज सिंह ने कहा कि यूरिया की बोरी 266 रुपए और DAP की बोरी 1350 रुपए की दर से ही उपलब्ध कराई जाती रहेगी। बढ़ी हुई लागत का पूरा अतिरिक्त भार केंद्र सरकार अपने ऊपर ले रही है और संकट की इस स्थिति में किसानों के साथ खड़ा रहना सरकार का धर्म है।



अलनीनो का हो सकता है प्रभाव: सीएम चौहान

अल-नीनो के संभावित प्रभावों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसका असर भारत सहित एशिया-प्रशांत के कई देशों पर पड़ सकता है, लेकिन देश अपनी पूरी तैयारियां कर रहे हैं और चुनौतियों का सामना करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई है।



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चार मुख्य प्राथमिकताएं: किसान, खाद्य सुरक्षा और जलवायु

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में चार प्रमुख प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। खाद्य सुरक्षा (फूड सिक्योरिटी) और पौष्टिक आहार, कृषि व्यापार और सहयोग को बढ़ावा, जलवायु परिवर्तन की चुनौती के बीच रीजेनेरेटिव फार्मिंग, जलवायु अनुकूल और सतत कृषि पद्धतियां, खाद्य प्रणालियों और कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीक और साझेदारी को मजबूत करना अहम मुद्दे थे।



‘इंदौर डिक्लेरेशन’: किसान-केंद्रित वैश्विक घोषणापत्र

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि व्यापक विचार-विमर्श के बाद जो संयुक्त घोषणा पत्र तैयार हुआ, उसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया और इंदौर में अपनाए जाने के कारण इसे ‘इंदौर डिक्लेरेशन’ के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घोषणा पत्र का केंद्र किसान है- किसान को केंद्र में रखकर खाद्य सुरक्षा, पोषण, आजीविका, कृषि व्यापार, नवाचार, निवेश, क्लाइमेट रेज़िलिएंट खेती और सतत कृषि विकास को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता इस डिक्लेरेशन में दर्ज की गई है।



चार बड़े कदम उठाए जाएंगे

  1. पहली बड़ी पहल BRICS Network of Centres of Excellence on Agro-Ecology and Regenerative Agriculture की स्थापना है।
  2. दूसरी प्रमुख पहल BRICS Network on Digital Agriculture की स्थापना है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भू-स्थानिक तकनीक, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा आधारित कृषि समाधानों के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देगा।
  3. तीसरी महत्वपूर्ण घोषणा Global Forum on Farmers’ Rights in Seed Systems की स्थापना से जुड़ी है, जिसका उद्देश्य किसानों के बीज संबंधी अधिकारों, देशी बीजों की विविधता और पारंपरिक ज्ञान की रक्षा करना है।
  4. चौथी बड़ी पहल BRICS AgriN (Agro Inputs, Genetic Resources and Information Network) की स्थापना है, जो सदस्य देशों के बीच कृषि आदानों, बीजों और अनुवांशिक संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करेगा।

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