इंदौर पुलिस पिटी, अधिकारियों की चुप्पी, अज्ञात पर केस, मोहसिन अभी भी 500 करोड़ की विवादित जमीन पर
इंदौर में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात को पुलिस पिट गई। यह विवाद डायमंड गृह निर्माण सोसायटी की डायमंड कॉलोनी की 500 करोड़ की जमीन का है।
वहीं मंगलवार को द सूत्र ने इस मामले में खबर प्रकाशित की। तब जाकर इसमें रात साढ़े ग्यारह बजे केस दर्ज हुआ, लेकिन वह भी अज्ञात पर।
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर जिस जिले में प्रभारी मंत्री सीएम हैं और गृहमंत्री भी सीएम ही हैं, वहां की पुलिस पिट गई है और पीटने वाला आरोपी अज्ञात है।
आला अधिकारी चुप, टीआई दबा रहे
इस संवेदनशील मामले में वरिष्ठ अधिकारी डीसीपी अमन सिंह राठौर हों, एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह या एसीपी कुंदन मंडलोई सभी चुप हैं।
बता दें कि टीआई कनाडिया सहर्ष यादव ने पहले द सूत्र से कहा था कि पुलिस को पीटने वाली कोई घटना नहीं हुई है।
केवल दो पक्षों में विवाद था और पुलिस ने मामले को टाला और राजीनामा हो गया। लेकिन जब सीपी संतोष सिंह ने खबर के बाद सख्ती की तो फिर रात को एफआईआर हुई।
एफआईआर में दो के पिटने की बात, चार पिटे
एफआईआर आरक्षक विजय सिकरवार के आवेदन पर लिखी गई है। इसमें कहा गया है कि दो पक्षों में विवाद हुआ था। इसमें एक ओर रहवासी (कॉलोनी वाले) थे और साथ ही संयम इन्फ्रा के लोग थे।
विजय सिकरवार ने बताया कि मैं, आशीष शर्मा के साथ गया था। वहां पथराव भी हुआ था। किसी ने शर्मा के सिर पर डंडे से वार किया। हमला करने वालों को हम पहचानते नहीं हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना में केवल यह दो नहीं, बल्कि रविंद्र और आर. जाट नाम के दो और पुलिसकर्मी भी पिटे थे। हालांकि उनकी चोट गंभीर नहीं थी, लेकिन सिकरवार और शर्मा को 16 और आठ टांके आए।
पिटने के बाद टीआई यादव मौके पर पहुंचे। इसके बाद गुंडों को जमा करने वाले और पीटने वालों में शामिल मुख्य आरोपी मोहसिन को भी थाने लेकर आए थे। लेकिन वहां से उसे फिर छोड़ दिया गया।
मौके से डीवीआर गायब, मोहसिन अभी भी जमीन पर
इस मामले में पुलिस ने अज्ञात पर केस किया। माना जा रहा है कि यह आरोपी मोहसिन व अन्य अज्ञात में ही रहेंगे। मामला बड़े लोगों और 500 करोड़ की जमीन का होने से सभी चुप हैं।
वहीं आरोपी मोहसिन इस विवादित जमीन की रक्षा के लिए भूमाफियाओं की ओर से अभी भी तैनात है। वहीं आरोपियों की पहचान नहीं हो, इसके लिए बताया जाता है कि पास की दुकान के सीसीटीवी का डीवीआर गायब है।
संयम इन्फ्रा में प्रतीक संघवी मुख्य
एफआईआर में जिस संयम इन्फ्रा का नाम आया है, उसमें डायरेक्टर प्रतीक संघवी और जयश्री संघवी हैं। पहले दिलीप सिसौदिया (मद्दा) भी डायरेक्टर पद पर था, लेकिन कंपनी के बीच में मनमुटाव होने पर वह कुछ साल पहले पद छोड़ चुका है। हालांकि, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज में डायरेक्टरशिप अपडेट नहीं हुई है।
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